Deuteronomy · chapter 8 · verse 15
Deuteronomy 8:15 in Hindi
और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विषवाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उस ने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला,
Aur us bade aur bhayaanak jangal mem se le aayaa hai, jahaam tej vishavaale sarp aur bichchhoo haim, aur jalarahit sookhe desh mem us ne tere liye chakamak kee chatthaan se jal nikaalaa,
Deuteronomy 8:15 in English
- King James Version (KJV)
- Who led thee through that great and terrible wilderness, [wherein were] fiery serpents, and scorpions, and drought, where [there was] no water; who brought thee forth water out of the rock of flint;
- World English Bible (WEB)
- who led you through the great and terrible wilderness, with venomous snakes and scorpions, and thirsty ground where there was no water; who poured water for you out of the rock of flint;
- American Standard Version (ASV)
- who led thee through the great and terrible wilderness, [wherein were] fiery serpents and scorpions, and thirsty ground where was no water; who brought thee forth water out of the rock of flint;
- Bible in Basic English (BBE)
- Who was your guide through that great and cruel waste, where there were poison-snakes and scorpions and a dry land without water; who made water come out of the hard rock for you;
- Darby Translation (DBY)
- who led thee through the great and terrible wilderness, [a wilderness of] fiery serpents, and scorpions, and drought, where there is no water; who brought thee forth water out of the rock of flint;
- Webster's Bible (WBS)
- Who led thee through that great and terrible wilderness, [in which were] fiery serpents, and scorpions, and drouth, where [there was] no water; who brought thee forth water out of the rock of flint;
- Young's Literal Translation (YLT)
- who is causing thee to go in the great and the terrible wilderness — burning serpent, and scorpion, and thirst — where there is no water; who is bringing out to thee waters from the flinty rock;
Read in context
- 13और तेरी गाय- बैलों और भेड़- बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए,
- 14तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात् मि देश से निकाल लाया है,
- 15और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विषवाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उस ने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला,
- 16और तुझे जंगल में मन्ना खिलाया, जिसे तुम्हारे पुरखा जानते भी न थे, इसलिये कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा करके अन्त में तेरा भला ही करे।
- 17और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई।
Cross references
- Numbers 21:6 गिनती 21:6सो यहोवा ने उन लोगों में तेज विषवाले सांप भेजे, जो उनको डसने लगे, और बहुत से इस्त्राएली मर गए।
- Numbers 20:11 गिनती 20:11तब मूसा ने हाथ उठाकर लाठी चट्टान पर दो बार मारी; और उस में से बहुत पानी फूट निकला, और मण्डली के लोग अपने पशुओं समेत पीने लगे।
- Jeremiah 2:6 यिर्मयाह 2:6उन्हों ने इतना भी न कहा कि जो हमें मिस्र देश से निकाल ले आया वह यहोवा कहां है? जो हमें जंगल में से ओर रेत और गड़हों से भरे हुए निर्जल और घोर अन्धकार के देश से जिस में होकर कोई नहीं चलता, और जिस में कोई मनुष्य नहीं रहता, हमें निकाल ले आया।
- Isaiah 63:12–14 यशायाह 63:12–14जिस ने अपने प्रतापी भुजबल को मूसा के दहिने हाथ के साथ कर दिया, जिस ने उनके साम्हने जल को दो भाग करके अपना सदा का नाम कर लिया, जो उनको गहिरे समुद्र में से ले चला; जैसा घोड़े को जंगल में वैसे ही उनको भी ठोकर न लगी, वह कहां है? जैसे घरैलू पशु तराई में उतर जाता है, वेैसे ही यहोवा के आत्मा न उनको विश्राम दिया। इसी प्रकार से तू ने अपनी प्रजा की अगुवाई की ताकि अपना नाम महिमायुक्त बनाए।।
- Deuteronomy 1:19 व्यवस्थाविवरण 1:19और हम होरेब से कूच करके अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार उस सारे बड़े और भयानक जंगल में होकर चले, जिसे तुम ने एमोरियों के पहाड़ी देश के मार्ग में देखा, और हम कादेशबर्ने तक आए।
- Hosea 13:5 होशे 13:5मैं ने उस समय तुझ पर मन लगाया जब तू जंगल में वरन अत्यन्त सूखे देश में था।
- Psalm 114:8 भजन संहिता 114:8वह चट्टान को जल का ताल, चकमक के पत्थर को जल का सोता बना डालता है।।
- 1 Corinthians 10:4 1 कुरिन्थियों 10:4और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चटान से पीते थे, जो उन के साथ- साथ चलती थी; और वह चटान मसीह था।
- Psalm 78:15–16 भजन संहिता 78:15–16वह जंगल में चट्टानें फाड़कर, उनको मानो गहिरे जलाशयों से मनमाने पिलाता था। उस ने चट्टान से भी धाराएं निकालीं और नदियों का सा जल बहाया।।
- Exodus 17:5–6 निर्गमन 17:5–6यहोवा ने मूसा से कहा, इस्राएल के वृद्ध लोगों में से कुछ को अपने साथ ले ले; और जिस लाठी से तू ने नील नदी पर मारा था, उसे अपने हाथ में लेकर लोगों के आगे बढ़ चल। देख मैं तेरे आगे चलकर होरेब पहाड़ की एक चट्टान पर खड़ा रहूंगा; और तू उस चट्टान पर मारना, तब उस में से पानी निकलेगा जिससे ये लोग पीएं। तब मूसा ने इस्राएल के वृद्ध लोगों के देखते वैसा ही किया।
- Psalm 105:41 भजन संहिता 105:41उस ने चट्टान फाड़ी तब पानी बह निकला; और निर्जल भूमि पर नदी बहने लगी।
- Isaiah 35:7 यशायाह 35:7मृगतृष्णा ताल बन जाएगी और सूखी भूमि में सोते फूटेंगे; और जिस स्थान में सियार बैठा करते हैं उस में घास और नरकट और सरकण्डे होंगे।।
Original words (Hebrew)
- led · H3212יָלַךְ yâlak
- great · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- terrible · H3372יָרֵא yârêʼ
- wilderness · H4057מִדְבָּר midbâr
- fiery · H8314שָׂרָף sârâph
- serpents · H5175נָחָשׁ nâchâsh
- scorpions · H6137עַקְרָב ʻaqrâb
- drought · H6774צִמָּאוֹן tsimmâʼôwn
- water · H4325מַיִם mayim
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- water · H4325מַיִם mayim
- rock · H6697צוּר tsûwr
- flint · H2496חַלָּמִישׁ challâmîysh