Daniel · chapter 11 · verse 7
Daniel 11:7 in Hindi
फिर उसकी जड़ों में से एक डाल उत्पन्न होकर उसके स्थान में बढ़ेगी; वह सेना समेत उत्तर के राजा के गढ़ में प्रवेश करेगा, ओश्र उन से युद्ध करके प्रबल होगा।
Phir usakee jadom mem se ek daal utpann hokar usake sthaan mem badhegee; vah senaa samet uttar ke raajaa ke gadh mem pravesh karegaa, oshr un se yuddh karake prabal hogaa.
Daniel 11:7 in English
- King James Version (KJV)
- But out of a branch of her roots shall [one] stand up in his estate, which shall come with an army, and shall enter into the fortress of the king of the north, and shall deal against them, and shall prevail:
- World English Bible (WEB)
- “But out of a shoot from her roots one will stand up in his place, who will come to the army and will enter into the fortress of the king of the north, and will deal against them and will prevail.
- American Standard Version (ASV)
- But out of a shoot from her roots shall one stand up in his place, who shall come unto the army, and shall enter into the fortress of the king of the north, and shall deal against them, and shall prevail.
- Bible in Basic English (BBE)
- But out of a branch from her roots one will come up to take his place, who will come against the army, forcing his way into the strong place of the king of the north, and he will take them in hand and overcome them:
- Darby Translation (DBY)
- But out of a shoot from her roots shall one stand up in his place, who shall come to the army, and shall enter into the fortress of the king of the north, and shall deal against them, and shew himself mighty.
- Webster's Bible (WBS)
- But out of a branch of her roots shall [one] stand up in his estate, who shall come with an army, and shall enter into the fortress of the king of the north, and shall deal against them, and shall prevail:
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And [one] hath stood up from a branch of her roots, [in] his station, and he cometh in unto the bulwark, yea, he cometh into a stronghold of the king of the south, and hath wrought against them, and hath done mightily;
Read in context
- 5तब दक्खिन देश का राजा बल पकड़ेगा; परन्तु उसका एक हाकिम उस से अधिक बल पकड़कर प्रभुता करेगा; यहां तक कि उसकी प्रभुता बड़ी हो जाएगी।
- 6कई वर्षों के बीतने पर, वे दोनों आपस में मिलेंगे, और दक्खिन देश के राजा की बेटी उत्तर देश के राजा के पास शान्ति की वाचा बान्धने को आएगी; परन्तु उसका बाहुबल बना न रहेगा, और न वह राजा और न उसका नाम रहेगा; परन्तु वह स्त्री अपने पहुंचानेवालों और अपने पिता और अपने सम्भालनेवालों समेत अलग कर दी जाएगी।।
- 7फिर उसकी जड़ों में से एक डाल उत्पन्न होकर उसके स्थान में बढ़ेगी; वह सेना समेत उत्तर के राजा के गढ़ में प्रवेश करेगा, ओश्र उन से युद्ध करके प्रबल होगा।
- 8तब वह उसके देवताओं की ढली हुई मूरतों, और सोने- चान्दी के मनभाऊ पात्रों को छीनकर मि में ले जाएगा; इसके बाद वह कुछ वर्ष तक उत्तर देश के राजा के विरूद्ध हाथ रोके रहेगा।
- 9ृतब वह राजा दक्खिन देश के राजा के देश में आएगा, परन्तु फिर अपने देश में लौट जाएगा।।
Cross references
- Jeremiah 12:2 यिर्मयाह 12:2तू उनको बोता और वे जड़ भी पकड़ते; वे बढ़ते और फलते भी हैं; तू उनके मुंह के निकट है परन्तु उनके मनों से दूर है।
- Daniel 11:19–20 दानिय्येल 11:19–20तब वह अपने देश के गढ़ों की ओर मुंह फेरेगा, और वह ठोकर खाकर गिरेगा, और कहीं उसका पता न रहेगा। तब उसके स्थान में कोई ऐसा उठेगा, जो शिरोमणि राज्य में अन्धेर करनेवाले को घुमाएगा; परन्तु थोड़े दिन बीतने पर वह क्रोध वा युद्ध किए बिना ही नाश हो जाएगा।
- Isaiah 9:14 यशायाह 9:14इस कारण यहोवा इस्राएल में से सिर और पूंछ को, खजूर की डालियों और सरकंडे को, एक ही दिन में काट डालेगा।
- Daniel 11:38–39 दानिय्येल 11:38–39वह अपने राजपद पर स्थिर रहकर दृढ़ गढ़ों ही के देवता का सम्मान करेगा, एक ऐसे देवता का जिसे उसके पुरखा भी न जानते थे, वह सोना, चान्दी, मणि और मनभावनी वस्तुएं चढ़ाकर उसका सम्मान करेगा। उस बिराने देवता के सहारे से वह अति दृढ़ गढ़ों से लड़ेगा, और जो कोई उसको माने उसे वह बड़ी प्रतिष्ठा देगा। ऐसे लोगों को वह बहुतों के ऊपर प्रभुता देगा, और अपने लाभ के लिए अपने देश की भूमि को बांट देगा।।
- Ezekiel 17:18 यहेजकेल 17:18क्योंकि उस न शपथ को तुच्छ जाना, और वाचा को तोड़ा; देखो, उस ने वचन देने पर भी ऐसे ऐसे काम किए हैं, सो वह बचने न पाएगा।
- Malachi 4:1 मलाकी 4:1क्योंकि देखो, वह धधकते भट्ठे का सा दिन आता है, जब सब अभिमानी और सब दुराचारी लोग अनाज की खूंटी बन जाएंगे; और उस आनेवाले दिन में वे ऐसे भस्म हो जाएंगे कि उनका पता तक न रहेगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
- Psalm 49:10–13 भजन संहिता 49:10–13क्योंकि देखने में आता है, कि बुद्धिमान भी मरते हैं, और मूर्ख और पशु सरीखे मनुष्य भी दोनों नाश होते हैं, और अपनी सम्पत्ति औरों के लिये छोड़ जाते हैं। वे मन ही मन यह सोचते हैं, कि उनका घर सदा स्थिर रहेगा, और उनके निवास पीढ़ी से पीढ़ी तक बने रहेंगे; इसलिये वे अपनी अपनी भूमि का नाम अपने अपने नाम पर रखते हैं। परन्तु मनुष्य प्रतिष्ठा पाकर भी स्थिर नहीं रहता, वह पशुओं के समान होता है, जो मर मिटते हैं।। उनकी यह चाल उनकी मूर्खता है, तौभी उनके बाद लोग उनकी बातों से प्रसन्न होते हैं।
- Isaiah 11:1 यशायाह 11:1तब यिशै के ठूंठ में से एक डाली फूट निकलेगी और उसकी जड़ में से एक शाखा निकलकर फलवन्त होगी।
- Psalm 55:23 भजन संहिता 55:23परन्तु हे परमेश्वर, तू उन लोगों को विनाश के गड़हे में गिरा देगा; हत्यारे और छली मनुष्य अपनी आधी आयु तक भी जीवित न रहेंगे। परन्तु मैं तुझ पर भरोसा रखे रहूंगा।।
- Psalm 109:8 भजन संहिता 109:8उसके दिन थोड़े हों, और उसके पद को दूसरा ले!
- Job 14:7 अय्यूब 14:7वुक्ष की तो आशा रहती है, कि चाहे वह काट डाला भी जाए, तौभी फिर पनपेगा और उस से नर्म नर्म डालियां निकलती ही रहेंगी।
- Luke 12:20 लूका 12:20परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा?