Deuteronomy · chapter 33 · verse 2
Deuteronomy 33:2 in Hindi
उस ने कहा, यहोवा सीनै से आया, और सेईर से उनके लिये उदय हुआ; उस ने पारान पर्वत पर से अपना तेज दिखाया, और लाखों पवित्रों के मध्य में से आया, उसके दहिने हाथ से उनके लिये ज्वालामय विधियां निकलीं।।
Us ne kahaa, yahovaa seenai se aayaa, aur seeer se unake liye uday huaa; us ne paaraan parvat par se apanaa tej dikhaayaa, aur laakhom pavitrom ke madhy mem se aayaa, usake dahine haath se unake liye jvaalaamay vidhiyaam nikaleen..
Deuteronomy 33:2 in English
- King James Version (KJV)
- And he said, The LORD came from Sinai, and rose up from Seir unto them; he shined forth from mount Paran, and he came with ten thousands of saints: from his right hand [went] a fiery law for them.
- World English Bible (WEB)
- He said, “The LORD came from Sinai, and rose from Seir to them. He shone from Mount Paran. He came from the ten thousands of holy ones. At his right hand was a fiery law for them.
- American Standard Version (ASV)
- And he said, Jehovah came from Sinai, And rose from Seir unto them; He shined forth from mount Paran, And he came from the ten thousands of holy ones: At his right hand was a fiery law for them.
- Bible in Basic English (BBE)
- He said, The Lord came from Sinai, dawning on them from Seir; shining out from Mount Paran, coming from Meribath Kadesh: from his right hand went flames of fire: his wrath made waste the peoples.
- Darby Translation (DBY)
- And he said, Jehovah came from Sinai, And rose up from Seir unto them; He shone forth from mount Paran, And he came from the myriads of the sanctuary; From his right hand [went forth] a law of fire for them.
- Webster's Bible (WBS)
- And he said, the LORD came from Sinai, and rose up from Seir to them; he shined forth from mount Paran, and he came with ten thousands of saints: from his right hand [went] a fiery law for them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he saith: — 'Jehovah from Sinai hath come, And hath risen from Seir for them; He hath shone from mount Paran, And hath come [with] myriads of holy ones; At His right hand [are] springs for them.
Read in context
- 1जो आशीर्वाद परमेश्वर के जन मूसा ने अपनी मृत्यु से पहिले इस्राएलियों को दिया वह यह है।।
- 2उस ने कहा, यहोवा सीनै से आया, और सेईर से उनके लिये उदय हुआ; उस ने पारान पर्वत पर से अपना तेज दिखाया, और लाखों पवित्रों के मध्य में से आया, उसके दहिने हाथ से उनके लिये ज्वालामय विधियां निकलीं।।
- 3वह निश्चय देश देश के लोगों से प्रेम करता है; उसके सब पवित्रा लोग तेरे हाथ में हैं: वे तेरे पांवों के पास बैठे रहते हैं,
- 4मूसा ने हमें व्यवस्था दी, और याकूब की मण्डली का निज भाग ठहरी।।
Cross references
- Habakkuk 3:3 हबक्कूक 3:3ईश्वर तेमान से आया, पवित्रा ईश्वर परान पर्वत से आ रहा है। उसका तेज आकाश पर छाया हुआ है, और पृथ्वी उसकी स्तुति से परिपूर्ण हो गई है।।
