Esther · chapter 5 · verse 8
Esther 5:8 in Hindi
कि यदि राजा मुझ पर प्रसन्न है और मेरा निवेदन सुनना और जो वरदान मैं मांगूं वही देना राजा को स्वीकार हो, तो राजा और हामान कल उस जेवनार में आएं जिसे मैं उनके लिये करूंगी, और कल मैं राजा के इस वचन के अनुसार करूंगी।
Ki yadi raajaa mujh par prasann hai aur meraa nivedan sunanaa aur jo varadaan maim maangoom vahee denaa raajaa ko sveekaar ho, to raajaa aur haamaan kal us jevanaar mem aaem jise maim unake liye karoongee, aur kal maim raajaa ke is vachan ke anusaar karoongee.
Esther 5:8 in English
- King James Version (KJV)
- If I have found favour in the sight of the king, and if it please the king to grant my petition, and to perform my request, let the king and Haman come to the banquet that I shall prepare for them, and I will do to morrow as the king hath said.
- World English Bible (WEB)
- If I have found favor in the sight of the king, and if it pleases the king to grant my petition and to perform my request, let the king and Haman come to the banquet that I will prepare for them, and I will do tomorrow as the king has said.”
- American Standard Version (ASV)
- If I have found favor in the sight of the king, and if it please the king to grant my petition, and to perform my request, let the king and Haman come to the banquet that I shall prepare for them, and I will do to-morrow as the king hath said.
- Bible in Basic English (BBE)
- If I have the king's approval, and if it is the king's pleasure to give me my prayer and do my request, let the king and Haman come to the feast which I will make ready for them, and tomorrow I will do as the king has said.
- Darby Translation (DBY)
- If I have found grace in the sight of the king, and if it please the king to grant my petition, and to perform my request, let the king and Haman come to the banquet that I shall prepare for them, and I will do to-morrow according to the king's word.
- Webster's Bible (WBS)
- If I have found favor in the sight of the king, and if it shall please the king to grant my petition, and to perform my request, let the king and Haman come to the banquet that I shall prepare for them, and I will do to-morrow as the king hath said.
- Young's Literal Translation (YLT)
- if I have found grace in the eyes of the king, and if unto the king [it be] good, to give my petition, and to perform my request, the king doth come, and Haman, unto the banquet that I make for them, and to-morrow I do according to the word of the king.'
Read in context
- 6जेवनार के समय जब दाखमधु पिया जाता था, तब राजा ने एस्तेर से कहा, तेरा क्या निवेदन है? वह पूरा किया जाएगा। और तू क्या मांगती है? मांग, ओर आधा राज्य तक तुझे दिया जाएगा।
- 7एस्तेर ने उत्तर दिया, मेरा निवेदन और जो मैं मांगती हूँ वह यह है,
- 8कि यदि राजा मुझ पर प्रसन्न है और मेरा निवेदन सुनना और जो वरदान मैं मांगूं वही देना राजा को स्वीकार हो, तो राजा और हामान कल उस जेवनार में आएं जिसे मैं उनके लिये करूंगी, और कल मैं राजा के इस वचन के अनुसार करूंगी।
- 9उस दिन हामान आनन्दित ओर मन में प्रसन्न होकर बाहर गया। परन्तु जब उस ने मोर्दकै को राजभवन के फाटक में देखा, कि वह उसके साम्हने न तो खड़ा हुआ, और न हटा, तब वह मोर्दकै के विरूद्ध क्रोध से भर गया।
- 10तौभी वह अपने को रोककर अपने घर गया; और अपने मित्रों और अपनी स्त्री जेरेश को बुलवा भेजा।
Cross references
- Proverbs 16:9 नीतिवचन 16:9मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।
- Esther 7:3 एस्तेर 7:3एस्तेर रानी ने उत्तर दिया, हे राजा! यदि तू मुझ पर प्रसन्न है, और राजा को यह स्वीकार हो, तो मेरे निवेदन से मुझे, और मेरे मांगने से मेरे लोगों को प्राणदान मिले।
