Deuteronomy · chapter 2 · verse 26
Deuteronomy 2:26 in Hindi
और मैं ने कदेमोत नाम जंगल से हेशबोन के राजा सीहोन के पास मेल की ये बातें कहने को दूत भेजे,
Aur maim ne kademot naam jangal se heshabon ke raajaa seehon ke paas mel kee ye baatem kahane ko doot bheje,
Deuteronomy 2:26 in English
- King James Version (KJV)
- And I sent messengers out of the wilderness of Kedemoth unto Sihon king of Heshbon with words of peace, saying,
- World English Bible (WEB)
- I sent messengers out of the wilderness of Kedemoth to Sihon king of Heshbon with words of peace, saying,
- American Standard Version (ASV)
- And I sent messengers out of the wilderness of Kedemoth unto Sihon king of Heshbon with words of peace, saying,
- Bible in Basic English (BBE)
- Then from the waste land of Kedemoth I sent representatives to Sihon, king of Heshbon, with words of peace, saying,
- Darby Translation (DBY)
- And I sent messengers out of the wilderness of Kedemoth unto Sihon the king of Heshbon with words of peace, saying,
- Webster's Bible (WBS)
- And I sent messengers from the wilderness of Kedemoth to Sihon king of Heshbon with words of peace, saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And I send messengers from the wilderness of Kedemoth, unto Sihon king of Heshbon, — words of peace — saying,
Read in context
- 24अब तुम लोग उठकर कूच करो, और अर्नोन के नाले के पार चलो; सुन, मैं देश समेत हेशबोन के राजा एमोरी सीहोन को तेरे हाथ में कर देता हूँ; इसलिये उस देश को अपने अधिकार में लेना आरम्भ करो, और उस राजा से युद्ध छेड़ दो।
- 25और जितने लोग धरती पर रहते हैं उन सभों के मन में मैं आज ही के दिन से तेरे कारण डर और थरथराहट समवाने लगूंगा; वे तेरा समाचार पाकर तेरे डर के मारे कांपेंगे और पीड़ित होंगे।।
- 26और मैं ने कदेमोत नाम जंगल से हेशबोन के राजा सीहोन के पास मेल की ये बातें कहने को दूत भेजे,
- 27कि मुझे अपने देश में से होकर जाने दे; मैं राजपथ पर चला जाऊँगा, और दहिने और बांए हाथ न मुड़ूँगा।
- 28तू रूपया लेकर मेरे हाथ भोजनवस्तु देना कि मैं खाऊं, और पानी भी रूपया लेकर मुझ को देना कि मैं पीऊं; केवल मुझे पांव पांव चले जाने दे,
Cross references
- Luke 10:5–6 लूका 10:5–6जिस किसी घर में जाओ, पहिले कहो, कि इस घर पर कल्याण हो। यदि वहां कोई कल्याण के योग्य होगा; तो तुम्हारा कल्याण उस पर ठहरेगा, नहीं तो तुम्हारे पास लौट आएगा।
- Joshua 13:18 यहोशू 13:18यहसा, कदेमोत, मेपात,
- Luke 10:10–12 लूका 10:10–12परन्तु जिस नगर में जाओ, और वहां के लोग तुम्हें ग्रहण न करें, तो उसके बाजारों में जाकर कहो। कि तुम्हारे नगर की धूल भी, जो हमारे पांवों में लगी है, हम तुम्हारे साम्हने झाड़ देते हैं, तौभी यह जान लो, कि परमेश्वर का राज्य तुम्हारे निकट आ पहुंचा है। मैं तुम से कहता हूं, कि उस दिन उस नगर की दशा से सदोम की दशा सहने योग्य होगी।
- Matthew 10:12–15 मत्ती 10:12–15और घर में प्रवेश करते हुए उस को आशीष देना। यदि उस घर के लोग योग्य होंगे तो तुम्हारा कल्याण उन पर पहुंचेगा परन्तु यदि वे योगय न हों तो तुम्हारा कल्याण तुम्हारे पास लौट आएगा। और जो कोई तुम्हें ग्रहण न करे, और तुम्हारी बातें न सुने, उस घर या उस नगर से निकलते हुए अपने पांवों की धूल झाड़ डालो। मैं तुम से सच कहता हूं, कि न्याय के दिन उस नगर की दशा से सदोम और अमोरा के देश की दशा अधिक सहने योग्य होगी।।
- Deuteronomy 20:10–11 व्यवस्थाविवरण 20:10–11जब तू किसी नगर से युद्ध करने को उनके निकट जाए, तब पहिले उस से सन्धि करने का समाचार दे। और यदि वह सन्धि करना अंगीकार करे और तेरे लिये अपने फाटक खोल दे, तब जितने उस में हों वे सब तेरे अधीन होकर तेरे लिये बेगार करनेवाले ठहरें।
- Joshua 21:37 यहोशू 21:37केदेमोत, और मेपात; ये चार नगर दिए गए।
- Esther 9:30 एस्तेर 9:30इसकी नकलें मोर्दकै ने क्षयर्ष के राज्य के, एक सौ सत्ताईसों प्रान्तों के सब यहूदियों के पास शान्ति देनेवाली और सच्ची बातों के साथ इस आशय से भेजीं,