Exodus · chapter 32 · verse 29
Exodus 32:29 in Hindi
फिर मूसा ने कहा, आज के दिन यहोवा के लिये अपना याजकपद का संस्कार करो, वरन अपने अपने बेटों और भाइयों के भी विरूद्ध होकर ऐसा करो जिस से वह आज तुम को आशीष दे।
Phir moosaa ne kahaa, aaj ke din yahovaa ke liye apanaa yaajakapad kaa sanskaar karo, varan apane apane betom aur bhaaiyom ke bhee virooddh hokar aisaa karo jis se vah aaj tum ko aasheesh de.
Exodus 32:29 in English
- King James Version (KJV)
- For Moses had said, Consecrate yourselves to day to the LORD, even every man upon his son, and upon his brother; that he may bestow upon you a blessing this day.
- World English Bible (WEB)
- Moses said, “Consecrate yourselves today to the LORD, for every man was against his son and against his brother, that he may give you a blessing today.”
- American Standard Version (ASV)
- And Moses said, Consecrate yourselves to-day to Jehovah, yea, every man against his son, and against his brother; that he may bestow upon you a blessing this day.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Moses said, You have made yourselves priests to the Lord this day; for every one of you has made the offering of his son and his brother; the blessing of the Lord is on you this day.
- Darby Translation (DBY)
- And Moses said, Consecrate yourselves to-day to Jehovah, yea, every man with his son, and with his brother, and bring on yourselves a blessing to-day.
- Webster's Bible (WBS)
- For Moses had said, Consecrate yourselves to-day to the LORD, even every man upon his son, and upon his brother; that he may bestow upon you a blessing this day.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Moses saith, 'Consecrate your hand to-day to Jehovah, for a man [is] against his son, and against his brother, so as to bring on you to-day a blessing.'
Read in context
- 27उस ने उन से कहा, इस्त्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि अपनी अपनी जांघ पर तलवार लटका कर छावनी से एक निकास से दूसरे निकास तक घूम घूमकर अपने अपने भाइयों, संगियों, और पड़ोसियों को घात करो।
- 28मूसा के इस वचन के अनुसार लेवियों ने किया और उस दिन तीन हजार के अटकल लोग मारे गए।
- 29फिर मूसा ने कहा, आज के दिन यहोवा के लिये अपना याजकपद का संस्कार करो, वरन अपने अपने बेटों और भाइयों के भी विरूद्ध होकर ऐसा करो जिस से वह आज तुम को आशीष दे।
- 30दूसरे दिन मूसा ने लोगों से कहा, तुम ने बड़ा ही पाप किया है। अब मैं यहोवा के पास चढ़ जाऊंगा; सम्भव है कि मैं तुम्हारे पाप का प्रायश्चित्त कर सकूं।
- 31तब मूसा यहोवा के पास जाकर कहने लगा, कि हाय, हाय, उन लोगों ने सोने का देवता बनवाकर बड़ा ही पाप किया है।
Cross references
- Numbers 25:11–13 गिनती 25:11–13हारून याजक का पोता एलीआजर का पुत्रा पीनहास, जिसे इस्त्राएलियों के बीच मेरी सी जलन उठी, उस ने मेरी जलजलाहट को उन पर से यहां तक दूर किया है, कि मैं ने जलकर उनका अन्त नहीं कर डाला। इसलिये तू कह दे, कि मैं उस से शांति की वाचा बान्धता हूं; और वह उसके लिये, और उसके बाद उसके वंश के लिये, सदा के याजकपद की वाचा होगी, क्योंकि उसे अपने परमेश्वर के लिये जलन उठी, और उस ने इस्त्राएलियों के लिये प्रायश्चित्त किया।
