Ephesians · chapter 4 · verse 17
Ephesians 4:17 in Hindi
इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो।
Isaliye maim yah kahataa hoom, aur prabhu mem jataae detaa hoom ki jaise anyajaateey log apane man kee anarth kee reeti par chalate haim, tum ab se phir aise na chalo.
Ephesians 4:17 in English
- King James Version (KJV)
- This I say therefore, and testify in the Lord, that ye henceforth walk not as other Gentiles walk, in the vanity of their mind,
- World English Bible (WEB)
- This I say therefore, and testify in the Lord, that you no longer walk as the rest of the Gentiles also walk, in the futility of their mind,
- American Standard Version (ASV)
- This I say therefore, and testify in the Lord, that ye no longer walk as the Gentiles also walk, in the vanity of their mind,
- Bible in Basic English (BBE)
- This I say, then, and give witness in the Lord, that you are to go no longer in the way of the Gentiles whose minds are turned to that which has no profit,
- Darby Translation (DBY)
- This I say therefore, and testify in [the] Lord, that ye should no longer walk as [the rest of] the nations walk in [the] vanity of their mind,
- Webster's Bible (WBS)
- This I say therefore, and testify in the Lord, that ye henceforth walk not as other Gentiles walk, in the vanity of their mind,
- Young's Literal Translation (YLT)
- This, then, I say, and I testify in the Lord; ye are no more to walk, as also the other nations walk, in the vanity of their mind,
Read in context
- 15बरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जा सिर है, अर्थात् मसीह में बढ़ते जाएं।
- 16जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में हाता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।।
- 17इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो।
- 18क्योंकि उनकी बुद्धि अन्धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं।
- 19और वे सुन्न होकर, लुचपन में लग गए हैं, कि सब प्रकार के गन्दे काम लालसा से किया करें।
Cross references
- Romans 1:21 रोमियों 1:21इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्हों ने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया।
- 1 Peter 4:3–4 1 पतरस 4:3–4क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ। इस से वे अचम्भा करते हैं, कि तुम ऐसे भारी लुचपन में उन का साथ नहीं देते, और इसलिये वे बुरा भला कहते हैं।
- 1 Thessalonians 4:1–2 1 थिस्सलुनीकियों 4:1–2निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ। क्योंकि तुम जानते हो, कि हम ने प्रभु यीशु की ओर से तुम्हें कौन कौन सी आज्ञा पहुंचाई।
- Ephesians 2:1–3 इफिसियों 2:1–3और उस ने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे। जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात् उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न माननेवालों में कारर्य करता है। इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
- Colossians 3:5–8 कुलुस्सियों 3:5–8इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात् व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न माननेवालों पर पड़ता है। और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्हीं के अनुसार चलते थे। पर अब तुम भी इन सब को अर्थात् क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
- 2 Peter 2:18 2 पतरस 2:18वे व्यर्थ घमण्ड की बातें कर करके लुचपन के कामों के द्वारा, उन लोगों को शारीरिक अभिलाषाओं मे फंसा लेते हैं, जो भटके हुओं में से अभी निकल ही रहे हैं।
- Colossians 2:4 कुलुस्सियों 2:4यह मैं इसलिये कहता हूं, कि कोई मनुष्य तुम्हें लुभानेवाली बातों से धोखा न दे।
- Acts 14:15 प्रेरितों के काम 14:15हम भी तो तुम्हारे समान दु:ख- सुख भोगी मनुष्य हैं, और तुम्हें सुसमाचार सुनाते हैं, कि तुम इन व्यर्थ वस्तुओं से अलग होकर जीवते परमेश्वर की ओर फिरो, जिस ने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया।
- 1 Peter 1:18 1 पतरस 1:18क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ।
- Nehemiah 9:29–30 नहेमायाह 9:29–30और उनको जिताता था कि उनको फिर अपनी व्यवस्था के अधीन कर दे। परन्तु वे अभिमान करते रहे और तेरी आज्ञाएं नहीं मानते थे, और तेरे नियम, जिनको यदि मनुष्य माने, तो उनके कारण जीवित रहे, उनके विरूद्ध पाप करते, और हठ करके अपना कन्धा हटाते और न सुनते थे। तू तो बहुत वर्ष तक उनकी सहता रहा, और अपने आत्मा से नबियों के द्वारा उन्हें चिताता रहा, परन्तु वे कान नहीं लगाते थे, इसलिये तू ने उन्हें देश देश के लोगों के हाथ में कर दिया।
- Jeremiah 42:19 यिर्मयाह 42:19हे बचे हुए यहूदियो, यहोवा ने तुम्हारे विषय में कहा है, मिस्र में मत जाओ। तुम निश्चय जानो कि मैं ने आज तुम को चिताकर यह बात बता दी है।
- Acts 20:21 प्रेरितों के काम 20:21बरन यहूदियों और यूनानियों के साम्हने गवाही देता रहा, कि परमेश्वर की ओर मन फिराना, और हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहिए।
Original words (Greek)
- This · G5124τοῦτο toûto
- say · G3004λέγω légō
- therefore · G3767οὖν oûn
- and · G2532καί kaí
- testify · G3143μαρτύρομαι martýromai
- in · G1722ἐν en
- Lord · G2962κύριος kýrios
- ye · G5209ὑμᾶς hymâs
- henceforth · G2532καί kaí
- walk · G4043περιπατέω peripatéō
- not · G3371μηκέτι mēkéti
- as · G2531καθώς kathṓs
- other · G3062λοιποί loipoí
- Gentiles · G1484ἔθνος éthnos
- walk · G4043περιπατέω peripatéō
- in · G1722ἐν en
- vanity · G3153ματαιότης mataiótēs
- their · G846αὐτός autós
- mind · G3563νοῦς noûs