Galatians · chapter 1 · verse 3
Galatians 1:3 in Hindi
परमेश्वर पिता, और हमारे प्रभु यीशु मसीह की आरे से तुम्हें अनुगंह और शान्ति मिलती रहे।
Parameshvar pitaa, aur hamaare prabhu yeeshu maseeh kee aare se tumhem anuganh aur shaanti milatee rahe.
Galatians 1:3 in English
- King James Version (KJV)
- Grace [be] to you and peace from God the Father, and [from] our Lord Jesus Christ,
- World English Bible (WEB)
- Grace to you and peace from God the Father and our Lord Jesus Christ,
- American Standard Version (ASV)
- Grace to you and peace from God the Father, and our Lord Jesus Christ,
- Bible in Basic English (BBE)
- Grace to you and peace from God the Father and our Lord Jesus Christ,
- Darby Translation (DBY)
- Grace to you, and peace, from God [the] Father, and our Lord Jesus Christ,
- Webster's Bible (WBS)
- Grace [be] to you and peace from God the Father, and [from] our Lord Jesus Christ,
- Young's Literal Translation (YLT)
- Grace to you, and peace from God the Father, and our Lord Jesus Christ,
Read in context
- 1पौलुस की, जो न मनुष्यों की ओर से, और न मनुष्य के द्वारा, बरन यीशु मसीह और परमेश्वर पिता के द्वारा, जिस ने मरे हुओं में से जिलाया, प्रेरित है।
- 2और सारे भाइयों की आरे से, जो मेरे साथ हैं; गलतिया की कलीसियाओं के नाम।
- 3परमेश्वर पिता, और हमारे प्रभु यीशु मसीह की आरे से तुम्हें अनुगंह और शान्ति मिलती रहे।
- 4उसी ने अपने आप को हमारे पापों के लिये दे दिया, ताकि हमारे परमेश्वर और पिता की इच्छा के अनुसार हमें इस वर्तमान बुरे संसार से छुड़ाए।
- 5उस की स्तुति और बड़ाइ। युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
Cross references
- 2 John 1:3 2 यूहन्ना 1:3परमेश्वर पिता, और पिता के पुत्रा यीशु मसीह की ओर से अनुग्रह, और दया, और शान्ति, सत्य, और प्रेम सहित हमारे साथ रहेंगे।।
- 2 Corinthians 13:14 2 कुरिन्थियों 13:14प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह और परमेश्वर का प्रेम और पवित्रा आत्मा की सहभागिता तुम सब के साथ होती रहे।।
- Romans 1:7–15 रोमियों 1:7–15उन सब के नाम जो रोम में परमेश्वर के प्यारे हैं और पवित्रा होने के लिये बुलाए गए हैं।। हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे।। पहिले मैं तुम सब के लिये यीशु मसीह के द्वारा अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, कि तुम्हारे विश्वास की चर्चा सारे जगत में हो रही है। परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्रा के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं। और नित्य अपनी प्रार्थनाओं में बिनती करता हूं, कि किसी रीति से अब भी तुम्हारे पास आने को मेरी यात्रा परमेश्वर की इच्छा से सुफल हो। क्योंकि मै। तुम से मिलने की लालसा करता हूं, कि मैं तुम्हें कोई आत्मिक बरदान दूं जिस से तुम स्थिर हो जाओ। अर्थात् यह, कि मैं तुम्हारे बीच में होकर तुम्हारे साथ उस विश्वास के द्वारा जो मुझ में, और तुम में है, शान्ति पाऊं। और हे भाइयों, मैं नहीं चाहता, कि तुम इस से अनजान रहो, कि मैं ने बार बार तुम्हारे पास आना चाहा, कि जैसा मुझे और अन्यजातियों में फल मिला, वैसा ही तुम में भी मिले, परन्तु अब तक रूका रहा। मैं यूनानियों और अन्यभाषियों का और बुद्धिमानों और निर्बुद्धियों का कर्जदान हूं। सो मैं तुम्हें भी जो रोम में रहते हो, सुसमाचार सुनाने को भरसक तैयार हूं।
- 2 Thessalonians 1:2 2 थिस्सलुनीकियों 1:2हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह में तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे।।
- 1 Corinthians 1:3 1 कुरिन्थियों 1:3हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे।।
- Philippians 1:2 फिलिप्पियों 1:2हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे।।
- Colossians 1:2 कुलुस्सियों 1:2मसीह में उन पवित्रा और विश्वासी भाइयों के नाम जो कुलुस्से में रहते हैं।। हमारे पिता परमेश्वर की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति प्राप्त होती रहे।।
- 2 Corinthians 1:2 2 कुरिन्थियों 1:2हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे।।
- Ephesians 1:2 इफिसियों 1:2हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे।।
- 1 Thessalonians 1:1 1 थिस्सलुनीकियों 1:1पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्सलुनिकियों की कलीसिया के नाम जो परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह में है।। अनुग्रह और शान्ति तुम्हें मिलती रहे।।