Ezekiel · chapter 20 · verse 6
Ezekiel 20:6 in Hindi
उसी दिन मैं ने उन से यह भी शपथ खाई, कि मैं तुम को मिस्र देश से निकालकर एक देश में पहुंचाऊंगा, जिसे मैं ने तुम्हारे लिये चुन लिया है; वह सब देशों का शिरोमणि है, और उस में दूध और मधु की धराएं बहती हैं।
Usee din maim ne un se yah bhee shapath khaaee, ki maim tum ko misr desh se nikaalakar ek desh mem pahunchaaoongaa, jise maim ne tumhaare liye chun liyaa hai; vah sab deshom kaa shiromani hai, aur us mem doodh aur madhu kee dharaaem bahatee hain.
Ezekiel 20:6 in English
- King James Version (KJV)
- In the day [that] I lifted up mine hand unto them, to bring them forth of the land of Egypt into a land that I had espied for them, flowing with milk and honey, which [is] the glory of all lands:
- World English Bible (WEB)
- in that day I swore to them to bring them out of the land of Egypt into a land that I had searched out for them, flowing with milk and honey, which is the glory of all lands.
- American Standard Version (ASV)
- in that day I sware unto them, to bring them forth out of the land of Egypt into a land that I had searched out for them, flowing with milk and honey, which is the glory of all lands.
- Bible in Basic English (BBE)
- In that day I gave my oath to take them out of the land of Egypt into a land which I had been searching out for them, a land flowing with milk and honey, the glory of all lands:
- Darby Translation (DBY)
- in that day I lifted up my hand unto them, to bring them out of the land of Egypt into a land that I had espied for them, flowing with milk and honey, which is the ornament of all lands;
- Webster's Bible (WBS)
- In the day [that] I lifted up my hand to them, to bring them forth from the land of Egypt into a land that I had espied for them, flowing with milk and honey, which [is] the glory of all lands:
- Young's Literal Translation (YLT)
- In that day I did lift up My hand to them, To bring them forth from the land of Egypt, Unto a land that I spied out for them, Flowing with milk and honey, A beauty it [is] to all the lands,
Read in context
- 4हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू उनका न्याय न करेगा? क्या तू उनका न्याय न करेगा? उनके पुरखाओं के घिनौने काम उन्हें जता दे,
- 5और उन से कह, प्रभु यहोवा यों कहता है, जिस दिन मैं ने इस्राएल को चुन लिया, और याकूब के घराने के वंश से शपथ खाई, और मिस्र देख में अपने को उन पर प्रगट किया, और उन से शपथ खाकर कहा, मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ,
- 6उसी दिन मैं ने उन से यह भी शपथ खाई, कि मैं तुम को मिस्र देश से निकालकर एक देश में पहुंचाऊंगा, जिसे मैं ने तुम्हारे लिये चुन लिया है; वह सब देशों का शिरोमणि है, और उस में दूध और मधु की धराएं बहती हैं।
- 7फिर मैं ने उन से कहा, जिन घिनौनी वस्तुओं पर तुम में से हर एक की आंखें लगी हैं, उन्हें फेंक दो; और मिस्र की मूरतों से अपने को अशुद्ध न करो; मैं ही तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ।
- 8परन्तु वे मुझ से बिगड़ गए और मेरी सुननी न चाही; जिन घिनौनी वस्तुओं पर उनकी आंखें लगी थीं, उनकी किसी ने फेंका नहीं, और न मिस्र की मूरतों को छोड़ा। तब मैं ने कहा, मैं यहीं, मिस्र देश के बीच मुम पर अपनी जलजलाहट भड़काऊंगा। और पूरा कोप दिखाऊंगा।
Cross references
- Jeremiah 32:22 यिर्मयाह 32:22फिर तू ने यह देश उन्हें दिया जिसके देने की शपथ तू ने उनके पूर्वजों से खाई थी; जिसमें दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, और वे आकर इसके अधिकारी हुए।
- Ezekiel 20:15 यहेजकेल 20:15फिर मैं ने जंगल में उन से शपथ खाई कि जो देश मैं ने उनको दे दिया, और जो सब देशों का शिरोमणि है, जिस में दूध और मधु की धराएं बहती हैं, उस में उन्हें न पहुंचाऊंगा,
- Exodus 3:8 निर्गमन 3:8इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्त्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकालकर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात् कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।
- Psalm 48:2 भजन संहिता 48:2सिरयोन पर्वत ऊंचाई में सुन्दर और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण है, राजाधिराज का नगर उत्तरीय सिरे पर है।