- Jude 1:14 यहूदा 1:14और हनोक ने भी जो आदम से सातवीं पीढ़ी में था, इन के विषय में यह भविष्यद्ववाणी की, कि देखो, प्रभु अपने लाखों पवित्रों के साथ आया।
- Revelation 5:11 प्रकाशितवाक्य 5:11और जब मै ने देखा, तो उस सिंहासन और उन प्राणियों और उन प्राचीनों की चारों ओर बहुत से स्वर्गदूतों का शब्द सुना, जिन की गिनती लाखों और करोड़ों की थी।
- Psalm 68:17 भजन संहिता 68:17परमेश्वर के रथ बीस हजार, वरन हजारों हजार हैं; प्रभु उनके बीच में है, जैसे वह सीनै पवित्रास्थान में है।
- Judges 5:4–5 न्यायियों 5:4–5हे यहोवा, जब तू सेईर से निकल चला, जब तू ने एदोम के देश से प्रस्थान किया, तब पृथ्वी डोल उठी, और आकाश टूट पड़ा, बादल से भी जल बरसने लगा।। यहोवा के प्रताप से पहाड़, इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के प्रताप से वह सीनै पिघलकर बहने लगा।
- Acts 7:53 प्रेरितों के काम 7:53तुम ने स्वर्गदूतों के द्वारा ठहराई हुई व्यवस्था तो पाई, परन्तु उसका पालन नहीं किया॥
- Psalm 68:7–8 भजन संहिता 68:7–8हे परमेश्वर, जब तू अपनी प्रजा के आगे आगे चलता था, जब तू निर्जल भूमि में सेना समेत चला, तब पृथ्वी कांप उठी, और आकाश भी परमेश्वर के साम्हने टपकने लगा, उधर सीनै पर्वत परमेश्वर, हां इस्राएल के परमेश्वर के साम्हने कांप उठा।
- Daniel 7:9–10 दानिय्येल 7:9–10मैं ने देखते देखते अन्त में क्या देखा, कि सिंहासन रखे गए, और कोई अति प्राचीन विराजमान हुआ; उसका वस्त्रा हिम सा उजला, और सिर के बाल निर्मल ऊन सरीखे थे; उसका सिंहासन अग्निमय और उसके पहिये धधकती हुई आग के से देख पड़ते थे। उस प्राचीन के सम्मुख से आग की धारा निकलकर बह रही थी; फिर हजारों हजार लोग उसकी सेवा टहल कर रहे थे, और लाखों लाख लोग उसके साम्हने हाजिर थे; फिर न्यायी बैठ गए, और पुस्तकें खोली गईं।
- Hebrews 2:2 इब्रानियों 2:2क्योंकि जो वचन स्वर्गदूतों के द्वारा कहा गया था जब वह स्थिर रहा और हर एक अपराध और आज्ञा न मानने का ठीक ठीक बदला मिला।
- Exodus 19:18–20 निर्गमन 19:18–20और यहोवा जो आग में होकर सीनै पर्वत पर उतरा था, इस कारण समस्त पर्वत धुएं से भर गया; और उसका धुआं भट्टे का सा उठ रहा था, और समस्त पर्वत बहुत कांप रहा था फिर जब नरसिंगे का शब्द बढ़ता और बहुत भारी होता गया, तब मूसा बोला, और परमेश्वर ने वाणी सुनाकर उसको उत्तर दिया। और यहोवा सीनै पर्वत की चोटी पर उतरा; और मूसा को पर्वत की चोटी पर बुलाया और मूसा ऊपर चढ़ गया।
- 2 Corinthians 3:7 2 कुरिन्थियों 3:7और यहद मृत्यु की यह वाचा जिस के अक्षर पत्थरों पर खोद गए थे, यहां तक तेजोमय हुई, कि मूसा के मुंह पर के तेज के कराण जो घटता भी जाता था, इस्त्राएल उसके मुंह पर दृष्टि नहीं कर सकते थे।
- Galatians 3:19 गलातियों 3:19तब फिर व्यवस्था क्या रही? वह तो अपराधों के कारण बाद में दी गई, कि उस वंश के आने तक रहे, जिस को प्रतिज्ञा दी गई थी, और वह स्वर्गदूतों के द्वारा एक मध्यस्थ के हाथ ठहराई गई।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- Sinai · H5514סִינַי Çîynay
- up · H2224זָרַח zârach
- Seir · H8165שֵׂעִיר Sêʻîyr
- forth · H3313יָפַע yâphaʻ
- mount · H2022הַר har
- Paran · H6290פָּארָן Pâʼrân
- came · H857אָתָה ʼâthâh
- thousands · H7233רְבָבָה rᵉbâbâh
- saints · H6944קֹדֶשׁ qôdesh
- hand · H3225יָמִין yâmîyn
- fiery · H799אֶשְׁדָּת ʼeshdâth
- law · H1881דָּת dâth