Deuteronomy · chapter 12 · verse 5
Deuteronomy 12:5 in Hindi
किन्तु जो स्थान तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे सब गोत्रों में से चुन लेगा, कि वहां अपना नाम बनाए रखे, उसके उसी निवासस्थान के पास जाया करना;
Kintu jo sthaan tumhaaraa parameshvar yahovaa tumhaare sab gotrom mem se chun legaa, ki vahaam apanaa naam banaae rakhe, usake usee nivaasasthaan ke paas jaayaa karanaa;
Deuteronomy 12:5 in English
- King James Version (KJV)
- But unto the place which the LORD your God shall choose out of all your tribes to put his name there, [even] unto his habitation shall ye seek, and thither thou shalt come:
- World English Bible (WEB)
- But to the place which the LORD your God shall choose out of all your tribes, to put his name there, you shall seek his habitation, and you shall come there.
- American Standard Version (ASV)
- But unto the place which Jehovah your God shall choose out of all your tribes, to put his name there, even unto his habitation shall ye seek, and thither thou shalt come;
- Bible in Basic English (BBE)
- But let your hearts be turned to the place which will be marked out by the Lord your God, among your tribes, to put his name there;
- Darby Translation (DBY)
- but unto the place which Jehovah your God will choose out of all your tribes to set his name there, his habitation shall ye seek, and thither thou shalt come;
- Webster's Bible (WBS)
- But the place which the LORD your God shall choose out of all your tribes to put his name there, [even] his habitation shall ye seek, and thither thou shalt come:
- Young's Literal Translation (YLT)
- but unto the place which Jehovah your God doth choose out of all your tribes to put His name there, to His tabernacle ye seek, and thou hast entered thither,
Read in context
- 3उनकी वेदियों को ढा देना, उनकी लाठों को तोड़ डालना, उनकी अशेरा नाम मूर्त्तियों को आग में जला देना, और उनके देवताओं की खुदी हुई मूर्त्तियों को काटकर गिरा देना, कि उस देश में से उनके नाम तक मिट जाएं।
- 4फिर जैसा वे करते हैं, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के लिये वैसा न करना।
- 5किन्तु जो स्थान तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे सब गोत्रों में से चुन लेगा, कि वहां अपना नाम बनाए रखे, उसके उसी निवासस्थान के पास जाया करना;
- 6और वहीं तुम अपने होमबलि, और मेलबलि, और दंशमांश, और उठाई हुई भेंट, और मन्नत की वस्तुएं, और स्वेच्छाबलि, और गाय- बैलों और भेड़- बकरियों के पहिलौठे ले जाया करना;
- 7और वहीं तुम अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने भोजन करना, और अपने अपने घराने समेत उन सब कामों पर, जिन में तुम ने हाथ लगाया हो, और जिन पर तुम्हारे परमेश्वर यहोवा की आशीष मिली हो, आनन्द करना।
Cross references
- Deuteronomy 12:11 व्यवस्थाविवरण 12:11और तुम निडर रहने पाओ, तब जो स्थान तुम्हारा परमेश्वर यहोवा अपने नाम का निवास ठहराने के लिये चुन ले उसी में तुम अपने होमबलि, और मेलबलि, और दशमांश, और उठाई हुईं भेंटें, और मन्नतों की सब उत्तम उत्तम वस्तुएं जो तुम यहोवा के लिये संकल्प करोगे, निदान जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैं तुम को सुनाता हूं उन सभों को वहीं ले जाया करना।
- Deuteronomy 26:2 व्यवस्थाविवरण 26:2तब जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है, उसकी भूमि की भांति भांति की जो पहिली उपज तू अपने घर लाएगा, उस में से कुछ टोकरी में लेकर उस स्थान पर जाना, जिसे तेरा परमेश्वर यहोवा अपने नाम का निवास करने को चुन ले।
- 2 Chronicles 7:12 2 इतिहास 7:12तब यहोवा ने रात में उसको दर्शन देकर उस से कहा, मैं ने तेरी प्रार्थाना सुनी और इस स्थान को यज्ञ के भवन के लिये अपनाया है।
- Deuteronomy 16:2 व्यवस्थाविवरण 16:2इसलिये जो स्थान यहोवा अपने नाम का निवास ठहराने को चुन लेगा, वही अपने परमेश्वर यहोवा के लिये भेड़- बकरियों और गाय- बैल फसह करके बलि करना।
- 1 Kings 8:29 1 राजा 8:29कि तेरी आंख इस भवन की ओर अर्थात् इसी स्थान की ओर जिसके विषय तू ने कहा है, कि मेरा नाम वहां रहेगा, रात दिन खुली रहें: और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।
- Psalm 78:68 भजन संहिता 78:68परन्तु यहूदा ही के गोत्रा को, और अपने प्रिय सिरयोन पर्वत को चुन लिया।
- Deuteronomy 12:13 व्यवस्थाविवरण 12:13और सावधान रहना कि तू अपने होमबलियों को हर एक स्थान पर जो देखने में आए न चढ़ाना;
- Psalm 132:13–14 भजन संहिता 132:13–14क्योंकि यहोवा ने सिरयोन को अपनाया है, और उसे अपने निवास के लिये चाहा है।। यह तो युग युग के लिये मेरा विश्रामस्थान हैं; यहीं मैं रहूंगा, क्योंकि मैं ने इसका चाहा है।
- Isaiah 66:1–2 यशायाह 66:1–2यहोवा यों कहता है, आकाश मेरा सिंहासन और पृथ्वी मेरे चरणों की चौकी है; तुम मेरे लिये कैसा भवन बनाओगे, और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा? यहोवा की यह वाणी है, ये सब वस्तुएं मेरे ही हाथ की बनाई हुई हैं, सो ये सब मेरी ही हैं। परन्तु मैं उसी की ओर दृष्टि करूंगा जो दीन और खेदित मन का हो, और मेरा वचन सुनकर थरथराता हो॥
- Psalm 87:2–3 भजन संहिता 87:2–3और यहोवा सिरयोन के फाटकों को याकूब के सारे निवासों से बढ़कर प्रीति रखता है। हे परमेश्वर के नगर, तेरे विषय महिमा की बातें कही गई हैं।
- 1 Kings 8:16 1 राजा 8:16कि जिस दिन से मैं अपनी प्रजा इस्राएल को मिस्र से निकाल लाया, तब से मैं ने किसी इस्राएली गोत्रा का कोई नगर नहीं चुना, जिस में मेरे नाम के निवास के लिये भवन बनाया जाए; परन्तु मैं ने दाऊद को चुन लिया, कि वह मेरी प्रजा इस्राएल का अधिकारी हो।
- 1 Kings 8:27 1 राजा 8:27क्या परमेश्वर सचमुच पृथ्वी पर वास करेगा, स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में क्योंकर समाएगा।