Daniel · chapter 11 · verse 5
Daniel 11:5 in Hindi
तब दक्खिन देश का राजा बल पकड़ेगा; परन्तु उसका एक हाकिम उस से अधिक बल पकड़कर प्रभुता करेगा; यहां तक कि उसकी प्रभुता बड़ी हो जाएगी।
Tab dakkhin desh kaa raajaa bal pakadegaa; parantu usakaa ek haakim us se adhik bal pakadakar prabhutaa karegaa; yahaam tak ki usakee prabhutaa badee ho jaaegee.
Daniel 11:5 in English
- King James Version (KJV)
- And the king of the south shall be strong, and [one] of his princes; and he shall be strong above him, and have dominion; his dominion [shall be] a great dominion.
- World English Bible (WEB)
- “The king of the south will be strong. One of his princes will become stronger than him, and have dominion. His dominion will be a great dominion.
- American Standard Version (ASV)
- And the king of the south shall be strong, and [one] of his princes; and he shall be strong above him, and have dominion; his dominion shall be a great dominion.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the king of the south will be strong, but one of his captains will be stronger than he and will be ruler; and his rule will be a great rule.
- Darby Translation (DBY)
- And the king of the south, who is one of his princes, shall be strong; but [another] shall be stronger than he, and have dominion: his dominion shall be a great dominion.
- Webster's Bible (WBS)
- And the king of the south shall be strong, and [one] of his princes; and he shall be strong above him, and have dominion; his dominion [shall be] a great dominion.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And a king of the south — even of his princes — doth become strong, and doth prevail against him, and hath ruled; a great dominion [is] his dominion.
Read in context
- 3उसके बाद एक पराक्रमी राजा उठकर अपना राज्य बहुत बढ़ाएगा, और अपनी इच्छा के अनुसार ही काम किया करेगा।
- 4और जब वह बड़ा होगा, तब उसका राज्य टूटेगा और चारों दिशाओं में बटकर अलग अलग हो जाएगा; और न तो उसके राज्य की शक्ति ज्यों की त्यों रहेगी और न उसके वंश को कुछ मिलेगा; क्योंकि उसका राज्य उखड़कर, उनकी अपेक्षा और लोगों को प्राप्त होगा।।
- 5तब दक्खिन देश का राजा बल पकड़ेगा; परन्तु उसका एक हाकिम उस से अधिक बल पकड़कर प्रभुता करेगा; यहां तक कि उसकी प्रभुता बड़ी हो जाएगी।
- 6कई वर्षों के बीतने पर, वे दोनों आपस में मिलेंगे, और दक्खिन देश के राजा की बेटी उत्तर देश के राजा के पास शान्ति की वाचा बान्धने को आएगी; परन्तु उसका बाहुबल बना न रहेगा, और न वह राजा और न उसका नाम रहेगा; परन्तु वह स्त्री अपने पहुंचानेवालों और अपने पिता और अपने सम्भालनेवालों समेत अलग कर दी जाएगी।।
- 7फिर उसकी जड़ों में से एक डाल उत्पन्न होकर उसके स्थान में बढ़ेगी; वह सेना समेत उत्तर के राजा के गढ़ में प्रवेश करेगा, ओश्र उन से युद्ध करके प्रबल होगा।
Cross references
- Daniel 11:25 दानिय्येल 11:25तब वह दक्खिन देश के राजा के विरूद्ध बड़ी सेना लिए हुए अपने बल और हियाव को बढ़ाएगा, और दक्खिन देश का राजा अत्यन्त बड़ी सामर्थी सेना लिए हुए युद्ध तो करेगा, परन्तु ठहर न सकेगा, क्योंकि लोग उसके विरूद्ध कल्पना करेंगे।
- Daniel 11:14 दानिय्येल 11:14उन दिनों में बहुत से लोग दक्खिन देश के राजा के विरूद्ध उठेंगे; वरन तेरे लोगों में से भी बलात्कारी लोग उठ खड़े होंगे, जिस से इस दर्शन की बात पूरी हो जाएगी; परन्तु वे ठोकर खाकर गिरेंगे।
- Daniel 11:11 दानिय्येल 11:11तब दक्खिन देश का राजा चिढ़ेगा, और निकलकर उत्तर देश के उस राजा से युद्ध करेगा, और वह राजा लड़ने के लिये बड़ी भीड़ इकट्ठी करेगा, परन्तु वह भीड़ उसके हाथ में कर दी जाएगी।
- Daniel 11:40 दानिय्येल 11:40अन्त के समय दक्खिन देश का राजा उसको सींग मारने लगेगा; परन्तु उत्तर देश का राजा उस पर बवण्डर की नाईं बहुत से रथ- सवार और जहाज लेकर चढ़ाई करेगा; इस रीति से वह बहुत से देशों में फैल जाएगा, और उन में से निकल जाएगा।
- Daniel 11:3–4 दानिय्येल 11:3–4उसके बाद एक पराक्रमी राजा उठकर अपना राज्य बहुत बढ़ाएगा, और अपनी इच्छा के अनुसार ही काम किया करेगा। और जब वह बड़ा होगा, तब उसका राज्य टूटेगा और चारों दिशाओं में बटकर अलग अलग हो जाएगा; और न तो उसके राज्य की शक्ति ज्यों की त्यों रहेगी और न उसके वंश को कुछ मिलेगा; क्योंकि उसका राज्य उखड़कर, उनकी अपेक्षा और लोगों को प्राप्त होगा।।
- Daniel 11:8–9 दानिय्येल 11:8–9तब वह उसके देवताओं की ढली हुई मूरतों, और सोने- चान्दी के मनभाऊ पात्रों को छीनकर मि में ले जाएगा; इसके बाद वह कुछ वर्ष तक उत्तर देश के राजा के विरूद्ध हाथ रोके रहेगा। ृतब वह राजा दक्खिन देश के राजा के देश में आएगा, परन्तु फिर अपने देश में लौट जाएगा।।