Ezekiel · chapter 17 · verse 23
Ezekiel 17:23 in Hindi
अर्थात् इस्राएल के ऊंचे पर्वत पर लगाऊंगा; सो वह डालियां फोड़कर बलवन्त और उत्तम देवदार बन जाएगा, और उसके नीचे अर्थात् उसकी डालियों की छाया में भांति भांति के सब पक्षी बसेरा करेंगे।
Arthaat israael ke oonche parvat par lagaaoongaa; so vah daaliyaam phodakar balavant aur uttam devadaar ban jaaegaa, aur usake neeche arthaat usakee daaliyom kee chhaayaa mem bhaanti bhaanti ke sab pakshee baseraa karenge.
Ezekiel 17:23 in English
- King James Version (KJV)
- In the mountain of the height of Israel will I plant it: and it shall bring forth boughs, and bear fruit, and be a goodly cedar: and under it shall dwell all fowl of every wing; in the shadow of the branches thereof shall they dwell.
- World English Bible (WEB)
- I will plant it in the mountain of the height of Israel; and it will produce boughs, and bear fruit, and be a good cedar. Birds of every kind will dwell in the shade of its branches.
- American Standard Version (ASV)
- in the mountain of the height of Israel will I plant it; and it shall bring forth boughs, and bear fruit, and be a goodly cedar: and under it shall dwell all birds of every wing; in the shade of the branches thereof shall they dwell.
- Bible in Basic English (BBE)
- It will be planted on the high mountain of Israel: it will put out branches and have fruit and be a fair cedar: under it all birds of every sort will make their living-place, resting in the shade of its branches.
- Darby Translation (DBY)
- upon the mountain of the height of Israel will I plant it; and it shall bring forth branches, and bear fruit, and become a noble cedar; and under it shall dwell all birds of every wing; in the shadow of the branches thereof shall they dwell.
- Webster's Bible (WBS)
- In the mountain of the hight of Israel will I plant it: and it shall bring forth boughs, and bear fruit, and be a goodly cedar: and under it shall dwell all fowl of every wing; in the shade of its branches shall they dwell.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In a mountain — the high place of Israel, I plant it, And it hath borne boughs, and yielded fruit, And become a goodly cedar, And dwelt under it have all birds of every wing, In the shade of its thin shoots they dwell.
Read in context
- 21और उसके सब दलों में से जितने भागें वे सब तलवार से मारे जाएंगे, और जो रह जाएं सो चारों दिशाओं में तितर- बितर हो जाएंगे। तब तुम लोग जान लोगे कि मुझ यहोवा ही ने ऐसा कहा है।
- 22फिर प्रभु यहोवा यों कहता है, मैं भी देवदार की ऊंची फुनगी में से कुछ लेकर लगाऊंगा, और उसकी सब से ऊपरवाली कनखाओं में से एक कोमल कनखा तोड़कर एक अति ऊंचे पर्वत पर लगाऊंगा।
- 23अर्थात् इस्राएल के ऊंचे पर्वत पर लगाऊंगा; सो वह डालियां फोड़कर बलवन्त और उत्तम देवदार बन जाएगा, और उसके नीचे अर्थात् उसकी डालियों की छाया में भांति भांति के सब पक्षी बसेरा करेंगे।
- 24तब मैदान के सब वृक्ष जान लेंगे कि मुझ यहोवा ही ने ऊंचे वृक्ष को नीचा और नीचे पृक्ष को ऊंचा किया, हरे वृक्ष को सुखा दिया, और सूखे वृक्ष को फुलाया फलाया है। मुझ यहोवा ही ने यह कहा और वैसा ही कर भी दिया है।
Cross references
- Matthew 13:32 मत्ती 13:32वह सब बीजों से छोटा तो है पर जब बढ़ जाता है तब सब साग पात से बड़ा होता है; और ऐसा पेड़ हो जाता है, कि आकाश के पक्षी आकर उस की डालियों पर बसेरा करते हैं।।
- Ezekiel 31:6 यहेजकेल 31:6उसकी टहनियों में आकाश के सब प्रकार के पक्षी बसेरा करते थे, और उसकी शाखाओं के नीचे मैदान के सब भांति के जीवजन्तु जन्मते थे; और उसकी छाया में सब बड़ी जातियां रहती थीं।
- Isaiah 2:2 यशायाह 2:2अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लागे धारा की नाई उसकी ओर चलेंगें।
- Hosea 14:7 होशे 14:7जो उसकी छाया में बैठेंगे, वे अन्न ही नाईं बढ़ेंगे, वे दाखलता की नाई फूले- फलेंगे; और उसकी कीर्त्ति लबानोन के दाखमधु की सी होगी।।
