Genesis · chapter 18 · verse 30
Genesis 18:30 in Hindi
फिर उस ने कहा, हे प्रभु, क्रोध न कर, तो मैं कुछ और कहूं: कदाचित् वहां तीस मिलें। उस ने कहा यदि मुझे वहां तीस भी मिलें, तौभी ऐसा न करूंगा।
Phir us ne kahaa, he prabhu, krodh na kar, to maim kuchh aur kahoom: kadaachit vahaam tees milen. Us ne kahaa yadi mujhe vahaam tees bhee milem, taubhee aisaa na karoongaa.
Genesis 18:30 in English
- King James Version (KJV)
- And he said [unto him], Oh let not the Lord be angry, and I will speak: Peradventure there shall thirty be found there. And he said, I will not do [it], if I find thirty there.
- World English Bible (WEB)
- He said, “Oh don’t let the Lord be angry, and I will speak. What if there are thirty found there?” He said, “I will not do it if I find thirty there.”
- American Standard Version (ASV)
- And he said, Oh let not the Lord be angry, and I will speak: peradventure there shall thirty be found there. And he said, I will not do it, if I find thirty there.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said, Let not the Lord be angry with me if I say, What if there are thirty there? And he said, I will not do it if there are thirty.
- Darby Translation (DBY)
- And he said, Oh, let not the Lord be angry that I speak! Perhaps there may be thirty found there. And he said, I will not do it if I find thirty there.
- Webster's Bible (WBS)
- And he said, Oh, let not the LORD be angry, and I will speak: Peradventure there will thirty be found there. And he said, I will not do [it], if I find thirty there.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he saith, 'Let it not be, I Pray thee, displeasing to the Lord, and I speak: peradventure there are found there thirty?' and He saith, 'I do [it] not, if I find there thirty.'
Read in context
- 28कदाचित् उन पचास धर्मियों मे पांच घट जाए: तो क्या तू पांच ही के घटने के कारण उस सारे नगर का नाश करेगा? उस ने कहा, यदि मुझे उस में पैंतालीस भी मिलें, तौभी उसका नाश न करूंगा।
- 29फिर उस ने उस से यह भी कहा, कदाचित् वहां चालीस मिलें। उस ने कहा, तो मैं चालीस के कारण भी ऐसा ने करूंगा।
- 30फिर उस ने कहा, हे प्रभु, क्रोध न कर, तो मैं कुछ और कहूं: कदाचित् वहां तीस मिलें। उस ने कहा यदि मुझे वहां तीस भी मिलें, तौभी ऐसा न करूंगा।
- 31फिर उस ने कहा, हे प्रभु, सुन, मैं ने इतनी ढिठाई तो की है कि तुझ से बातें करूं: कदाचित् उस में बीस मिलें। उस ने कहा, मैं बीस के कारण भी उसका नाश न करूंगा।
- 32फिर उस ने कहा, हे प्रभु, क्रोध न कर, मैं एक ही बार और कहूंगा: कदाचित् उस में दस मिलें। उस ने कहा, तो मैं दस के कारण भी उसका नाश न करूंगा।
Cross references
- Job 40:4 अय्यूब 40:4देख, मैं तो तुच्छ हूँ, मैं तुझे क्या उत्तर दूं? मैं अपनी अंगुली दांत तले दबाता हूँ।
- Isaiah 55:8–9 यशायाह 55:8–9क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।।
- Psalm 10:17 भजन संहिता 10:17हे यहोवा, तू ने नम्र लोगों की अभिलाषा सुनी है; तू उनका मन तैयार करेगा, तू कान लगाकर सुनेगा
- Genesis 44:18 उत्पत्ति 44:18तब यहूदा उसके पास जा कर कहने लगा, हे मेरे प्रभु, तेरे दास को अपने प्रभु से एक बात कहने की आज्ञा हो, और तेरा कोप तेरे दास पर न भड़के; तू तो फिरौन के तुल्य है।
- Psalm 9:12 भजन संहिता 9:12क्योंकि खून का पलटा लेनेवाला उनको स्मरण करता है; वह दीन लोगों की दोहाई को भूलता।।
- Psalm 89:7 भजन संहिता 89:7ईश्वर पवित्रों की गोष्ठी में अत्यन्त प्रतिष्ठा के योग्य, और अपने चारों ओर सब रहनेवालों से अधिक भययोग्य है।
- Hebrews 12:28–29 इब्रानियों 12:28–29इस कारण हम इस राज्य को पाकर जो हिलने का नहीं, उस अनुग्रह को हाथ से न जाने दें, जिस के द्वारा हम भक्ति, और भय सहित, परमेश्वर की ऐसी आराधना कर सकते हैं जिस से वह प्रसन्न होता है। क्योंकि हमारा परमेश्वर भस्म करनेवाली आग है।।
- Judges 6:39 न्यायियों 6:39फिर गिदोन ने परमेश्वर से कहा, यदि मैं एक बार फिर कहूं, तो तेरा क्रोध मुझ पर न भड़के; मैं इस ऊन से एक बार और भी तेरी परीक्षा करूं, अर्थात् केवल ऊन ही सूखी रहे, और सारी भूमि पर ओस पड़े।
- Isaiah 6:5 यशायाह 6:5तब मैं ने कहा, हाय! हाय! मैं नाश हूआ; क्योंकि मैं अशुद्ध होंठवाला मनुष्य हूं, और अशुद्ध होंठवाले मनुष्यों के बीच में रहता हूं; क्योंकि मैं ने सेनाओं के यहोवा महाराजाधिराज को अपनी आंखों से देखा है!
- Esther 4:11–16 एस्तेर 4:11–16कि राजा के सब कर्मचारियों, वरन राजा के प्रान्तों के सब लोगों को भी मालूम है, कि क्या पुरूष क्या स्त्री कोई क्यों न हो, जो आज्ञा बिना पाए भीतरी आंगन में राजा के पास जाएगा उसके मार डालने ही की आज्ञा है; केवल जिसकी ओर राजा सोने का राजदणड बढ़ाए वही बचता है। परन्तु मैं अब तीस दिन से राजा के पास नहीं बुलाई गई हूँ। एस्तेर की ये बातें मोर्दकै को सुनाई गई। तब मोर्दकै ने एस्तेर के पास यह कहला भेजा, कि तू मन ही मन यह विचार न कर, कि मैं ही राजभवन में रहने के कारण और सब यहूदियों में से बची रहूंगी। क्योंकि जो तू इस समय चुपचाप रहे, तो और किसी न किसी उपाय से यहूदियों का छुटकारा और उठ्ठार हो जाएगा, परन्तु तू अपने पिता के घराने समेत नाश होगी। फिर क्या जाने तुझे ऐसे ही कठिन समय के लिये राजपद मिल गया हो? तब एस्तेर ने मोर्दकै के पास यह कहला भेजा, कि तू जाकर शूशन के सब यहूदियों को इकट्ठा कर, और तुम सब मिलकर मेरे निमित्त उपवास करो, तीन दिन रात न तो कुछ खाओ, और न कुछ पीओ। और मैं भी अपनी सहेलियों सहित उसी रीति उपवास करूंगी। और ऐसी ही दशा में मैं नियम के विरूद्ध राजा के पास भीतर जाऊंगी; और यदि नाश हो गई तो हो गई।