Acts · chapter 26 · verse 11
Acts 26:11 in Hindi
और हर आराधनालय में मैं उन्हें ताड़ना दिला दिलाकर यीशु की निन्दा करवाता था, यहां तक कि क्रोध के मारे ऐसा पागल हो गया, कि बाहर के नगरों में भी जाकर उन्हें सताता था।
Aur har aaraadhanaalay mem maim unhem taadanaa dilaa dilaakar yeeshu kee nindaa karavaataa thaa, yahaam tak ki krodh ke maare aisaa paagal ho gayaa, ki baahar ke nagarom mem bhee jaakar unhem sataataa thaa.
Acts 26:11 in English
- King James Version (KJV)
- And I punished them oft in every synagogue, and compelled [them] to blaspheme; and being exceedingly mad against them, I persecuted [them] even unto strange cities.
- World English Bible (WEB)
- Punishing them often in all the synagogues, I tried to make them blaspheme. Being exceedingly enraged against them, I persecuted them even to foreign cities.
- American Standard Version (ASV)
- And punishing them oftentimes in all the synagogues, I strove to make them blaspheme; and being exceedingly mad against them, I persecuted them even unto foreign cities.
- Bible in Basic English (BBE)
- And I gave them punishment frequently, in all the Synagogues, forcing them to say things against God; and burning with passion against them, I went after them even into far-away towns.
- Darby Translation (DBY)
- And often punishing them in all the synagogues, I compelled them to blaspheme. And, being exceedingly furious against them, I persecuted them even to cities out [of our own land].
- Webster's Bible (WBS)
- And I punished them often in every synagogue, and compelled [them] to blaspheme; and being exceedingly enraged against them, I persecuted [them] even to foreign cities.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and in every synagogue, often punishing them, I was constraining [them] to speak evil, being also exceedingly mad against them, I was also persecuting [them] even unto strange cities.
Read in context
- 9मैं ने भी समझा था कि यीशु नासरी के नाम के विरोध में मुझे बहुत कुछ करना चाहिए।
- 10और मैं ने यरूशलेम में ऐसा ही किया; और महायाजकों से अधिकार पाकर बहुत से पवित्रा लोगों को बन्दीगृह में डाल, और जब वे मार डाले जाते थे, तो मैं भी उन के विरोध में अपनी सम्पति देता था।
- 11और हर आराधनालय में मैं उन्हें ताड़ना दिला दिलाकर यीशु की निन्दा करवाता था, यहां तक कि क्रोध के मारे ऐसा पागल हो गया, कि बाहर के नगरों में भी जाकर उन्हें सताता था।
- 12इसी धुन में जब मैं महायाजकों से अधिकार और परवाना लेकर दमिश्क को जा रहा था।
- 13तो हे राजा, मार्ग में दोपहर के समय मैं ने आकाश से सूर्य के तेज से भी बढ़कर एक ज्योति अपने और अपने साथ चलनेवालों के चारों ओर चमकती हुई देखी।
Cross references
- Acts 13:45 प्रेरितों के काम 13:45परन्तु यहूदी भीड़ को देखकर डाह से भर गए, और निन्दा करते हुए पौलुस की बातों के विरोध में बोलने लगे।
- Acts 22:19 प्रेरितों के काम 22:19मैं ने कहा; हे प्रभु वे तो आप जानते हैं, कि मैं तुझ पर विश्वास करनेवालों को बन्दीगृह में डालता और जगह जगह आराधनालय में पिटवाता था।
- Matthew 10:17 मत्ती 10:17परन्तु लोगों से सावधान रहो, क्योंकि वे तुम्हें महासभाओं में सौपेंगे, और अपनी पंचायत में तुम्हें कोड़े मारेंगे।
- Acts 9:1 प्रेरितों के काम 9:1और शाऊल जो अब तक प्रभु के चेलों को धमकाने और घात करने की धुन में था, महायाजक के पास गया।
- Acts 22:5 प्रेरितों के काम 22:5इस बात के लिये महायाजक और सब पुरनिये गवाह हैं; कि उन में से मैं भाइयों के नाम पर चिटि्ठयां लेकर दमिश्क को चला जा रहा था, कि जो वहां हों उन्हें भी दण्ड दिलाने के लिये बान्धकर यरूशलेम में लाऊं।
- James 2:7 याकूब 2:7क्या वे उस उत्तम नाम की निन्दा नहीं करते जिस के तुम कहलाए जाते हो?
- Acts 18:6 प्रेरितों के काम 18:6परन्तु जब वे विरोध और निन्दा करने लगे, तो उस ने अपने कपड़े झाड़कर उन से कहा; तुम्हारा लोहू तुम्हारी गर्दन पर रहे: मैं निदौष हूं: अब ऐ मैं अन्यजातियों के पास जाऊंगा।
- Acts 26:24–25 प्रेरितों के काम 26:24–25जब वह इस रीति से उत्तर दे रहा था, तो फेस्तुस ने ऊंचे शब्द से कहा; हे पौलुस, तू पागल है: बहुत विद्या ने तुझे पागल कर दिया है। परन्तु उस ने कहा; हे महाप्रतापी फेस्तुस, मैं पागल नहीं, परन्तु सच्चाई और बुद्धि की बातें कहता हूं।
- Luke 21:12 लूका 21:12परन्तु इन सब बातों से पहिले वे मेरे नाम के कारण तुम्हें पकडें़गे, और सताएंगे, और पंचायतों में सौपेंगे, और बन्दीगृह मे डलवाएंगे, और राजाओं और हाकिमों के साम्हने ले जाएंगे।
- Mark 3:28 मरकुस 3:28मैं तुम से सच कहता हूं, कि मनुष्यों की सन्तान के सब पाप और निन्दा जो वे करते हैं, क्षमा की जाएगी।
- Luke 15:17 लूका 15:17जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
- Hebrews 10:28–29 इब्रानियों 10:28–29जब कि मूसा की व्यवस्था का न माननेवाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है। तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्ड के योग्य ठहरेगा, जिस ने परमेश्वर के पुत्रा को पांवों से रौंदा, और वाचा के लोहू को जिस के द्वारा वह पवित्रा ठहराया गया था, अपवित्रा जाना हैं, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- punished · G5097τιμωρέω timōréō
- them · G846αὐτός autós
- oft · G4178πολλάκις pollákis
- in · G2596κατά katá
- every · G3956πᾶς pâs
- synagogue · G4864συναγωγή synagōgḗ
- compelled · G315ἀναγκάζω anankázō
- blaspheme · G987βλασφημέω blasphēméō
- and · G5037τέ té
- being · G1693ἐμμαίνομαι emmaínomai
- exceedingly · G4057περισσῶς perissōs
- mad · G1693ἐμμαίνομαι emmaínomai
- them · G846αὐτός autós
- persecuted · G1377διώκω diṓkō
- even · G2193ἕως héōs
- unto · G1519εἰς eis
- strange · G1854ἔξω éxō
- cities · G4172πόλις pólis