Colossians · chapter 2 · verse 19
Colossians 2:19 in Hindi
और उस शिरोमणि को पकड़े नहीं रहता जिस से सारी देह जोड़ों और पट्ठों के द्वारा पालन- पोषण पाकर और एक साथ गठकर, परमेश्वर की ओर से बढ़ती जाती है।।
Aur us shiromani ko pakade naheem rahataa jis se saaree deh jodom aur patthom ke dvaaraa paalana- poshan paakar aur ek saath gathakar, parameshvar kee or se badhatee jaatee hai..
Colossians 2:19 in English
- King James Version (KJV)
- And not holding the Head, from which all the body by joints and bands having nourishment ministered, and knit together, increaseth with the increase of God.
- World English Bible (WEB)
- and not holding firmly to the Head, from whom all the body, being supplied and knit together through the joints and ligaments, grows with God’s growth.
- American Standard Version (ASV)
- and not holding fast the Head, from whom all the body, being supplied and knit together through the joints and bands, increaseth with the increase of God.
- Bible in Basic English (BBE)
- And not joined to the Head, from whom all the body, being given strength and kept together through its joins and bands, has its growth with the increase of God.
- Darby Translation (DBY)
- and not holding fast the head, from whom all the body, ministered to and united together by the joints and bands, increases with the increase of God.
- Webster's Bible (WBS)
- And not holding the head, from which all the body by joints and bands having nourishment ministered, and knit together, increaseth with the increase of God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and not holding the head, from which all the body — through the joints and bands gathering supply, and being knit together — may increase with the increase of God.
Read in context
- 17क्योंकि ये सब आनेवाली बातों की छाया हैं, पर मूल वस्तुएं मसीह की हैं।
- 18कोई मनुष्य दीनता और स्वर्गदूतों की पूजा करके तुम्हें दोड़ के प्रतिफल से वंचित न करे। ऐसा मनुष्य देखी हुई बातों में लगा रहता है और अपनी शारीरिक समझ पर व्यर्थ फूलता है।
- 19और उस शिरोमणि को पकड़े नहीं रहता जिस से सारी देह जोड़ों और पट्ठों के द्वारा पालन- पोषण पाकर और एक साथ गठकर, परमेश्वर की ओर से बढ़ती जाती है।।
- 20जब कि तुम मसीह के साथ संसार की आदि शिक्षा की ओर से मर गए हो, तो फिर उन के समान जो संसार में जीवन बिताते हैं मनुष्यों की आज्ञाओं और शिक्षानुसार
- 21और ऐसी विधियों के वश में क्यों रहते हो? कि यह न छूना, उसे न चखना, और उसे हाथ न लगाना।
Cross references
- Ephesians 4:15–16 इफिसियों 4:15–16बरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जा सिर है, अर्थात् मसीह में बढ़ते जाएं। जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में हाता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।।
- John 15:4–6 यूहन्ना 15:4–6तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
- 1 Timothy 2:4–6 1 तीमुथियुस 2:4–6वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें। क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात् मसीह यीशु जो मनुष्य है। जिस ने अपने आप को सब के छुटकारे के दाम में दे दिया; ताकि उस की गवाही ठीक समयों पर दी जाए।
- Romans 12:4–5 रोमियों 12:4–5क्योंकि जैसे हमारी एक देह में बहुत से अंग हैं, और सब अंगों का एक ही सा काम नहीं। वैसा ही हम जो बहुत हैं, मसीह में एक देह होकर आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
- 2 Peter 3:18 2 पतरस 3:18पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
- Colossians 2:2 कुलुस्सियों 2:2ताकि उन के मनों में शान्ति हो और वे प्रेम से आपस में गठे रहें, और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात् मसीह को पहिचान लें।
- 1 Peter 3:8 1 पतरस 3:8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- 1 Thessalonians 3:12 1 थिस्सलुनीकियों 3:12और प्रभु ऐसा करे, कि जेसा हम तुम से प्रेम रखते हैं; वैसा ही तुम्हारा प्रेम भी आपस में, और सब मनुष्यों के साथ बढ़े, और उन्नति करता जाए।
- 1 Thessalonians 4:10 1 थिस्सलुनीकियों 4:10और सारे मकिदुनिया के सब भाइयों के साथ ऐसा करते भी हो, पर हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि और भी बढ़ते जाओ।
- 2 Thessalonians 1:3 2 थिस्सलुनीकियों 1:3हे भाइयो, तुम्हारे विषय में हमें हर समय परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए, और यह उचित भी है इसलिये कि तुम्हारा विश्वास बहुत बढ़ता जाता है, और तुम सब को प्रेम आपस में बहुत ही होता जाता है।
- 1 Corinthians 3:6 1 कुरिन्थियों 3:6मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया।
- Acts 4:32 प्रेरितों के काम 4:32और विश्वास करनेवालों की मण्डली एक चित्त और एक मन के थे यहां तक कि कोई भी अपनी सम्पति अपनी नहीं कहता था, परन्तु सब कुछ साझे का था।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- not · G3756οὐ ou
- holding · G2902κρατέω kratéō
- Head · G2776κεφαλή kephalḗ
- from · G1537ἐκ ek
- which · G3739ὅς hós
- all · G3956πᾶς pâs
- body · G4983σῶμα sōma
- by · G1223διά diá
- joints · G860ἁφή haphḗ
- and · G2532καί kaí
- bands · G4886σύνδεσμος sýndesmos
- ministered · G2023ἐπιχορηγέω epichorēgéō
- and · G2532καί kaí
- together · G4822συμβιβάζω symbibázō
- with · G837αὐξάνω auxánō
- increase · G838αὔξησις aúxēsis
- God · G2316θεός theós