Exodus · chapter 19 · verse 11
Exodus 19:11 in Hindi
और वे तीसरे दिन तक तैयार हो रहें; क्योंकि तीसरे दिन यहोवा सब लोगों के देखते सीनै पर्वत पर उतर आएगा।
Aur ve teesare din tak taiyaar ho rahem; kyonki teesare din yahovaa sab logom ke dekhate seenai parvat par utar aaegaa.
Exodus 19:11 in English
- King James Version (KJV)
- And be ready against the third day: for the third day the LORD will come down in the sight of all the people upon mount Sinai.
- World English Bible (WEB)
- and be ready for the third day; for on the third day the LORD will come down in the sight of all the people on Mount Sinai.
- American Standard Version (ASV)
- and be ready against the third day; for the third day Jehovah will come down in the sight of all the people upon mount Sinai.
- Bible in Basic English (BBE)
- And by the third day let them be ready: for on the third day the Lord will come down on Mount Sinai, before the eyes of all the people.
- Darby Translation (DBY)
- and let them be ready for the third day; for on the third day Jehovah will come down before the eyes of all the people on mount Sinai.
- Webster's Bible (WBS)
- And be ready against the third day: for on the third day the LORD will come down in the sight of all the people upon mount Sinai.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and have been prepared for the third day; for on the third day doth Jehovah come down before the eyes of all the people, on mount Sinai.
Read in context
- 9तब यहोवा ने मूसा से कहा, सुन, मैं बादल के अंधियारे में होकर तेरे पास आता हूं, इसलिये कि जब मैं तुझ से बातें करूं तब वे लोग सुनें, और सदा तेरी प्रतीति करें। और मूसा ने यहोवा से लोगों की बातों का वर्णन किया।
- 10तब यहोवा ने मूसा से कहा, लोगों के पास जा और उन्हें आज और कल पवित्रा करना, और वे अपने वस्त्रा धो लें,
- 11और वे तीसरे दिन तक तैयार हो रहें; क्योंकि तीसरे दिन यहोवा सब लोगों के देखते सीनै पर्वत पर उतर आएगा।
- 12और तू लोगों के लिये चारों ओर बाड़ा बान्ध देना, और उन से कहना, कि तुम सचेत रहों कि पर्वत पर न चढ़ो और उसके सिवाने को भी न छूओ; और जो कोई पहाड़ को छूए वह निश्चय मार डाला जाए।
- 13उसको कोई हाथ से तो न छूए, परन्तु वह निश्चय पत्थरवाह किया जाए, वा तीर से छेदा जाए; चाहे पशु हो चाहे मनुष्य, वह जीवित न बचे। जब महाशब्द वाले नरसिंगे का शब्द देर तक सुनाई दे, तब लोग पर्वत के पास आएं।
Cross references
- Exodus 19:16 निर्गमन 19:16जब तीसरा दिन आया तब भोर होते बादल गरजने और बिजली चमकने लगी, और पर्वत पर काली घटा छा गई, फिर नरसिंगे का शब्द बड़ा भरी हुआ, और छावनी में जितने लोग थे सब कांप उठे।
- Exodus 34:5 निर्गमन 34:5तब यहोवा ने बादल में उतरके उसके संग वहां खड़ा होकर यहोवा नाम का प्रचार किया।
- Deuteronomy 33:2 व्यवस्थाविवरण 33:2उस ने कहा, यहोवा सीनै से आया, और सेईर से उनके लिये उदय हुआ; उस ने पारान पर्वत पर से अपना तेज दिखाया, और लाखों पवित्रों के मध्य में से आया, उसके दहिने हाथ से उनके लिये ज्वालामय विधियां निकलीं।।
- John 3:13 यूहन्ना 3:13और कोई स्वर्ग पर नहीं चढ़ा, केवल वहीं जो स्वर्ग से उतरा, अर्थात् मनुष्य का पुत्रा जो स्वर्ग में है।
- John 6:38 यूहन्ना 6:38क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, बरन अपने भेजनेवाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं।
- Exodus 19:20 निर्गमन 19:20और यहोवा सीनै पर्वत की चोटी पर उतरा; और मूसा को पर्वत की चोटी पर बुलाया और मूसा ऊपर चढ़ गया।
- Psalm 144:5 भजन संहिता 144:5हे यहोवा, अपने स्वर्ग को नीचा करके उतर आ! पहाड़ों को छू तब उन से धुंआं उठेंगा!
- Numbers 11:17 गिनती 11:17तब मैं उतरकर तुझ से वहां बातें करूंगा; और जो आत्मा तुझ में है उस में से कुछ लेकर उन में समवाऊंगा; और वे इन लोगों का भार तेरे संग उठाए रहेंगे, और तुझे उसको अकेले उठाना न पड़ेगा।
- Exodus 19:18 निर्गमन 19:18और यहोवा जो आग में होकर सीनै पर्वत पर उतरा था, इस कारण समस्त पर्वत धुएं से भर गया; और उसका धुआं भट्टे का सा उठ रहा था, और समस्त पर्वत बहुत कांप रहा था
- Isaiah 64:1–2 यशायाह 64:1–2भला हो कि तू आकाश को फाड़कर उतर आए और पहाड़ तेरे साम्हने कांप उठे। जैसे आग झाड़- झंखाड़ को जला देती वा जल को उबालती है, उसी रीति से तू अपने शत्रुओं पर अपना नाम ऐसा प्रगट कर कि जाति जाति के लोग तेरे प्रताप से कांप उठें!
- Psalm 18:9 भजन संहिता 18:9और वह स्वर्ग को नीचे झुकाकर उतर आया; और उसके पांवों तले घोर अन्धकार था।
- Exodus 3:8 निर्गमन 3:8इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्त्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकालकर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात् कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।