Ezekiel · chapter 35 · verse 10
Ezekiel 35:10 in Hindi
क्योंकि तू ने कहा है, कि ये दोनों जातियां और ये दोनों देश मेरे होंगे; और हम ही उनके स्वामी हो जाएंगे, यद्यपि यहोवा वहां था।
Kyonki too ne kahaa hai, ki ye donom jaatiyaam aur ye donom desh mere honge; aur ham hee unake svaamee ho jaaenge, yadyapi yahovaa vahaam thaa.
Ezekiel 35:10 in English
- King James Version (KJV)
- Because thou hast said, These two nations and these two countries shall be mine, and we will possess it; whereas the LORD was there:
- World English Bible (WEB)
- “‘“Because you have said, ‘These two nations and these two countries will be mine, and we will possess it,’ although the LORD was there,
- American Standard Version (ASV)
- Because thou hast said, These two nations and these two countries shall be mine, and we will possess it; whereas Jehovah was there:
- Bible in Basic English (BBE)
- Because you have said, The two nations and the two countries are to be mine, and we will take them for our heritage; though the Lord was there:
- Darby Translation (DBY)
- Because thou hast said, These two nations and these two countries shall be mine, and we will possess it, whereas Jehovah was there:
- Webster's Bible (WBS)
- Because thou hast said, These two nations and these two countries shall be mine, and we will possess it; whereas the LORD was there:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Because of thy saying: The two nations and the two lands are mine, and we have possessed it, And Jehovah hath been there;
Read in context
- 8और मैं उसके पहाड़ों को मारे हुओं से भर दूंगा; तेरे टीलों, तराइयों और सब नालों में तलवार से मारे हुए गिरेंगे!
- 9मैं तुझे युग युग के लिये उजाड़ कर दूंगा, और तेरे नगर फिर न बसेंगे। तब तुम जान लागे कि मैं यहोवा हूँ।
- 10क्योंकि तू ने कहा है, कि ये दोनों जातियां और ये दोनों देश मेरे होंगे; और हम ही उनके स्वामी हो जाएंगे, यद्यपि यहोवा वहां था।
- 11इस कारण, परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगनध, तेरे कोप के अनुसार, और जो जलजलाहट तू ने उन पर अपने वैर के कारण की है, उसी के अनुसार मैं तुझ से बर्ताव करूंगा, और जब मैं तेरा न्याय करूं, तब तुम में अपने को प्रगट करूंगा।
- 12और तू जानेगा, कि मुझ यहोवा ने तेरी सब तिरस्कार की बातें सुनी हैं, जो तू ने इस्राएल के पहाड़ों के विषय में कहीं, कि, वे तो उजड़ गए, वे हम ही को दिए गए हैं कि हम उन्हें खा डालें।
Cross references
- Ezekiel 36:5 यहेजकेल 36:5परमेश्वर यहोवा यों कहता है, निश्चय मैं ने अपनी जलन की आग में बची हुई जातियों के और सारे एदोम के विरूद्ध में कहा है कि जिन्हों ने मेरे देश को अपने मन के पूरे आनन्द और अभिमान से अपने अधिकार में किया है कि वह पराया होकर लूटा जाए।
- Ezekiel 48:35 यहेजकेल 48:35नगर की चारों अलंगों का घेरा अठारह हजार बांस का हो, और उस दिन से आगे को नगर का नाम “यहोवा शाम्मा” रहेगा।
- Psalm 83:4–12 भजन संहिता 83:4–12उन्हों ने कहा, आओ, हम उनको ऐसा नाश करें कि राज्य भी मिट जाए; और इस्त्राएल का नाम आगे को स्मरण न रहे। उन्हों ने एक मन होकर युक्ति निकाली है, और तेरे ही विरूद्ध वाचा बान्धी है। ये तो एदोम के तम्बूवाले और इश्माइली, मोआबी और हुग्री, गबाली, अम्मोनी, अमालेकी, और सोर समेत पलिश्ती हैं। इनके संग अश्शूरी भी मिल गए हैं; उन से भी लोतवंशियों को सहारा मिला है। इन से ऐसा कर जैसा मिद्यानियों से, और कीशोन नाले में सीसरा और याबीन से किया था, जो एन्दोर में नाश हुए, और भूमि के लिये खाद बन गए। इनके रईसों को ओरेब और जाएब सरीखे, और इनके सब प्रधानों को जेबह और सल्मुन्ना के समान कर दे, जिन्हों ने कहा था, कि हम परमेश्वर की चराइयों के अधिकारी आप ही हो जाएं।।
- Ezekiel 36:2 यहेजकेल 36:2परमेश्वर यहोवा यों कहता है, शत्रु ने तो तुम्हारे विषय में कहा है, आहा! प्राचीनकाल के ऊंचे स्थान अब हमारे अधिकार में आ गए।
- Psalm 48:1–3 भजन संहिता 48:1–3हमारे परमेश्वर के नगर में, और अपने पवित्रा पर्वत पर यहोवा महान् और अति स्तुति के योग्य है! सिरयोन पर्वत ऊंचाई में सुन्दर और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण है, राजाधिराज का नगर उत्तरीय सिरे पर है। उसके महलों में परमेश्वर ऊंचा गढ़ माना गया है।
- Obadiah 1:13 ओबद्याह 1:13तुझे उचित न था कि मेरी प्रजा की विपत्ति के दिन तू उसके फाटक से घुसता, और उसकी विपत्ति के दिन उसकी धन सम्पत्ति पर हाथ लगाता।
- Zephaniah 3:15 सपन्याह 3:15यहोवा ने तेरा दण्ड दूर कर दिया और तेरा शत्रु भी दूर किया गया है। इस्राएल का राजा यहोवा तेरे बीच में है, इसलिये तू फिर विपत्ति न भोगेगी।
- Psalm 132:13–14 भजन संहिता 132:13–14क्योंकि यहोवा ने सिरयोन को अपनाया है, और उसे अपने निवास के लिये चाहा है।। यह तो युग युग के लिये मेरा विश्रामस्थान हैं; यहीं मैं रहूंगा, क्योंकि मैं ने इसका चाहा है।
- Zechariah 2:5 जकर्याह 2:5और याहोवा की यह वाणी है, कि मैं आप उसके चारों ओर आग की से शहरपनाह ठहरूंगा, और उसके बीच में तेजोमय होकर दिखाई दूंगा।।
- Isaiah 12:6 यशायाह 12:6हे सिरयोन में बसनेवाली तू जयजयकार कर और ऊंचे स्वर से गा, क्योंकि इस्राएल का पवित्रा तुझ में महान है।।
- Isaiah 31:9 यशायाह 31:9वह भय के मारे अपने सुन्दर भवन से जाता रहेगा, और उसके हाकिम धबराहट के कारण ध्वजा त्याग कर भाग जाएंगे, यहोवा जिस की अग्नि सिरयोन में और जिसका भट्ठा यरूशेलम में हैं, उसी यह वाणी है।।
- Psalm 76:1 भजन संहिता 76:1परमेश्वर यहूदा में जाना गया है, उसका नाम इस्राएल में महान हुआ है।