- John 15:5–8 यूहन्ना 15:5–8में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं। यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा। मेरे पिता की महिमा इसी से होती है, कि तुम बहुत सा फल लाओ, तब ही तुम मेरे चेले ठहरोगे।
- Psalm 92:12–13 भजन संहिता 92:12–13धर्मी लोग खजूर की नाई फूले फलेंगे, और लबानोन के देवदार की नाई बढ़ते रहेंगे। वे यहोवा के भवन में रोपे जाकर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे।
- Daniel 4:21–23 दानिय्येल 4:21–23जिसके पत्ते सुन्दर और फल बहुत थे, और जिस में सभों के लिये भोजन था; जिसके नीचे मैदान के सब पशु रहते थे, और जिसकी डालियों में आकाश की चिड़ियां बसेरा करती थीं, हे राजा, वह तू ही है। तू महान और सामर्थी हो गया, तेरी महिमा बढ़ी और स्वर्ग तक पहुंच गई, और तेरी प्रभुता पृथ्वी की छोर तक फैली है। और हे राजा, तू ने जो एक पवित्रा पहिरूए को स्वर्ग से उतरते और यह कहते देखा कि वृक्ष को काट डालो और उसका नाश करो, तौभी उसके ठूंठ को जड़ समेत भूमि में छोड़ो, और उसको लोहे और पीतल के बन्धन से बान्धकर मैदान की हरी घास के बीच में रहने दो; वह आकाश की ओस से भीगा करे, और उसको मैदान के पशुओं के संग ही भाग मिले; और जब तक सात युग उस पर बीत न चुकें, तब तक उसकी ऐसी ही दशा रहे।
- Daniel 4:10–14 दानिय्येल 4:10–14जो दर्शन मैं ने पलंग पर पाया वह यह है: मैं ने देखा, कि पृथ्वी के बीचोबीच एक वृक्ष लगा है; उसकी ऊंचाई बहुत बड़ी है। वह वृक्ष बड़ा होकर दृढ़ हो गया, और उसकी ऊंचाई स्वर्ग तक पहुंची, और वह सारी पृथ्वी की छोर तक देख पड़ता था। उसके पत्ते सुन्दर, और उस में बहुत फल थे, यहां तक कि उस में सभों के लिये भोजन था। उसके नीचे मैदान के सब पशुओं को छाया मिलती थी, और उसकी डालियों में आकाश की सब चिड़ियां बसेरा करता थीं, और सब प्राणी उस से आहार पाते थे।। मैं ने पलंग पर दर्शन पाते समय क्या देखा, कि एक पवित्रा पहरूआ स्वर्ग से उतर आया। उस ने ऊंचे शब्द से पुकारकर यह कहा, वृक्ष को काट डालो, उसकी डालियों को छांट दो, उसके पत्ते झाड़ दो और उसके फल छितरा डालो; पशु उसके नीचे से हट जाएं, और चिड़ियें उसकी डालियों पर से उड़ जाएं।
- John 12:24 यूहन्ना 12:24मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जब तक गेहूं का दाना भूमि में पड़कर मर नहीं जाता, वह अकेला रहता है परन्तु जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है।
- Psalm 22:27–30 भजन संहिता 22:27–30पृथ्वी के सब दूर दूर देशों के लोग उसको स्मरण करेंगे और उसकी ओर फिरेंगे; और जाति जाति के सब कुल तेरे साम्हने दण्डवत् करेंगे। क्योंकि राज्य यहोवा की का है, और सब जातियों पर वही प्रभुता करता है।। पृथ्वी के सब हृष्टपुष्ट लोग भोजन करके दण्डवत् करेंगे; वह सब जितने मिट्टी में मिल जाते हैं और अपना अपना प्राण नहीं बचा सकते, वे सब उसी के साम्हने घुटने टेकेंगे। एक वंश उसकी सेवा करेगा; दूसरा पीढ़ी से प्रभु का वर्णन किया जाएगा।
- Isaiah 27:6 यशायाह 27:6भविष्य में याकूब जड़ पकड़ेगा, और इस्राएल फूल- फलेगा, और उसके फलों से जगत भर जाएगा।।
- Isaiah 11:6–10 यशायाह 11:6–10तब भेड़िया भेड़ के बच्चे के संग रहा करेगा, और चीता बकरी के बच्चे के साथ बैठा रहेगा, और बछड़ा और जवान सिंह और पाला पोसा हुआ बैल तीनों इकट्ठे रहेंगे, और एक छोटा लड़का उनकी अगुवाई करेगा। गाय और रीछनी मिलकर चरेंगी, और उनके बच्चे इकट्ठे बैठेंगे; और सिंह बैल की नाईं भूसा खाया करेगा। दूधपिउवा बच्चा करैत के बिल पर खेलेगा, और दूध छुड़ाया हुआ लड़का नाग के बिल में हाथ डालेगा। मेरे सारे पवित्रा पर्वत पर न तो कोई दु:ख देगा और न हानि करेगा; क्योंकि पृथ्वी यहोवा के ज्ञान से ऐसी भर जाएगी जैसा जल समुद्र में भरा रहता है।। उस समय यिशै की जड़ देश देश के लोगों के लिये एक झण्ड़ा होगी; सब राज्यों के लोग उसे ढूंढ़ेंगें, और उसका विश्रामस्थान तेजोमय होगा।।
Original words (Hebrew)
- mountain · H2022הַר har
- height · H4791מָרוֹם mârôwm
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- plant · H8362שָׁתַל shâthal
- forth · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- boughs · H6057עָנָף ʻânâph
- bear · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- fruit · H6529פְּרִי pᵉrîy
- goodly · H117אַדִּיר ʼaddîyr
- cedar · H730אֶרֶז ʼerez
- dwell · H7931שָׁכַן shâkan
- fowl · H6833צִפּוֹר tsippôwr
- wing · H3671כָּנָף kânâph
- shadow · H6738צֵל tsêl
- branches · H1808דָּלִיָּה dâlîyâh
- dwell · H7931שָׁכַן shâkan