Ecclesiastes · chapter 1 · verse 14
Ecclesiastes 1:14 in Hindi
मैं ने उन सब कामों को देखा जो सूर्य के नीचे किए जाते हैं; देखो वे सब व्यर्थ और मानो वायु को पकड़ना है।
Maim ne un sab kaamom ko dekhaa jo soory ke neeche kie jaate haim; dekho ve sab vyarth aur maano vaayu ko pakadanaa hai.
Ecclesiastes 1:14 in English
- King James Version (KJV)
- I have seen all the works that are done under the sun; and, behold, all [is] vanity and vexation of spirit.
- World English Bible (WEB)
- I have seen all the works that are done under the sun; and behold, all is vanity and a chasing after wind.
- American Standard Version (ASV)
- I have seen all the works that are done under the sun; and, behold, all is vanity and a striving after wind.
- Bible in Basic English (BBE)
- I have seen all the works which are done under the sun; all is to no purpose, and desire for wind.
- Darby Translation (DBY)
- I have seen all the works that are done under the sun, and behold, all is vanity and pursuit of the wind.
- Webster's Bible (WBS)
- I have seen all the works that are done under the sun; and behold, all [is] vanity and vexation of spirit.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have seen all the works that have been done under the sun, and lo, the whole [is] vanity and vexation of spirit!
Read in context
- 12मैं उपदेशक यरूशलेम में इस्राएल का राजा था।
- 13और मैं ने अपना मन लगाया कि जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है, उसका भेद बुद्धि से सोच सोचकर मालूम करूं; यह बड़े दु:ख का काम है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगें।
- 14मैं ने उन सब कामों को देखा जो सूर्य के नीचे किए जाते हैं; देखो वे सब व्यर्थ और मानो वायु को पकड़ना है।
- 15जो टेढ़ा है, वह सीधा नहीं हो सकता, और जितनी वस्तुओं में घटी है, वे गिनी नहीं जातीं।।
- 16मैं ने मन में कहा, देख, जितने यरूशलेम में मुझ से पहिले थे, उन सभों से मैं ने बहुत अधिक बुद्धि प्राप्त की है; और मुझ को बहुत बुद्धि और ज्ञान मिल गया है।
Cross references
- Ecclesiastes 2:11 सभोपदेशक 2:11तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं।।
- Ecclesiastes 2:26 सभोपदेशक 2:26जो मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा है, उसको वह बुद्धि और ज्ञान और आनन्द देता है; परन्तु पापी को वह दु:खभरा काम ही देता है कि वह उसका देने के लिये संचय करके ढेर लगाए जो परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा हो। यह भी व्यर्थ और वायु को पकड़ना है।।
- Ecclesiastes 2:17 सभोपदेशक 2:17बुद्धिमान क्योंकर मूर्ख के समान मरता है! इसलिये मैं ने अपने जीवन से घृणा की, क्योंकि जो काम संसार में किया जाता है मुझे बुरा मालूम हुआ; क्योंकि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है।
- Ecclesiastes 6:9 सभोपदेशक 6:9आंखों से देख लेना मन की चंचलता से उत्तम है: यह भी व्यर्थ और मन का कुढना है।
- Ecclesiastes 1:17–18 सभोपदेशक 1:17–18और मैं ने अपना मन लगाया कि बुद्धि का भेद लूं और बावलेपन और मूर्खता को भी जान लूं। मुझे जान पड़ा कि यह भी वायु को पकड़ना है।। क्योंकि बहुत बुद्धि के साथ बहुत खेद भी होता है, और जो अपना ज्ञान बढ़ाता है वह अपना दु:ख भी बढ़ाता है।।
- Psalm 39:5–6 भजन संहिता 39:5–6देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं। सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!
- Ecclesiastes 4:4 सभोपदेशक 4:4तब में ने सब परिश्रम के काम और सब सफल कामों को देखा जो लोग अपने पड़ोसी से जलन के कारण करते हैं। यह भी व्यर्थ और मन का कुढ़ना है।।
- 1 Kings 4:30–32 1 राजा 4:30–32और सुलैमान की बुद्धि पूर्व देश के सब निवासियों और मिस्रियों की भी बुद्धि से बढ़कर बुद्धि थी। वह तो और सब मनुष्यों से वरन एतान, एज्रेही और हेमान, और माहोल के पुत्र कलकोल, और दर्दा से भी अधिक बुद्धिमान था: और उसकी कीर्ति चारों ओर की सब जातियों में फैल गई। उसने तीन हज़ार नीतिवचन कहे, और उसके एक हज़ार पांच गीत भी है।