Ezekiel · chapter 7 · verse 13
Ezekiel 7:13 in Hindi
चाहे वे जीवित रहें, तौभी बेचनेवाला बेची हुई वस्तु के पास कभी लौटने न पाएगा; क्योंकि दर्शन की यह बात देश की सारी भीड़ पर घटेगी; कोई न लौटेगा; कोई भी मनुष्य, जो अधर्म में जीवित रहता है, बल न पकड़ सकेगा।
Chaahe ve jeevit rahem, taubhee bechanevaalaa bechee huee vastu ke paas kabhee lautane na paaegaa; kyonki darshan kee yah baat desh kee saaree bheed par ghategee; koee na lautegaa; koee bhee manushy, jo adharm mem jeevit rahataa hai, bal na pakad sakegaa.
Ezekiel 7:13 in English
- King James Version (KJV)
- For the seller shall not return to that which is sold, although they were yet alive: for the vision [is] touching the whole multitude thereof, [which] shall not return; neither shall any strengthen himself in the iniquity of his life.
- World English Bible (WEB)
- For the seller won’t return to that which is sold, although they are still alive; for the vision concerns the whole multitude of it. None will return. None will strengthen himself in the iniquity of his life.
- American Standard Version (ASV)
- For the seller shall not return to that which is sold, although they be yet alive: for the vision is touching the whole multitude thereof, none shall return; neither shall any strengthen himself in the iniquity of his life.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the trader will not go back to the things for which he had his price, even while he is still living:
- Darby Translation (DBY)
- For the seller shall not return to that which is sold, even though he were yet alive amongst the living: for the vision is touching the whole multitude thereof; it shall not be revoked; and none shall through his iniquity assure his life.
- Webster's Bible (WBS)
- For the seller shall not return to that which is sold, although they were yet alive: for the vision [is] concerning the whole multitude thereof, [which] shall not return; neither shall any strengthen himself in the iniquity of his life.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For the seller to the sold thing turneth not, And yet among the living [is] their life, For the vision [is] unto all its multitude, It doth not turn back, And none by his iniquity doth strengthen his life.
Read in context
- 11उपद्रव बढ़ते बढ़ते दुष्टता का दण्ड बन गया; उन में से कोई न बचेगा, और न उनकी भीड़- भाड़, न उनके धन में से कुछ रहेगा; और न उन में से किसी के लिये विलाप सुन पड़ेगा।
- 12समय आ गया, दिन निकट आ गया है; न तो मोल लेनेवाला आनन्द करे और न बेचनेवाला शोक करे, क्योंकि उनकी सारी भीड़ पर कोप भड़क उठा है।
- 13चाहे वे जीवित रहें, तौभी बेचनेवाला बेची हुई वस्तु के पास कभी लौटने न पाएगा; क्योंकि दर्शन की यह बात देश की सारी भीड़ पर घटेगी; कोई न लौटेगा; कोई भी मनुष्य, जो अधर्म में जीवित रहता है, बल न पकड़ सकेगा।
- 14उन्होंने नरसिंगा फूंका और सब कुछ तैयार कर दिया; परन्तु युठ्ठ में कोई नहीं जाता क्योंकि देश की सारी भीड़ पर मेरा कोप भड़का हुआ है।
- 15बाहर तलवार और भीतर महंगी और मरी हैं; जो मैदान में हो वह तलवार से मरेगा, और जोे नगर में हो वह भूख और मरी से मारा जाएगा।
Cross references
- Leviticus 25:24–28 लैव्यव्यवस्था 25:24–28लेकिन तुम अपने भाग के सारे देश में भूमि को छुड़ा लेने देना।। यदि तेरा कोई भाईबन्धु कंगाल होकर अपनी निज भूमि में से कुछ बेच डाले, तो उसके कुटुम्बियों में से जो सब से निकट हो वह आकर अपने भाईबन्धु के बेचे हुए भाग को छुड़ा ले। और यदि किसी मनुष्य के लिये कोई छुड़ानेवाला न हो, और उसके पास इतना धन हो कि आप ही अपने भाग को छुड़ा ले सके, तो वह उसके बिकने के समय से वर्षों की गिनती करके शेष वर्षों की उपज का दाम उसको जिस ने उसे मोल लिया हो फेर दे; तब वह अपनी निज भूमि का अधिकारी हो जाए। परन्तु यदि उसके इतनी पूंजी न हो कि उसे फिर अपनी कर सके, तो उसकी बेची हुई भूमि जुबली के वर्ष तक मोल लेनेवालों के हाथ में रहे; और जुबली के वर्ष में छूट जाए तब वह मनुष्य अपनी निज भूमि का फिर अधिकारी हो जाए।।
- Ezekiel 13:22 यहेजकेल 13:22तुम ने जो झूठ कहकर धम के मन को उदास किया है, यद्यपि मैं ने उसको उदास करना नहीं चाहा, और तुम ने दुष्ट जन को हियाव बन्धाया है, ताकि वह अपने बुरे मार्ग से न फिरे और जीवित रहे।
- Ezekiel 33:26–27 यहेजकेल 33:26–27तुम अपनी अपनी तलवार पर भरोसा करते और घिनौने काम करते, और अपने अपने पड़ोसी की स्त्री को अशुद्ध करते हो; फिर क्या तुम उस देश के अधिकारी रहने पाओगे? तू उन से यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मेरे जीवन की सौगन्ध, नि:सन्देह जो लोग खण्डहरों में रहते हैं, वे तलवार से गिरेंगे, और जो खुले मैदान में रहता है, उसे मैं जीवजन्तुओं का आहार कर दूंगा, और जो गढ़ों और गुफाओं में रहते हैं, वे मरी से मरेंगे।
- Psalm 52:7 भजन संहिता 52:7देखो, यह वही पुरूष है जिस ने परमेश्वर को अपनी शरण नहीं माना, परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था, और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!
- Ecclesiastes 8:8 सभोपदेशक 8:8ऐसा कोई मनुष्य नहीं जिसका वश प्राण पर चले कि वह उसे निकलते समय रोक ले, और न कोई मृत्यु के दिन पर अधिकारी होता है; और न उसे लड़ाई से छृट्टी मिल सकती है, और न दुष्ट लोग अपनी दुष्टता के कारण बच सकते हैं।
- Job 15:25 अय्यूब 15:25उस ने तो ईश्वर के विरूद्ध हाथ बढ़ाया है, और सर्वशक्तिमान के विरूद्ध वह ताल ठोंकता है,
- Leviticus 25:31 लैव्यव्यवस्था 25:31परन्तु बिना शहरपनाह के गांवों के घर तो देश के खेतों के समान गिने जाएं; उनका छुड़ाना भी हो सकेगा, और वे जुबली के वर्ष में छूट जाएं।