- Esther 8:5 एस्तेर 8:5तब एस्तेर उठकर राजा के साम्हने खड़ी हुई; और कहने लगी कि यदि राजा को स्वीकार हो और वह मुझ से प्रसन्न है और यह बात उसको ठीक जान पड़े, और मैं भी उसको अच्छी लगती हूँ, तो जो चिटि्ठयां हम्मदाता अगागी के पुत्रा हामान ने राजा के सब प्रान्तों के यहूदियों को नाश करने की युक्ति करके लिखाई थीं, उनको पलटने के लिये लिखा जाए।
- Esther 6:1–14 एस्तेर 6:1–14उस रात राजा को नींद नहीं आई, इसलिये उसकी आज्ञा से इतिहास की पुस्तक लाई गई, और पढ़कर राजा को सुनाई गई। और यह लिखा हुआ मिला, कि जब राजा क्षयर्ष के हाकिम जो द्वारपाल भी थे, उन में से बिगताना और तेरेश नाम दो जनों ने उस पर हाथ चलाने की युक्ति की थी उसे मोर्दकै ने प्रगट किया था। तब राजा ने पूछा, इसके बदले मोर्दकै की क्या प्रतिष्ठा और बड़ाई की गई? राजा के जो सेवक उसकी सेवा टहल कर रहे थे, उन्हों ने उसको उत्तर दिया, उसके लिये कुछ भी नहीं किया गया। राजा ने पूछा, आंगन में कौन है? उसी समय तो हामान राजा के भवन से बाहरी आंगन में इस मनसा से आया था, कि जो खम्भा उस ने मोर्दकै के लिये तैयार कराया था, उस पर उसको लटका देने की चर्चा राजा से करे। तब राजा के सेवकों ने उस से कहा, आंगन में तो हामान खड़ा है। राजा ने कहा, उसे भीतर बुलवा लाओ। जब हामान भीतर आया, तब राजा ने उस से पूछा, जिस मनुष्य की प्रतिष्ठा राजा करना चाहता हो तो उसके लिये क्या करना उचित होगा? हामान ने यह सोचकर, कि मुझ से अधिक राजा किस की प्रतिष्ठा करना चाहता होगा? राजा को उत्तर दिया, जिस मनुष्य की प्रतिष्ठा राजा करना चाहे, तो उसके लिये राजकीय वस्त्रा लाया जाए, जो राजा पहिनता है, और एक घेड़ा भी, जिस पर राजा सवार होता है, ओर उसके सिर पर जो राजकीय मुकुट धरा जाता है वह भी लाया जाए। फिर वह वस्त्रा, और वह घेड़ा राजा के किसी बड़े हाकिम को सौंपा जाए, और जिसकी प्रतिष्ठा राजा करना चाहता हो, उसको वह वस्त्रा पहिनाया जाए, और उस घोड़े पर सवार करके, नगर के चौक में उसे फिराया जाए; और उसके आगे आगे यह प्रचार किया जाए, कि जिसकी प्रतिष्ठा राजा करना चाहता है, उसके साथ ऐसा ही किया जाएगा। राजा ने हामान से कहा, फुत करके अपने कहने के अनुसार उस वस्त्रा और उस घोड़े को लेकर, उस यहूदी मोर्दकै से जो राजभवन के फाटक में बैठा करता है, वैसा ही कर। जैसा तू ने कहा है उस में कुछ भी कमी होने न पाए। तब हामान ने उस वस्त्रा, और उस घोड़े को लेकर, मोर्दकै को पहिनाया, और उसे घोड़े पर चढ़ाकर, नगर के चौक में इस प्रकार पुकारता हुआ घुमाया कि जिसकी प्रतिष्ठा राजा करना चाहता है उसके साथ ऐसा ही किया जाएगा। तब मोर्दकै तो राजभवन के फाटक में लौट गया परन्तु हामान शोक करता हुआ और सिर ढांपे हुए झट अपने घर को गया। और हामान ने अपनी पत्ती जेरेश और अपने सब मित्रों से सब कुछ जो उस पर बीता था वर्णन किया। तब उसके बुध्दिमान मित्रों और उसकेी पत्नी जेरेश ने उस से कहा, मोर्दकै जिसे तू नीचा दिखना चाहता है, यदि वह यहूदियों के वंश में का है, तो तू उस पर प्रबल न होने पाएगा उस से पूरी रीति नीचा ही खएगा। वे उस से बातें कर ही रहे थे, कि राजा के खोजे आकर, हामान को एस्तेर की की हुई जेवनार में फुत से लिवा ले गए।
Original words (Hebrew)
- found · H4672מָצָא mâtsâʼ
- favour · H2580חֵן chên
- sight · H5869עַיִן ʻayin
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- please · H2895טוֹב ṭôwb
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- grant · H5414נָתַן nâthan
- petition · H7596שְׁאֵלָה shᵉʼêlâh
- perform · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- request · H1246בַּקָּשָׁה baqqâshâh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Haman · H2001הָמָן Hâmân
- come · H935בּוֹא bôwʼ
- banquet · H4960מִשְׁתֶּה mishteh
- prepare · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- do · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- morrow · H4279מָחָר mâchâr
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- said · H1697דָּבָר dâbâr