Exodus · chapter 35 · verse 15
Exodus 35:15 in Hindi
डण्डों समेत धूपवेदी, अभिषेक का तेल, सुगन्धित धूप, और निवास के द्वार का पर्दा;
Dandom samet dhoopavedee, abhishek kaa tel, sugandhit dhoop, aur nivaas ke dvaar kaa pardaa;
Exodus 35:15 in English
- King James Version (KJV)
- And the incense altar, and his staves, and the anointing oil, and the sweet incense, and the hanging for the door at the entering in of the tabernacle,
- World English Bible (WEB)
- and the altar of incense with its poles, the anointing oil, the sweet incense, the screen for the door, at the door of the tabernacle;
- American Standard Version (ASV)
- and the altar of incense, and its staves, and the anointing oil, and the sweet incense, and the screen for the door, at the door of the tabernacle;
- Bible in Basic English (BBE)
- And the altar for burning spices, with its rods, and the holy oil and the sweet perfume, and the curtain for the door, at the door of the House;
- Darby Translation (DBY)
- and the altar of incense, and its staves; and the anointing-oil, and the incense of fragrant drugs; and the entrance-curtain at the entrance of the tabernacle;
- Webster's Bible (WBS)
- And the incense-altar, and its staffs, and the anointing oil, and the sweet incense, and the hanging for the door at the entrance of the tabernacle,
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And the altar of perfume, and its staves, and the anointing oil, and the spice perfume, and the covering of the opening at the opening of the tabernacle,
Read in context
- 13डण्डों और सब सामान समेत मेज़, और भेंट की रोटियां;
- 14सामान और दीपकों समेत उजियाला देनेवाला दीवट, और उजियाला देने के लिये तेल;
- 15डण्डों समेत धूपवेदी, अभिषेक का तेल, सुगन्धित धूप, और निवास के द्वार का पर्दा;
- 16पीतल की झंझरी, डण्डों आदि सारे सामान समेत होमवेदी, पाए समेत होदी;
- 17खम्भों और उनकी कुर्सियों समेत आंगन के पर्दे, और आंगन के द्वार के पर्दे;
Cross references
- Exodus 30:1–10 निर्गमन 30:1–10फिर धूप जलाने के लिये बबूल की लकड़ी की वेदी बनाना। उसकी लम्बाई एक हाथ और चौड़ाई एक हाथ की हो, वह चौकोर हो, और उसकी ऊंचाई दो हाथ की हो, और उसके सींग उसी टुकड़े से बनाए जाएं। और वेदी के ऊपर वाले पल्ले और चारों ओर की अलंगों और सींगों को चोखे सोने से मढ़ना, और इसकी चारों ओर सोने की एक बाड़ बनाना। और इसकी बाड़ के नीचे इसके दानों पल्ले पर सोने के दो दो कड़े बनाकर इसके दोनों ओर लगाना, वे इसके उठाने के डण्डों के खानों का काम देंगे। और डण्डों को बबूल की लकड़ी के बनाकर उन को सोने से मढ़ना। और तू उसको उस पर्दे के आगे रखना जो साक्षीपत्र के सन्दूक के साम्हने है, अर्थात प्रायश्चित्त वाले ढकने के आगे जो साक्षीपत्र के ऊपर है, वहीं मैं तुझ से मिला करूंगा। और उसी वेदी पर हारून सुगन्धित धूप जलाया करे; प्रतिदिन भोर को जब वह दीपक को ठीक करे तब वह धूप को जलाए, तब गोधूलि के समय जब हारून दीपकों को जलाए तब धूप जलाया करे, यह धूप यहोवा के साम्हने तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में नित्य जलाया जाए। और उस वेदी पर तुम और प्रकार का धूप न जलाना, और न उस पर होमबलि और न अन्नबलि चढ़ाना; और न इस पर अर्घ देना। और हारून वर्ष में एक बार इसके सींगों पर प्रायश्चित्त करे; और तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में वर्ष में एक बार प्रायश्चित्त लिया जाए; यह यहोवा के लिये परमपवित्र है॥
- Exodus 37:25–28 निर्गमन 37:25–28फिर उस ने बबूल की लकड़ी की धूपवेदी भी बनाई; उसकी लम्बाई एक हाथ और चौड़ाई एक हाथ ही थी; वह चौकोर बनी, और उसकी ऊंचाई एक हाथ की थी; वह चौकोर बनी, और उसकी ऊंचाई दो हाथ की थी; और उसके सींग उसके साथ बिना जोड़ के बने थे और ऊपरवाले पल्लों, और चारों ओर की अलंगों, और सींगो समेत उस ने उस वेदी को चोखे सोने से मढ़ा; और उसकी चारों ओर सोने की एक बाड़ बनाई, और उस बाड़ के नीचे उसके दोनों पल्लों पर उस ने सोने के दो कड़े बनाए, जो उसके उठाने के डण्डों के खानों का काम दें। और डण्डों को उस ने बबूल की लकड़ी का बनाया, और सोने से मढ़ा।
- Psalm 141:2 भजन संहिता 141:2मेरी प्रार्थना तेरे साम्हने सुगन्ध धूप, और मेरा हाथ फैलाना, संध्याकाल का अन्नबलि ठहरे!