- Daniel 8:9 दानिय्येल 8:9फिर इन में से एक छोटा सा सींग और निकला, जो दक्खिन, पूरब और शिरोमणि देश की ओर बहुत ही बढ़ गया।
- Zechariah 7:14 जकर्याह 7:14वरन मैं उन्हें उन सब जातियों के बीच जिन्हें वे नहीं जानते, आंधी के द्वारा तितर- बितर कर दूंगा, और उनका देश उनके पीछे ऐसा उजाड़ पड़ा रहेगा कि उस में किसी का आना जाना न होगा; इसी प्राकर से उन्हों ने मनोहर देश को उजाड़ कर दिया।।
- Deuteronomy 32:13–14 व्यवस्थाविवरण 32:13–14उस ने उसको पृथ्वी के ऊंचे ऊंचे स्थानों पर सवार कराया, और उसको खेतों की उपज खिलाई; उस ने उसे चट्टान में से मधु और चकमक की चट्ठान में से तेल चुसाया।। गायों का दही, और भेड़- बकरियों का दूध, मेम्नों की चर्बी, बकरे और बाशान की जाति के मेढ़े, और गेहूं का उत्तम से उत्तम आटा भी; और तू दाखरस का मधु पिया करता था।।
- Ezekiel 20:23 यहेजकेल 20:23फिर मैं ने जंगल में उन से शपथ खाई, कि मैं तुम्हें जाति जाति में तितर- बितर करूंगा, और देश देश में छितरा दूंगा,
- Deuteronomy 11:11–12 व्यवस्थाविवरण 11:11–12परन्तु जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो वह पहाड़ों और तराईयों का देश है, और आकाश की वर्षा के जल से सिंचता है; वह ऐसा देश है जिसकी तेरे परमेश्वर यहोवा को सुधि रहती है; और वर्ष के आदि से लेकर अन्त तक तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि उस पर निरन्तर लगी रहती है।।
- Numbers 13:27 गिनती 13:27उन्हों ने मूसा से यह कहकर वर्णन किया, कि जिस देश में तू ने हम को भेजा था उस में हम गए; उस में सचमुच दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, और उसकी उपज में से यही है।
- Deuteronomy 26:9 व्यवस्थाविवरण 26:9और हमें इस स्थान पर पहुंचाकर यह देश जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं हमें दे दिया है।
- Exodus 14:1–15 निर्गमन 14:1–15यहोवा ने मूसा से कहा, इस्राएलियों को आज्ञा दे, कि वे लौटकर मिगदोल और समुद्र के बीच पीहहीरोत के सम्मुख, बालसपोन के साम्हने अपने डेरे खड़े करें, उसी के साम्हने समुद्र के तट पर डेरे खड़े करें। तब फिरौन इस्राएलियों के विषय में सोचेगा, कि वे देश के उलझनों में बझे हैं और जंगल में घिर गए हैं। तब मैं फिरौन के मन को कठोर कर दूंगा, और वह उनका पीछा करेगा, तब फिरौन और उसकी सारी सेना के द्वारा मेरी महिमा होगी; और मिद्दी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं। और उन्हों ने वैसा ही किया। जब मि के राजा को यह समाचार मिला कि वे लोग भाग गए, तब फिरौन और उसके कर्मचारियों का मन उनके विरूद्ध पलट गया, और वे कहने लगे, हम ने यह क्या किया, कि इस्राएलियों को अपनी सेवकाई से छुटकारा देकर जाने दिया? तब उस ने अपना रथ जुतवाया और अपनी सेना को संग लिया। उस ने छ: सौ अच्दे से अच्छे रथ वरन मि के सब रथ लिए और उन सभों पर सरदार बैठाए। और यहोवा ने मि के राजा फिरौन के मन को कठोर कर दिया। सो उस ने इस्राएलियों का पीछा किया; परन्तु इस्राएली तो बेखटके निकले चले जाते थे। पर फिरौन के सब घोड़ों, और रथों, और सवारों समेत मिद्दी सेना ने उनका पीछा करके उन्हें, जो पीहहीरोत के पास, बालसपोन के साम्हने, समुद्र के तीर पर डेरे डाले पड़े थे, जा लिया।। जब फिरौन निकट आया, तब इस्राएलियों ने आंखे उठाकर क्या देखा, कि मिद्दी हमारा पीछा किए चले आ रहे हैं; और इस्राएली अत्यन्त डर गए, और चिल्लाकर यहोवा की दोहाई दी। और वे मूसा से कहने लगे, क्या मि में कबरें न थीं जो तू हम को वहां से मरने के लिये जंगल में ले आया है? तू ने हम से यह क्या किया, कि हम को मि से निकाल लाया? क्या हम तुझ से मि में यही बात न कहते रहे, कि हमें रहने दे कि हम मिस्त्रियों की सेवा करें? हमारे लिये जंगल में मरने से मिस्त्रियों कि सेवा करनी अच्छी थी। मूसा ने लोगों से कहा, डरो मत, खड़े खड़े वह उद्धार का काम देखो, जो यहोवा आज तुम्हारे लिये करेगा; क्योंकि जिन मिस्त्रियों को तुम आज देखते हो, उनको फिर कभी न देखोगे। यहोवा आप ही तुम्हारे लिये लड़ेगा, इसलिये तुम चुपचाप रहो।। तब यहोवा ने मूसा से कहा, तू क्यों मेरी दोहाई दे रहा है? इस्राएलियों को आज्ञा दे कि यहां से कूच करें।
Original words (Hebrew)
- day · H3117יוֹם yôwm
- up · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- hand · H3027יָד yâd
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- espied · H8446תּוּר tûwr
- flowing · H2100זוּב zûwb
- milk · H2461חָלָב châlâb
- honey · H1706דְּבַשׁ dᵉbash
- glory · H6643צְבִי tsᵉbîy
- lands · H776אֶרֶץ ʼerets