Exodus · chapter 2 · verse 20
Exodus 2:20 in Hindi
तब उस ने अपनी बेटियों से कहा, वह पुरूष कहां है? तुम उसको क्यों छोड़ आई हो? उसको बुला ले आओ कि वह भोजन करे।
Tab us ne apanee betiyom se kahaa, vah puroosh kahaam hai? Tum usako kyom chhod aaee ho? Usako bulaa le aao ki vah bhojan kare.
Exodus 2:20 in English
- King James Version (KJV)
- And he said unto his daughters, And where [is] he? why [is] it [that] ye have left the man? call him, that he may eat bread.
- World English Bible (WEB)
- He said to his daughters, “Where is he? Why is it that you have left the man? Call him, that he may eat bread.”
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto his daughters, And where is he? why is it that ye have left the man? call him, that he may eat bread.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to his daughters, Where is he? why have you let the man go? make him come in and give him a meal.
- Darby Translation (DBY)
- And he said to his daughters, And where is he? why then have ye left the man behind? Call him, that he may eat bread.
- Webster's Bible (WBS)
- And he said to his daughters, And where [is] he? why [is] it [that] ye have left the man? call him, that he may eat bread.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he saith unto his daughters, 'And where [is] he? why [is] this? — ye left the man! call for him, and he doth eat bread.'
Read in context
- 18जब वे अपने पिता रूएल के पास फिर आई, तब उस ने उन से पूछा, क्या कारण है कि आज तुम ऐसी फुर्ती से आई हो?
- 19उन्हों ने कहा, एक मिद्दी पुरूष ने हम को चरवाहों के हाथ से छुड़ाया, और हमारे लिये बहुत जल भरके भेड़- बकरियों को पिलाया।
- 20तब उस ने अपनी बेटियों से कहा, वह पुरूष कहां है? तुम उसको क्यों छोड़ आई हो? उसको बुला ले आओ कि वह भोजन करे।
- 21और मूसा उस पुरूष के साथ रहने को प्रसन्न हुआ; उस ने उसे अपनी बेटी सिप्पोरा को ब्याह दिया।
- 22और उसके एक पुत्रा उत्पन्न हुआ, तब मूसा ने यह कहकर, कि मैं अन्य देश में परदेशी हूं, उसका नाम गेर्शोम रखा।।
Cross references
- Genesis 31:54 उत्पत्ति 31:54और याकूब ने उस पहाड़ पर मेलबलि चढ़ाया, और अपने भाई- बन्धुओं को भोजन करने के लिये बुलाया, सो उन्हों ने भोजन करके पहाड़ पर रात बिताई।
- Genesis 43:25 उत्पत्ति 43:25तब यह सुनकर, कि आज हम को यहीं भोजन करना होगा, उन्हों ने यूसुफ के आने के समय तक, अर्थात् दोपहर तक, उस भेंट को इकट्ठा कर रखा।
- Job 31:32 अय्यूब 31:32(परदेशी को सड़क पर टिकना न पड़ता था; मैं बटोही के लिये अपना द्वार खुला रखता था);
- Genesis 24:31–33 उत्पत्ति 24:31–33उस ने कहा, हे यहोवा की ओर से धन्य पुरूष भीतर आ: तू क्यों बाहर खड़ा है? मैं ने घर को, और ऊंटो के लिये भी स्थान तैयार किया है। और वह पुरूष घर में गया; और लाबान ने ऊंटों की काठियां खोलकर पुआल और चारा दिया; और उसके, और उसके संगी जनो के पांव धोने को जल दिया। तब इब्राहीम के दास के आगे जलपान के लिये कुछ रखा गया: पर उस ने कहा मैं जब तक अपना प्रयोजन न कह दूं, तब तक कुछ न खाऊंगा। लाबान ने कहा, कह दे।
- Genesis 18:5 उत्पत्ति 18:5फिर मैं एक टुकड़ा रोटी ले आऊं और उस से आप अपने जीव को तृप्त करें; तब उसके पश्चात् आगे बढें: क्योंकि आप अपने दास के पास इसी लिये पधारे हैं। उन्हों ने कहा, जैसा तू कहता है वैसा ही कर।
- Hebrews 13:2 इब्रानियों 13:2पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्वर्गदूतों की पहुनाई की है।
- Job 42:11 अय्यूब 42:11तब उसके सब भाई, और सब बहिनें, और जितने पहिले उसको जानते पहिचानते थे, उन सभों ने आकर उसके यहां उसके संग भोजन किया; और जितनी विपत्ति यहोवा ने उस पर डाली थी, उस सब के विषय उन्हों ने विलाप किया, और उसे शान्ति दी; और उसे एक एक सिक्का ओर सोने की एक एक बाली दी।
- Genesis 19:2–3 उत्पत्ति 19:2–3हे मेरे प्रभुओं, अपने दास के घर में पधारिए, और रात भर विश्राम कीजिए, और अपने पांव धोइये, फिर भोर को उठकर अपने मार्ग पर जाइए। उन्हों ने कहा, नहीं; हम चौक ही में रात बिताएंगे। और उस ने उन से बहुत बिनती करके उन्हें मनाया; सो वे उसके साथ चलकर उसके घर में आए; और उस ने उनके लिये जेवनार तैयार की, और बिना खमीर की रोटियां बनाकर उनको खिलाई।
- 1 Timothy 5:10 1 तीमुथियुस 5:10और भले काम में सुनाम रही हो, जिस ने बच्चों का पालन- पोषण किया हो; पाहुनों की सेवा की हो, पवित्रा लोगों के पांव धोए हो, दुखियों की सहायता की हो, और हर एक भले काम में मन लगाया हो।
- Genesis 29:13 उत्पत्ति 29:13अपने भानजे याकूब को समाचार पाते ही लाबान उस से भेंट करने को दौड़ा, और उसको गले लगाकर चूमा, फिर अपने घर ले आया। और याकूब ने लाबान से अपना सब वृत्तान्त वर्णन किया।