Ezra · chapter 7 · verse 11
Ezra 7:11 in Hindi
जो चिट्ठी राजा अर्तक्षख ने एज्रा याजक और शास्त्री को दी थी जो यहोवा की आज्ञाओं के वचनों का, और उसकी इस्राएलियों में चलाई हुई विधियों का शास्त्री था, उसकी तकल यह है;
Jo chitthee raajaa artakshakh ne ejraa yaajak aur shaastree ko dee thee jo yahovaa kee aajnyaaom ke vachanom kaa, aur usakee israaeliyom mem chalaaee huee vidhiyom kaa shaastree thaa, usakee takal yah hai;
Ezra 7:11 in English
- King James Version (KJV)
- Now this [is] the copy of the letter that the king Artaxerxes gave unto Ezra the priest, the scribe, [even] a scribe of the words of the commandments of the LORD, and of his statutes to Israel.
- World English Bible (WEB)
- Now this is the copy of the letter that King Artaxerxes gave to Ezra the priest, the scribe, even the scribe of the words of the LORD’s commandments, and of his statutes to Israel:
- American Standard Version (ASV)
- Now this is the copy of the letter that the king Artaxerxes gave unto Ezra the priest, the scribe, even the scribe of the words of the commandments of Jehovah, and of his statutes to Israel:
- Bible in Basic English (BBE)
- Now this is a copy of the letter which King Artaxerxes gave to Ezra, the priest and the scribe, who put into writing the words of the orders of the Lord, and of his rules for Israel:
- Darby Translation (DBY)
- And this is the copy of the letter that king Artaxerxes gave to Ezra the priest, the scribe, a scribe of the words of the commandments of Jehovah, and of his statutes to Israel:
- Webster's Bible (WBS)
- Now this [is] the copy of the letter that the king Artaxerxes gave to Ezra the priest, the scribe, [even] a scribe of the words of the commandments of the LORD, and of his statutes to Israel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And this [is] a copy of the letter that the king Artaxerxes gave to Ezra the priest, the scribe, a scribe of the words of the commands of Jehovah, and of His statutes on Israel:
Read in context
- 9पहिले महीने के पहिले दिन को वह बाबेल से चल दिया, और उसके परमेश्वर की कृपादृष्टि उस पर रही, इस कारए पांचवें महीने के पहिले दिन वह यरूशलेम को पहुंचा।
- 10क्योंकि एज्रा ने यहोवा की व्यवस्था का अर्थ बूझ लेने, और उसके अनुसार चलने, और इस्राएल में विधि और नियम सिखाने के लिये अपना मन लगाया था।
- 11जो चिट्ठी राजा अर्तक्षख ने एज्रा याजक और शास्त्री को दी थी जो यहोवा की आज्ञाओं के वचनों का, और उसकी इस्राएलियों में चलाई हुई विधियों का शास्त्री था, उसकी तकल यह है;
- 12अर्थात्, एज्रा याजक जो स्वर्ग के परमेश्वर की व्यवस्था का पूर्ण शास्त्री है, उसको अर्तक्षत्रा महाराजाधिराज की ओर से, इत्यादि।
- 13मैं यह आज्ञा देता हूँ, कि मेरे राज्य में जितने इस्राएली और उनके याजक और लेवीय अपनी इच्छा से यरूशलेम जाना चाहें, वे तेरे साथ जाने पाएं।
Cross references
- Ezra 7:6 एज्रा 7:6यही एज्रा मूसा की व्यवस्था के विष्य जिसे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने दी थी, निपुण शास्त्री था। और उसके परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो उस पर रही, इसके कारण राजा ने उसका मुंह मांगा वर दे दिया।
- Ezra 5:6 एज्रा 5:6जो चिट्ठी महानद के इस पार के अधिपति तत्तनै और शतब जनै और महानद के इस पार के उनके सहचरी अपार्सकियों ने राजा दाना के पास भेजी उसकी नकल यह है;
- Matthew 23:2 मत्ती 23:2शास्त्री और फरीसी मूसा की गद्दी पर बैठे हैं।
- Mark 7:1–13 मरकुस 7:1–13तब फरीसी और कई एक शास्त्री जो यरूशलेम से आए थे, उसके पास इकट्ठे हुए। और उन्हों ने उसके कई चेलों को अशुद्ध अर्थात् बिना हाथ धोए रोटी खाते देखा। क्योंकि फरीसी और सब यहूदी, पुरनियों की रीति पर चलते हैं और जब तक भली भांति हाथ नहीं धो लेते तब तक नहीं खाते। और बाजार से आकर, जब तक स्नान नहीं कर लेते, तब तक नहीं खाते; और बहुत सी और बातें हैं, जो उन के पास मानने के लिये पहुंचाई गई हैं, जैसे कटोरों, और लोटों, और तांबे के बरतनों को धोना- मंाजना। इसलिये उन फरीसियों और शास्त्रियों ने उस से पूछा, कि तेरे चेले क्यों पुरनियों की रीतों पर नहीं चलते, और बिना हाथ धोए रोटी खाते हैं? उस ने उन से कहा; कि यशायाह ने तुम कपटियों के विषय में बहुत ठीक भविष्यद्ववाणी की; जैसा लिखा है; कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है। और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्यों की आज्ञाओं को धर्मोंपादेश करके सिखाते हैं। क्योंकि तुम परमेश्वर की आज्ञा को टालकर मनुष्यों की रीतियों को मानते हो। और उस ने उन से कहा; तुम अपनी रीतियों को मानने के लिये परमेश्वर आज्ञा कैसी अच्छी तरह टाल देते हो! क्योंकि मूसा ने कहा है कि अपने पिता और अपनी माता का आदर कर; ओर जो कोई पिता वा माता को बुरा कहे, वह अवश्य मार डाला जाए। परन्तु तुम कहते हो कि यदि कोई अपने पिता वा माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह कुरबान अर्थात् संकल्प हो चुका। तो तुम उस को उसके पिता वा उस की माता की कुछ सेवा करने नहीं देते। इस प्रकार तुम अपनी रीतियों से, जिन्हें तुम ने ठहराया है, परमेश्वर का वचन टाल देते हो; और ऐसे ऐसे बहुत से काम करते हो।
- Matthew 23:13 मत्ती 23:13हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के विरोध में स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो आप ही उस में प्रवेश करते हो और न उस में प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो।।
- Ezra 4:11 एज्रा 4:11जो चिट्ठी उन्हों ने अर्तश्रत्रा राजा को लिखी, उसकी यह नकल है--- तेरे दास जो महानद के पार के मनुष्य हैं, इत्यादि।
Original words (Hebrew)
- copy · H6572פַּרְשֶׁגֶן parshegen
- letter · H5406נִשְׁתְּוָן nishtᵉvân
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Artaxerxes · H783אַרְתַּחְשַׁשְׁתָּא ʼArtachshashtâʼ
- gave · H5414נָתַן nâthan
- Ezra · H5830עֶזְרָא ʻEzrâʼ
- priest · H3548כֹּהֵן kôhên
- scribe · H5608סָפַר çâphar
- scribe · H5608סָפַר çâphar
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- commandments · H4687מִצְוָה mitsvâh
- statutes · H2706חֹק chôq
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl