Ezekiel · chapter 17 · verse 4
Ezekiel 17:4 in Hindi
तब उस ने उस फुनगी की सब से ऊपर की पतली टहनी को तोड़ लिया, और उसे लेन देन करनेवालों के देश में ले जाकर व्योपारियों के एक नगर में लगाया।
Tab us ne us phunagee kee sab se oopar kee patalee tahanee ko tod liyaa, aur use len den karanevaalom ke desh mem le jaakar vyopaariyom ke ek nagar mem lagaayaa.
Ezekiel 17:4 in English
- King James Version (KJV)
- He cropped off the top of his young twigs, and carried it into a land of traffick; he set it in a city of merchants.
- World English Bible (WEB)
- He cropped off the topmost of its young twigs, and carried it to a land of traffic. He planted it in a city of merchants.
- American Standard Version (ASV)
- he cropped off the topmost of the young twigs thereof, and carried it unto a land of traffic; he set it in a city of merchants.
- Bible in Basic English (BBE)
- Biting off the highest of its young branches, he took it to the land of Canaan, and put it in a town of traders.
- Darby Translation (DBY)
- He cropped off the top of its young shoots, and carried it into a merchants' land; he set it in a city of traders.
- Webster's Bible (WBS)
- He cropped off the top of its young twigs, and carried it into a land of traffick; he set it in a city of merchants.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The top of its tender twigs it hath cropped, And it bringeth it in to the land of Canaan. In a city of merchants it hath placed it.
Read in context
- 2हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएल के घराने से यह पहेली और दृष्टान्त कह; प्रभू यहोवा यों कहता हे,
- 3एक लम्बे पंखवाले, परों से भरे और रडंगे बिरडंगे बडे उकाब पक्षी ने लबानोन जाकर एक देवदार की फुनगी नोच ली।
- 4तब उस ने उस फुनगी की सब से ऊपर की पतली टहनी को तोड़ लिया, और उसे लेन देन करनेवालों के देश में ले जाकर व्योपारियों के एक नगर में लगाया।
- 5तब उस ने देश का कुछ बीज लेकर एक उपजाऊ खेत में बोया, और उसे बहुत जल भरे स्थान में मजनू की नाई लगाया।
- 6और वह उगकर छोटी फैलनेवाली अंगूर की लता हो गई जिसकी डालियां उसकी ओर झुकीं, और उसकी सोर उसके नीचे फैलीं; इस प्रकार से वह अंगूर की लता होकर कनखा फोड़ने और पत्तों से भरने लगी।
Cross references
- Isaiah 43:14 यशायाह 43:14तुम्हारा छुड़ानेवाला और इस्राएल का पवित्रा यहोवा यों कहता है, तुम्हारे निमित्त मैं ने बाबुल को भेजा है, और उसके सब रहनेवालों को भगोड़ों की दशा में और कसदियों को भी उन्हीं के जहाजों पर चढ़ाकर ले आऊंगा जिन के विषय वे बड़ा बोल बोलते हैं।
- Revelation 18:11–19 प्रकाशितवाक्य 18:11–19और पृथ्वी के व्यापारी उसके लिये रोएंगे और कलपेंगे क्योंकि अब कोई उन का माल मोल न लेगा। अर्थात् सोना, चान्दी, रत्न, मोती, और मलमल, और बैंजनी, और रेशमी, और किरमिजी कपड़े, और हर प्रकार का सुगन्धित काठ, और हाथीदांत की हर प्रकार की वस्तुएं, और बहुमोल काठ, और पीतल, और लोहे, और संगमरमर के सब भांति के पात्रा। और दारचीनी, मसाले, धूप, इत्रा, लोबान, मदिरा, तेल, मैदा, गेहूं, गाय, बैल, भेड़, बकरियां, घोड़े, रथ, और दास, और मनुष्य के प्राण। अब मेरे मन भावने फल तेरे पास से जाते रहे; और स्वादिष्ट और भड़कीली वस्तुएं तुझ से दूर हुई हैं, और वे फिर कदापि न मिलेंगी। इन वस्तुओं के व्यापारी जो उसके द्वारा धनवान हो गए थे, उस की पीड़ा के डर के मारे दूर खड़े होंगे, और रोते और कलपते हुए कहेंगे। हाय! हाय! यह बड़ा नगर जो मलमल, और बैंजनी, और किरमिजी कपड़े पहिने था, और सोने, और रत्नों, और मोतियों से सजा था, घड़ी ही भर में उसका ऐसा भारी धन नाश हो गया: और हर एक मांझी, और जलयात्री, और मल्लाह, और जितने समुद्र से कमाते हैं, सब दूर खड़े हुए। और उसके जलने का धुआं देखते हुए पुकारकर कहेंगे, कौन सा नगर इस बड़े नगर के समान है? और अपने अपने सिरों पर धूल डालेंगे, और रोते हुए और कलपते हुए चिल्ला चिल्लाकर कहेंगे, कि हाय! हाय! यह बड़ा नगर जिस की सम्पत्ति के द्वारा समुद्र के सब जहाजवाले धनी हो गए थे घड़ी ही भर में उजड़ गया।
- Jeremiah 51:13 यिर्मयाह 51:13हे बहुत जलाशयों के बीच बसी हुई और बहुत भण्डार रखनेवाली, तेरा अन्त आ गया, तेरे लोभ की सीमा पहंच गई है।
- Isaiah 47:15 यशायाह 47:15जिनके लिये तू परिश्रम करती आई है वे सब तेरे लिये वैसे ही होंगे, और जो तेरी युवावस्था से तेरे संग व्योपार करते आए हैं, उन मेसे प्रत्येक अपनी अपनी दिशा की ओर चले जाएंगे; तेरा बचानेवाला कोई न रहेगा।।
- Revelation 18:3 प्रकाशितवाक्य 18:3क्योंकि उसके व्यभिचार के भयानक मदिरा के कारण सब जातियां गिर गई हैं, और पृथ्वी के राजाओं ने उसके साथ व्यभिचार किया है; और पृथ्वी के व्यापारी उसके सुख- विलास की बहुतायत के कारण धनवान हुए हैं।