Ephesians · chapter 4 · verse 18
Ephesians 4:18 in Hindi
क्योंकि उनकी बुद्धि अन्धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं।
Kyonki unakee buddhi andheree ho gaee hai aur us ajnyaanataa ke kaaran jo un mem hai aur unake man kee kathorataa ke kaaran ve parameshvar ke jeevan se alag kie hue hain.
Ephesians 4:18 in English
- King James Version (KJV)
- Having the understanding darkened, being alienated from the life of God through the ignorance that is in them, because of the blindness of their heart:
- World English Bible (WEB)
- being darkened in their understanding, alienated from the life of God because of the ignorance that is in them, because of the hardening of their hearts.
- American Standard Version (ASV)
- being darkened in their understanding, alienated from the life of God, because of the ignorance that is in them, because of the hardening of their heart;
- Bible in Basic English (BBE)
- Whose thoughts are dark, to whom the life of God is strange because they are without knowledge, and their hearts have been made hard;
- Darby Translation (DBY)
- being darkened in understanding, estranged from the life of God by reason of the ignorance which is in them, by reason of the hardness of their hearts,
- Webster's Bible (WBS)
- Having the understanding darkened, being alienated from the life of God through the ignorance that is in them, because of the blindness of their heart:
- Young's Literal Translation (YLT)
- being darkened in the understanding, being alienated from the life of God, because of the ignorance that is in them, because of the hardness of their heart,
Read in context
- 16जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में हाता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।।
- 17इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो।
- 18क्योंकि उनकी बुद्धि अन्धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं।
- 19और वे सुन्न होकर, लुचपन में लग गए हैं, कि सब प्रकार के गन्दे काम लालसा से किया करें।
- 20पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई।
Cross references
- Matthew 13:15 मत्ती 13:15क्योंकि इन लोगों का मन मोटा हो गया है, और वे कानों से ऊंचा सुनते हैं और उन्हों ने अपनी आंखें मूंद लीं हैं; कहीं ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें और मन से समझें, और फिर जाएं, और मैं उन्हें चंगा करूं।
- Ephesians 2:12 इफिसियों 2:12तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्त्राए की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वररहित थे।
- Romans 1:21–23 रोमियों 1:21–23इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्हों ने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया। वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए। और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगनेवाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।।
- John 12:40 यूहन्ना 12:40कि उस ने उन की आंखें अन्धी, और उन का मन कठोर किया है; कहीं ऐसा न हो, कि आंखों से देखें, और मन से समझें, और फिरें, और मैं उन्हें चंगा करूं।
- 1 Thessalonians 4:5 1 थिस्सलुनीकियों 4:5और यह काम अभिलाषा से नहीं, और न उन जातियों की नाई, जो परमेश्वर को नहीं जानतीं।
- 2 Corinthians 4:4 2 कुरिन्थियों 4:4और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।
- James 4:4 याकूब 4:4हे व्यभिचारिणियों, क्या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्राता करनी परमेश्वर से बैर करना है? सो जो कोई संसार का मित्रा होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है।
- Colossians 1:21 कुलुस्सियों 1:21और उस ने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।
- 1 John 2:11 1 यूहन्ना 2:11पर जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह अन्धकार में है, और अन्धकार में चलता है; और नहीं जानता, कि कहां जाता है, क्योंकि अन्धकार ने उस की आंखे अन्धी कर दी हैं।।
- Galatians 4:8 गलातियों 4:8भला, तक तो तुम परमेश्वर को न जानकर उनके दास थे जो स्वभाव से परमेश्वर नहीं।
- Romans 8:7–8 रोमियों 8:7–8क्योंकि शरीर पर मन लगाना तो परमेश्वर से बैर रखना है, क्योंकि न तो परमेश्वर की व्यवस्था के अधीन है, और न हो सकता है। और जो शारीरिक दशा में है, वे परमेश्वर को प्रसन्न नहीं कर सकते।
- Romans 11:25 रोमियों 11:25हे भाइयों, कहीं ऐसा न हो, कि तुम अपने आप को बुद्धिमान समझ लो; इसलिये मैं नहीं चाहता कि तुम इस भेद से अनजान रहो, कि जब तक अन्यजातियां पूरी रीति से प्रवेश न कर लें, तब तक इस्त्राएल का एक भाग ऐसा ही कठोर रहेगा।
Original words (Greek)
- Having · G4654σκοτίζω skotízō
- understanding · G1271διάνοια diánoia
- darkened · G4654σκοτίζω skotízō
- being · G5607ὤν ṓn
- from · G526ἀπαλλοτριόω apallotrióō
- life · G2222ζωή zōḗ
- God · G2316θεός theós
- through · G1223διά diá
- ignorance · G52ἄγνοια ágnoia
- is · G5607ὤν ṓn
- in · G1722ἐν en
- them · G846αὐτός autós
- because · G1223διά diá
- blindness · G4457πώρωσις pṓrōsis
- their · G846αὐτός autós
- heart · G2588καρδία kardía