Genesis · chapter 12 · verse 2
Genesis 12:2 in Hindi
और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा।
Aur maim tujh se ek badee jaati banaaoongaa, aur tujhe aasheesh doongaa, aur teraa naam badaa karoongaa, aur too aasheesh kaa mool hogaa.
Genesis 12:2 in English
- King James Version (KJV)
- And I will make of thee a great nation, and I will bless thee, and make thy name great; and thou shalt be a blessing:
- World English Bible (WEB)
- I will make of you a great nation. I will bless you and make your name great. You will be a blessing.
- American Standard Version (ASV)
- and I will make of thee a great nation, and I will bless thee, and make thy name great; and be thou a blessing:
- Bible in Basic English (BBE)
- And I will make of you a great nation, blessing you and making your name great; and you will be a blessing:
- Darby Translation (DBY)
- And I will make of thee a great nation, and bless thee, and make thy name great; and thou shalt be a blessing.
- Webster's Bible (WBS)
- And I will make of thee a great nation, and I will bless thee, and make thy name great; and thou shalt be a blessing:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And I make thee become a great nation, and bless thee, and make thy name great; and be thou a blessing.
Read in context
- 1यहोवा ने अब्राम से कहा, अपने देश, और अपनी जन्मभूमि, और अपने पिता के घर को छोड़कर उस देश में चला जा जो मैं तुझे दिखाऊंगा।
- 2और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा।
- 3और जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्हें मैं आशीष दूंगा; और जो तुझे कोसे, उसे मैं शाप दूंगा; और भूमण्डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएंगे।
- 4यहोवा के इस वचन के अनुसार अब्राम चला; और लूत भी उसके संग चला; और जब अब्राम हारान देश से निकला उस समय वह पचहत्तर वर्ष का था।
Cross references
- 2 Samuel 7:9 2 शमूएल 7:9और जहां कहीं तू आया गया, वहां वहां मैं तेरे संग रहा, और तेरे समस्त शत्रुओं को तेरे साम्हने से नाश किया है; फिर मैं तेरे नाम को पृथ्वी पर के बड़े बड़े लोगों के नामों के समान महान कर दूंगा।
- Galatians 3:14 गलातियों 3:14यह इसलिये हुआ, कि इब्राहिम की आशीष मसीह यीशु में अन्यजातियों तक पंहुचे, और हम विश्वास के द्वारा उस आत्मा को प्राप्त करें, जिस की प्रतिज्ञा हुई है।।
- Genesis 18:18 उत्पत्ति 18:18इब्राहीम से तो निश्चय एक बड़ी और सामर्थी जाति उपजेगी, और पृथ्वी की सारी जातियां उसके द्वारा आशीष पाएंगी।
- Genesis 17:4–6 उत्पत्ति 17:4–6देख, मेरी वाचा तेरे साथ बन्धी रहेगी, इसलिये तू जातियों के समूह का मूलपिता हो जाएगा। सो अब से तेरा नाम अब्राम न रहेगा परन्तु तेरा नाम इब्राहीम होगा क्योंकि मैं ने तुझे जातियों के समूह का मूलपिता ठहरा दिया है। और मैं तुझे अत्यन्त ही फुलाऊं फलाऊंगा, और तुझ को जाति जाति का मूल बना दूंगा, और तेरे वंश में राजा उत्पन्न होंगे।
- Genesis 28:3–4 उत्पत्ति 28:3–4और सर्वशक्तिमान ईश्वर तुझे आशीष दे, और फुला- फलाकर बढ़ाए, और तू राज्य राज्य की मण्डली का मूल हो। और वह तुझे और तेरे वंश को भी इब्राहीम की सी आशीष दे, कि तू यह देश जिस में तू परदेशी होकर रहता है, और जिसे परमेश्वर ने इब्राहीम को दिया था, उसका अधिकारी हो जाए।
- Genesis 35:11 उत्पत्ति 35:11फिर परमेश्वर ने उस से कहा, मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर हूं: तू फूले- फले और बढ़े; और तुझ से एक जाति वरन जातियों की एक मण्डली भी उत्पन्न होगी, और तेरे वंश में राजा उत्पन्न होंगे।
- Genesis 26:4 उत्पत्ति 26:4और मैं तेरे वंश को आकाश के तारागण के समान करूंगा। और मैं तेरे वंश को ये सब देश दूंगा, और पृथ्वी की सारी जातियां तेरे वंश के कारण अपने को धन्य मानेंगी।
- Genesis 46:3 उत्पत्ति 46:3उस ने कहा, मैं ईश्वर तेरे पिता का परमेश्वर हूं, तू मि में जाने से मत डर; क्योंकि मैं तुझ से वहां एक बड़ी जाति बनाऊंगा।
- Genesis 24:35 उत्पत्ति 24:35और यहोवा ने मेरे स्वामी को बड़ी आशीष दी है; सो वह महान पुरूष हो गया है; और उस ने उसको भेड़- बकरी, गाय- बैल, सोना- रूपा, दास- दासियां, ऊंट और गदहे दिए है।
- Genesis 13:16 उत्पत्ति 13:16और मैं तेरे वंश को पृथ्वी की धूल के किनकों की नाई बहुत करूंगा, यहां तक कि जो कोई पृथ्वी की धूल के किनकों को गिन सकेगा वही तेरा वंश भी गिन सकेगा।
- Genesis 15:5 उत्पत्ति 15:5और उस ने उसको बाहर ले जाके कहा, आकाश की ओर दृष्टि करके तारागण को गिन, क्या तू उनको गिन सकता है? फिर उस ने उस से कहा, तेरा वंश ऐसा ही होगा।
- Exodus 1:7 निर्गमन 1:7और इस्राएल की सन्तान फूलने फलने लगी; और वे अत्यन्त सामर्थी बनते चले गए; और इतना बढ़ गए कि कुल देश उन से भर गया।।