- Exodus 36:37–38 निर्गमन 36:37–38और उस ने तम्बू के द्वार के लिये नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपड़े का, और बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े का कढ़ाई का काम किया हुआ पर्दा बनाया। और उस ने घुंडियों समेत उसके पांच खम्भे भी बनाए, और उनके सिरों और जोड़ने की छड़ों को सोने से मढ़ा, और उनकी पांच कुर्सियां पीतल की बनाईं।।
- Exodus 26:36–37 निर्गमन 26:36–37फिर तम्बू के द्वार के लिये नीले, बैंजनी और लाल रंग के और बटी हुई सूक्ष्म सनीवाले कपड़े का कढ़ाई का काम किया हुआ एक पर्दा बनवाना। और इस पर्दे के लिये बबूल के पांच खम्भे बनवाना, और उनको सोने से मढ़वाना; उनकी कडियां सोने की हो, और उनके लिये पीतल की पांच कुर्सियां ढलवा कर बनवाना।।
- Exodus 30:22–38 निर्गमन 30:22–38फिर यहोवा ने मूसा से कहा, तू मुख्य मुख्य सुगन्ध द्रव्य, अर्थात पवित्रस्थान के शेकेल के अनुसार पांच सौ शेकेल अपने आप निकला हुआ गन्धरस, और उसका आधा, अर्थात अढ़ाई सौ शेकेल सुगन्धित अगर, और पांच सौ शेकेल तज, और एक हीन जलपाई का तेल ले कर उन से अभिषेक का पवित्र तेल, अर्थात गन्धी की रीति से तैयार किया हुआ सुगन्धित तेल बनवाना; यह अभिषेक का पवित्र तेल ठहरे। और उससे मिलाप वाले तम्बू का, और साक्षीपत्र के सन्दूक का, और सारे सामान समेत मेज़ का, और सामान समेत दीवट का, और धूपवेदी का, और सारे सामान समेत होमवेदी का, और पाए समेत हौदी का अभिषेक करना। और उन को पवित्र करना, जिस से वे परमपवित्र ठहरें; और जो कुछ उन से छू जाएगा वह पवित्र हो जाएगा। फिर हारून का उसके पुत्रों के साथ अभिषेक करना, और इस प्रकार उन्हें मेरे लिये याजक का काम करने के लिये पवित्र करना। और इस्त्राएलियों को मेरी यह आज्ञा सुनाना, कि वह तेल तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में मेरे लिये पवित्र अभिषेक का तेल होगा। वह किसी मनुष्य की देह पर न डाला जाए, और मिलावट में उसके समान और कुछ न बनाना; वह तो पवित्र होगा, वह तुम्हारे लिये पवित्र होगा। जो कोई उसके समान कुछ बनाए, वा जो कोई उस में से कुछ पराए कुल वाले पर लगाए, वह अपने लोगों में से नाश किया जाए॥ फिर यहोवा ने मूसा से कहा, बोल, नखी और कुन्दरू, ये सुगन्ध द्रव्य निर्मल लोबान समेत ले लेना, ये सब एक तौल के हों, और इनका धूप अर्थात लोन मिलाकर गन्धी की रीति के अनुसार चोखा और पवित्र सुगन्ध द्रव्य बनवाना; फिर उस में से कुछ पीसकर बुकनी कर डालना, तब उस में से कुछ मिलाप वाले तम्बू में साक्षीपत्र के आगे, जहां पर मैं तुझ से मिला करूंगा वहां रखना; वह तुम्हारे लिये परमपवित्र होगा। और जो धूप तू बनवाएगा, मिलावट में उसके समान तुम लोग अपने लिये और कुछ न बनवाना; वह तुम्हारे आगे यहोवा के लिये पवित्र होगा। जो कोई सूंघने के लिये उसके समान कुछ बनाए वह अपने लोगों में से नाश किया जाए॥