Deuteronomy · chapter 32 · verse 10
Deuteronomy 32:10 in Hindi
उस ने उसको जंगल में, और सुनसान और गरजनेवालों से भरी हुई मरूभूमि में पाया; उस ने उसके चंहु ओर रहकर उसकी रक्षा की, और अपनी आंख की पुतली की नाई उसकी सुधि रखी।।
Us ne usako jangal mem, aur sunasaan aur garajanevaalom se bharee huee maroobhoomi mem paayaa; us ne usake chanhu or rahakar usakee rakshaa kee, aur apanee aankh kee putalee kee naaee usakee sudhi rakhee..
Deuteronomy 32:10 in English
- King James Version (KJV)
- He found him in a desert land, and in the waste howling wilderness; he led him about, he instructed him, he kept him as the apple of his eye.
- World English Bible (WEB)
- He found him in a desert land, in the waste howling wilderness. He surrounded him. He cared for him. He kept him as the apple of his eye.
- American Standard Version (ASV)
- He found him in a desert land, And in the waste howling wilderness; He compassed him about, he cared for him, He kept him as the apple of his eye.
- Bible in Basic English (BBE)
- He came to him in the waste land, in the unpeopled waste of sand: putting his arms round him and caring for him, he kept him as the light of his eye.
- Darby Translation (DBY)
- He found him in a desert land, And in the waste, howling wilderness; He compassed him about, he watched over him, He preserved him as the apple of his eye.
- Webster's Bible (WBS)
- He found him in a desert land, and in the waste howling wilderness; he led him about, he instructed him, he kept him as the apple of his eye.
- Young's Literal Translation (YLT)
- He findeth him in a land — a desert, And in a void — a howling wilderness, He turneth him round — He causeth him to understand — He keepeth him as the apple of His eye.
Read in context
- 8जब परमप्रधान ने एक एक जाति को निज निज भाग बांट दिया, और आदमियों को अलग अलग बसाया, तब उस ने देश देश के लोगों के सिवाने इस्राएलियों की गिनती के अनुसार ठहराए।।
- 9क्योंकि यहोवा का अंश उसकी प्रजा है; याकूब उसका नपा हुआ निज भाग है।।
- 10उस ने उसको जंगल में, और सुनसान और गरजनेवालों से भरी हुई मरूभूमि में पाया; उस ने उसके चंहु ओर रहकर उसकी रक्षा की, और अपनी आंख की पुतली की नाई उसकी सुधि रखी।।
- 11जैसे उकाब अपने घोंसले को हिला हिलाकर अपने बच्चों के ऊपर ऊपर मण्डलाता है, वैसे ही उस ने अपने पंख फैलाकर उसको अपने परों पर उठा लिया।।
- 12यहोवा अकेला ही उसकी अगुवाई करता रहा, और उसके संग कोई पराया देवता न था।।
Cross references
- Zechariah 2:8 जकर्याह 2:8क्योंकि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, उस तेल के प्रगट होने के बाद उस ने मुझे उन जातियों के पास भेजा है जो तुम्हें लूटती थीं, क्योंकि जो तुम को छूता है, वह मेरी आंख की पुतली ही को छूता है।
- Psalm 17:8 भजन संहिता 17:8अपने आंखो की पुतली की नाई सुरक्षित रख; अपने पंखों के तले मुझे छिपा रख,
- Deuteronomy 8:15–16 व्यवस्थाविवरण 8:15–16और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विषवाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उस ने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला, और तुझे जंगल में मन्ना खिलाया, जिसे तुम्हारे पुरखा जानते भी न थे, इसलिये कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा करके अन्त में तेरा भला ही करे।
- Hosea 13:5 होशे 13:5मैं ने उस समय तुझ पर मन लगाया जब तू जंगल में वरन अत्यन्त सूखे देश में था।
- Jeremiah 2:6 यिर्मयाह 2:6उन्हों ने इतना भी न कहा कि जो हमें मिस्र देश से निकाल ले आया वह यहोवा कहां है? जो हमें जंगल में से ओर रेत और गड़हों से भरे हुए निर्जल और घोर अन्धकार के देश से जिस में होकर कोई नहीं चलता, और जिस में कोई मनुष्य नहीं रहता, हमें निकाल ले आया।
- Song of Solomon 8:5 श्रेष्ठगीत 8:5यह कौन है जो अपने प्रेमी पर टेक लगाये हुए जंगल से चली आती है? सेब के पेड़ के नीचे मैं ने तुझे जगया। वहां तेरी माता ने तुझे जन्म दिया वहां तेरी माता को पीड़ाएं उठीं॥
- Nehemiah 9:19–21 नहेमायाह 9:19–21तब भी तू जो अति दयालु है, उनको जंगल में न त्यागा; न तो दिन को अगुआई करनेवाला बादल का खम्भा उन पर से हटा, और न रात को उजियाला देनेवाला और उनका मार्ग दिखानेवाला आग का खम्भा। वरन तू ने उन्हें समझाने के लिये अपने आत्मा को जो भला है दिया, और अपना मान्ना उन्हें खिलाना न छोड़ा, और उनकी प्यास बुझाने को पानी देता रहा। चालीस वर्ष तक तू जंगल में उनका ऐसा पालन पोषण करता रहा, कि उनको कुछ घटी न हुई; न तो उनके वस्त्रा पुराने हुए और न उनके पांव में सूजन हुई।
- Psalm 32:7–10 भजन संहिता 32:7–10तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा।। मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा। तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और बाग से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं अपने के।। दुष्ट को तो बहुत पीड़ा होगी; परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह करूणा से घिरा रहेगा।
- Proverbs 7:2 नीतिवचन 7:2मेरी आज्ञाओं को मान, इस से तू जीवित रहेगा, और मेरी शिक्षा को अपनी आंख की पुतली जान;
- Romans 2:18 रोमियों 2:18और उस की इच्छा जानता और व्यवस्था की शिक्षा पाकर उत्तम उत्तम बातों को प्रिय जानता है।
- Psalm 147:19–20 भजन संहिता 147:19–20वह याकूब को अपना वचन, और इस्राएल को अपनी विधियां और नियम बताता है। किसी और जाति से उस ने ऐसा बर्ताव नहीं किया; और उसके नियमों को औरों ने नहीं जाता।। याह की स्तुति करो।
- Deuteronomy 4:36 व्यवस्थाविवरण 4:36आकाश में से उस ने तुझे अपनी वाणी सुनाई कि तुझे शिक्षा दे; और पृथ्वी पर उस ने तुझे अपनी बड़ी आग दिखाई, और उसके वचन आग के बीच में से आते हुए तुझे सुन पड़े।