Esther · chapter 5 · verse 13
Esther 5:13 in Hindi
तौभी जब जब मुझे वह यहूदी मोर्दकै राजभवन के फाटक में बैठा हुआ दिखाई पड़ता है, तब तब यह सब मेरी दृष्टि में व्यर्थ है।
Taubhee jab jab mujhe vah yahoodee mordakai raajabhavan ke phaatak mem baithaa huaa dikhaaee padataa hai, tab tab yah sab meree drushti mem vyarth hai.
Esther 5:13 in English
- King James Version (KJV)
- Yet all this availeth me nothing, so long as I see Mordecai the Jew sitting at the king’s gate.
- World English Bible (WEB)
- Yet all this avails me nothing, so long as I see Mordecai the Jew sitting at the king’s gate.”
- American Standard Version (ASV)
- Yet all this availeth me nothing, so long as I see Mordecai the Jew sitting at the king’s gate.
- Bible in Basic English (BBE)
- But all this is nothing to me while I see Mordecai the Jew seated by the king's doorway.
- Darby Translation (DBY)
- Yet all this is of no avail to me so long as I see Mordecai the Jew sitting at the king's gate.
- Webster's Bible (WBS)
- Yet all this availeth me nothing, so long as I see Mordecai the Jew sitting at the king's gate.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and all this is not profitable to me, during all the time that I am seeing Mordecai the Jew sitting in the gate of the king.'
Read in context
- 11तब हामान ने, उन से अपने धन का विभव, और अपने लड़के- बालों की बढ़ती और राजा ने उसको कैसे कैसे बढ़ाया, और और सब हाकिमों और अपने और सब कर्मचारियों से ऊंचा पद दिया था, इन सब का वर्णन किया।
- 12हामान ने यह भी कहा, कि एस्तेर रानी ने भी मुझे छोड़ और किसी को राजा के संग, अपनी की हुई जेवनार में आने न दिया; और कल के लिये भी राजा के संग उस ने मुझी को नेवता दिया है।
- 13तौभी जब जब मुझे वह यहूदी मोर्दकै राजभवन के फाटक में बैठा हुआ दिखाई पड़ता है, तब तब यह सब मेरी दृष्टि में व्यर्थ है।
- 14उसकी पत्नी जेरेश और उसके सब मित्रों ने उस से कहा, पचास हाथ ऊंचा फांसी का एक खम्भा, बनाया जाए, और बिहान को राजा से कहना, कि उस पर मोर्दकै लटका दिया जाए; तब राजा के संग आनन्द से जेवनार में जाना। इस बात से प्रसन्न होकर हामान ने बैसा ही फांसी का एक खम्भा बनवाया।
Cross references
- Philippians 4:11–12 फिलिप्पियों 4:11–12यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूं; क्योंकि मैं ने यह सीखा है कि जिस दशा में हूं, उसी में सन्तोष करूं। मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्त होना, भूखा रहना, और बढ़ना- घटना सीखा है।
- Job 15:20 अय्यूब 15:20दुष्ट जन जीवन भर पीड़ा से तड़पता है, और बलात्कारी के वष की गिनती ठहराई हुई है।
- Job 18:4 अय्यूब 18:4हे अपने को क्रोध में फाड़नेवाले क्या तेरे निमित्त पृथ्वी उजड़ जाएगी, और चट्टान अपने स्थान से हट जाएगी?
- Ecclesiastes 1:14 सभोपदेशक 1:14मैं ने उन सब कामों को देखा जो सूर्य के नीचे किए जाते हैं; देखो वे सब व्यर्थ और मानो वायु को पकड़ना है।
- 1 Kings 21:4–6 1 राजा 21:4–6यिज्रेली नाबोत के इस वचन के कारण कि मैं तुझे अपने पुरखाओं का निज भाग न दूंगा, अहाब उदास और अप्रसन्न होकर अपते घर गया, और बिछौने पर लेट गया और मुंह फेर लिया, और कुछ भेजन न किया। तब उसकी पत्नी ईज़ेबेल ने उसके पास आकर पूछा, तेरा मन क्यों ऐसा उदास है कि तू कुछ भोजन नहीं करता? उस ने कहा, कारण यह है, कि मैं ने यिज्रेली नाबोत से कहा कि रूपया लेकर मुझे अपनी दाख की बारी दे, नहीं तो यदि नू चाहे तो मैं उसकी सन्ती दूसरी दाख की बारी दूंगा; और उसने कहा, मैं अपनी दाख की बारी तुझे न दूंगा।
- Ecclesiastes 1:2 सभोपदेशक 1:2उपदेशक का यह वचन है, कि व्यर्थ ही व्यर्थ, व्यर्थ ही व्यर्थ! सब कुछ व्यर्थ है।
- Esther 5:9 एस्तेर 5:9उस दिन हामान आनन्दित ओर मन में प्रसन्न होकर बाहर गया। परन्तु जब उस ने मोर्दकै को राजभवन के फाटक में देखा, कि वह उसके साम्हने न तो खड़ा हुआ, और न हटा, तब वह मोर्दकै के विरूद्ध क्रोध से भर गया।