- Zechariah 13:3 जकर्याह 13:3और यदि कोई फिर भविष्यद्वााणी करे, तो उसके माता- पिता, जिन से वह उत्पन्न हुआ, उस से कहेंगे, तू जीवित न बचेगा, क्योंकि तू ने यहोवा के नाम से झूठ कहा है; सो जब वह भविष्यद्वाणी करे, तब उसके माता- पिता जिन से वह उत्पन्न हुआ उसको बेध डालेंगे।
- Matthew 10:37 मत्ती 10:37जो माता या पिता को मुझ से अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं और जो बेटा या बेटी को मुझ से अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं।
- Deuteronomy 13:6–11 व्यवस्थाविवरण 13:6–11यदि तेरा सगा भाई, वा बेटा, वा बेटी, वा तेरी अर्द्धांगिन, वा प्राण प्रिय तेरा कोई मित्रा निराले में तुझ को यह कहकर फुसलाने लगे, कि आओ हम दूसरे देवताओं की उपासना वा पूजा करें, जिन्हें न तो तू न तेरे पुरखा जानते थे, चाहे वे तुम्हारे निकट रहनेवाले आस पास के लोगों के, चाहे पृथ्वी के एक छोर से लेके दूसरे छोर तक दूर दूर के रहनेवालों के देवता हों, तो तू उसकी न मानना, और न तो उसकी बात सुनना, और न उस पर तरस खाना, और न कोमलता दिखाना, और न उसको छिपा रखना; उसको अवश्य घात करना; उसके घात करने में पहिले तेरा हाथ उठे, पीछे सब लोगों के हाथ उठे। उस पर ऐसा पत्थरवाह करना कि वह मर जाए, क्योंकि उस ने तुझ को तेरे उस परमेश्वर यहोवा से, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात् मि देश से निकाल लाया है, बहकाने का यत्न किया है। और सब इस्राएली सुनकर भय खाएंगे, और ऐसा बुरा काम फिर तेरे बीच न करेंगे।।
- Proverbs 21:3 नीतिवचन 21:3धर्म और न्याय करना, यहोवा को बलिदान से अधिक अच्छा लगता है।
- 1 Samuel 15:18–22 1 शमूएल 15:18–22और यहोवा ने तुझे यात्रा करने की आज्ञा दी, और कहा, जाकर उन पापी अमालेकियों को सत्यानाश कर, और जब तक वे मिट न जाएं, तब तक उन से लड़ता रह। फिर तू ने किस लिये यहोवा की वह बात टालकर लूट पर टूट के वह काम किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है? शाऊल ने शमूएल से कहा, नि:सन्देह मैं ने यहोवा की बात मानकर जिधर यहोवा ने मुझे भेजा उधर चला, और अमालेकियों को सत्यानाश किया है। परन्तु प्रजा के लोग लूट में से भेड़- बकरियों, और गाय- बैलों, अर्थात् सत्यानाश होने की उत्तम उत्तम वस्तुओं को गिलगाल में तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये बलि चढ़ाने को ले आए हैं। शमूएल ने कहा, क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन मानना तो बलि चढ़ाने और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है।
- Joel 2:12–14 योएल 2:12–14तौभी यहोवा की यह वाणी है, अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते- पीटते अपने पूरे मन से फिरकर मेरे पास आओ। अपने वस्त्रा नहीं, अपने मन ही को फाड़कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करनेवाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछतानेहारा है। क्या जाने वह फिरकर पछताए और ऐसी आशीष दे जिस से तुम्हारे परमेश्वर यहोवा का अन्नबलि और अर्ध दिया जाए।।
- Deuteronomy 33:9–10 व्यवस्थाविवरण 33:9–10उस ने तो अपने माता पिता के विषय में कहा, कि मैं उनको नहीं जानता; और न तो उस ने अपने भाइयों को अपना माना, और न अपने पुत्रों को पहिचाना। क्योंकि उन्हों ने तेरी बातें मानी, और वे तेरी वाचा का पालन करते हैं।। वे याकूब को तेरे नियम, और इस्राएल को तेरी व्यवस्था सिखाएंगे; और तेरे आगे धूप और तेरी वेदी पर सर्वांग पशु को होमबलि करेंगे।।