Colossians · chapter 2 · verse 20
Colossians 2:20 in Hindi
जब कि तुम मसीह के साथ संसार की आदि शिक्षा की ओर से मर गए हो, तो फिर उन के समान जो संसार में जीवन बिताते हैं मनुष्यों की आज्ञाओं और शिक्षानुसार
Jab ki tum maseeh ke saath sansaar kee aadi shikshaa kee or se mar gae ho, to phir un ke samaan jo sansaar mem jeevan bitaate haim manushyom kee aajnyaaom aur shikshaanusaar
Colossians 2:20 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore if ye be dead with Christ from the rudiments of the world, why, as though living in the world, are ye subject to ordinances,
- World English Bible (WEB)
- If you died with Christ from the elemental spirits of the world, why, as though living in the world, do you subject yourselves to ordinances,
- American Standard Version (ASV)
- If ye died with Christ from the rudiments of the world, why, as though living in the world, do ye subject yourselves to ordinances,
- Bible in Basic English (BBE)
- If you were made free, by your death with Christ, from the rules of the world, why do you put yourselves under the authority of orders
- Darby Translation (DBY)
- If ye have died with Christ from the elements of the world, why as [if] alive in [the] world do ye subject yourselves to ordinances?
- Webster's Bible (WBS)
- Wherefore, if ye are dead with Christ from the rudiments of the world, why, as though living in the world, are ye subject to ordinances,
- Young's Literal Translation (YLT)
- If, then, ye did die with the Christ from the rudiments of the world, why, as living in the world, are ye subject to ordinances?
Read in context
- 18कोई मनुष्य दीनता और स्वर्गदूतों की पूजा करके तुम्हें दोड़ के प्रतिफल से वंचित न करे। ऐसा मनुष्य देखी हुई बातों में लगा रहता है और अपनी शारीरिक समझ पर व्यर्थ फूलता है।
- 19और उस शिरोमणि को पकड़े नहीं रहता जिस से सारी देह जोड़ों और पट्ठों के द्वारा पालन- पोषण पाकर और एक साथ गठकर, परमेश्वर की ओर से बढ़ती जाती है।।
- 20जब कि तुम मसीह के साथ संसार की आदि शिक्षा की ओर से मर गए हो, तो फिर उन के समान जो संसार में जीवन बिताते हैं मनुष्यों की आज्ञाओं और शिक्षानुसार
- 21और ऐसी विधियों के वश में क्यों रहते हो? कि यह न छूना, उसे न चखना, और उसे हाथ न लगाना।
- 22(क्योंकि ये सब वस्तु काम में लाते लाते नाश हो जाएंगी)।
Cross references
- Colossians 2:8 कुलुस्सियों 2:8चौकस रहो कि कोई तुम्हें उस तत्व- ज्ञान और व्यर्थ धोखे के द्वारा अहेर न करे ले, जो मनुष्यों के परम्पराई मत और संसार की आदि शिक्षा के अनुसार है, पर मसीह के अनुसार नहीं।
- Galatians 4:3 गलातियों 4:3वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में होकर दास बने हुए थे।
- Colossians 2:16 कुलुस्सियों 2:16इसलिये खाने पीने या पर्ब्ब या नए चान्द, या सब्तों के विषय में तुम्हारा कोई फैसला न करे।
- Colossians 2:14 कुलुस्सियों 2:14और विधियों का वह लेख जो हमारे नाम पर और हमारे विरोध में था मिटा डाला; और उस को क्रूस पर कीलों से जड़कर साम्हने से हटा दिया है।
- Romans 7:4–6 रोमियों 7:4–6सो हे मेरे भाइयो, तुम भी मसीह की देह के द्वारा व्यवस्था के लिये मरे हुए बन गए, कि उस दूसरे के हो जाओ, जो मरे हुओं में से जी उठा: ताकि हम परमेश्वर के लिये फल लाएं। क्योंकि जब हम शारीरिक थे, तो पापों की अभिलाषायें जो व्यवस्था के द्वारा थी, मृत्यु का फल उत्पन्न करने के लिये हमारे अंगों में काम करती थीं। परन्तु जिस के बन्धन में हम थे उसके लिये मर कर, अब व्यवस्था से ऐसे छूट गए, कि लेख की पुरानी रीति पर नहीं, बरन आत्मा की नई रीति पर सेवा करते हैं।।
- Hebrews 13:9 इब्रानियों 13:9नाना प्रकार के और ऊपरी उपदेशों से न भरमाए जाओ, क्योंकि मन का अनुग्रह से दृढ़ रहना भला है, न कि उन खाने की वस्तुओं से जिन से काम रखनेवालों को कुछ लाभ न हुआ।
- 1 John 5:19 1 यूहन्ना 5:19हम जानते हैं, कि हम परमेश्वर से हैं, और सारा संसार उस दुष्ट के वंश में पड़ा है।
- Galatians 2:19–20 गलातियों 2:19–20मैं जो व्यवसिाा के द्वारा व्यवस्था के लिये मर गया, कि परमेश्वर के लिये जीऊं। मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूं तो केवल उस विश्वास से जीवित हूं, जो परमेश्वर के पुत्रा पर है, जिस ने मुझ से प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आप को दे दिया।
- 1 Peter 4:1–3 1 पतरस 4:1–3सो जब कि मसीह ने शरीर में होकर दुख उठाया तो तुम भी उस ही मनसा को धारण करके हथियार बान्ध लो क्योंकि जिस शरीर में दुख उठाया, वह पाप से छूट गया। ताकि भविष्य में अपना शेष शारीरिक जीवन मनुष्यों की अभिलाषाओं के अनुसार नहीं बरन परमेश्वर की इच्छा के अनुसार व्यतीत करो। क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ।
- 2 Corinthians 10:3 2 कुरिन्थियों 10:3क्योंकि यद्यपि हम शरीर में चलते फिरते हैं, तौभी शरीर के अनुसार नहीं लड़ते।
- Galatians 4:9–12 गलातियों 4:9–12पर अब जो तुम ने परमेश्वर को पहचान लिया बरन परमेश्वर ने तुम केा पहचाना, तो उन निर्बल और निकम्मी आदि- शिक्षा की बातों की ओर क्यों फिरते हो, जिन के तुम दोबारा दास होना चाहते हो? तुम दिनों और महीनों और नियत समयों और वर्षों को मानते हो। मैं तुम्हारे विषय में डरता हूं, कहीं ऐसा न हो, कि जो परिश्रम मैं नं तुम्हारे लिये किया है व्यर्थ ठहरे।। हे भाइयों, मैं तुम से बिनती करता हूं, तुम मेरे समान हो जाओ: क्योंकि मैं भी तुम्हारे समान हुआ हूं; तुम ने मेरा कुछ बिगाड़ा नहीं।
- James 4:4 याकूब 4:4हे व्यभिचारिणियों, क्या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्राता करनी परमेश्वर से बैर करना है? सो जो कोई संसार का मित्रा होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है।
Original words (Greek)
- Wherefore · G3767οὖν oûn
- if · G1487εἰ ei
- dead · G599ἀποθνήσκω apothnḗskō
- with · G4862σύν sýn
- Christ · G5547Χριστός Christós
- from · G575ἀπό apó
- rudiments · G4747στοιχεῖον stoicheîon
- world · G2889κόσμος kósmos
- why · G5101τίς tís
- though · G5613ὡς hōs
- living · G2198ζάω záō
- in · G1722ἐν en
- world · G2889κόσμος kósmos
- ordinances · G1379δογματίζω dogmatízō