Hebrews · chapter 12 · verse 28
Hebrews 12:28 in Hindi
इस कारण हम इस राज्य को पाकर जो हिलने का नहीं, उस अनुग्रह को हाथ से न जाने दें, जिस के द्वारा हम भक्ति, और भय सहित, परमेश्वर की ऐसी आराधना कर सकते हैं जिस से वह प्रसन्न होता है।
Is kaaran ham is raajy ko paakar jo hilane kaa naheem, us anugrah ko haath se na jaane dem, jis ke dvaaraa ham bhakti, aur bhay sahit, parameshvar kee aisee aaraadhanaa kar sakate haim jis se vah prasann hotaa hai.
Hebrews 12:28 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore we receiving a kingdom which cannot be moved, let us have grace, whereby we may serve God acceptably with reverence and godly fear:
- World English Bible (WEB)
- Therefore, receiving a Kingdom that can’t be shaken, let’s have grace, through which we serve God acceptably, with reverence and awe,
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore, receiving a kingdom that cannot be shaken, let us have grace, whereby we may offer service well-pleasing to God with reverence and awe:
- Bible in Basic English (BBE)
- If then, we have a kingdom which will never be moved, let us have grace, so that we may give God such worship as is pleasing to him with fear and respect:
- Darby Translation (DBY)
- Wherefore let us, receiving a kingdom not to be shaken, have grace, by which let us serve God acceptably with reverence and fear.
- Webster's Bible (WBS)
- Wherefore we receiving a kingdom which cannot be moved, let us have grace, by which we may serve God acceptably, with reverence and godly fear.
- Young's Literal Translation (YLT)
- wherefore, a kingdom that cannot be shaken receiving, may we have grace, through which we may serve God well-pleasingly, with reverence and religious fear;
Read in context
- 26उस समय तो उसके शब्द ने पृथ्वी को हिला दिया पर अब उस ने यह प्रतिज्ञा की है, कि एक बार फिर मैं केवल पृथ्वी को नहीं, बरन आकाश को भी हिला दूंगा।
- 27और यह वाक्य `एक बार फिर' इस बात को प्रगट करता है, कि जो वस्तुएं हिलाई जाती हैं, वे सृजी हुई वस्तुएं होने के कारण टल जाएंगी; ताकि जो वस्तुएं हिलाई नहीं जातीं, वे अटल बनी रहें।
- 28इस कारण हम इस राज्य को पाकर जो हिलने का नहीं, उस अनुग्रह को हाथ से न जाने दें, जिस के द्वारा हम भक्ति, और भय सहित, परमेश्वर की ऐसी आराधना कर सकते हैं जिस से वह प्रसन्न होता है।
- 29क्योंकि हमारा परमेश्वर भस्म करनेवाली आग है।।
Cross references
- Romans 12:1–2 रोमियों 12:1–2इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरो कों जीवित, और पवित्रा, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल- चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।।
- Psalm 2:11 भजन संहिता 2:11डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और कांपते हुए मगन हो।
- Hebrews 13:15 इब्रानियों 13:15इसलिये हम उसके द्वारा स्तुतिरूपी बलिदान, अर्थात् उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें।
- Daniel 2:44 दानिय्येल 2:44और उन राजाओं के दिनों में स्वर्ग का परमेश्वर, एक ऐसा राज्य उदय करेगा जो अनन्तकाल तक न टूटेगा, और न वह किसी दूसरी जाति के हाथ में किया जाएगा। वरन वह उन सब राज्यों को चूर चूर करेगा, और उनका अन्त कर डालेगा; और वह सदा स्थिर रहेगा;
- Hebrews 4:16 इब्रानियों 4:16इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।।
- Hebrews 10:22–23 इब्रानियों 10:22–23तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवाकर परमेश्वर के समीप जाएं। और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिस ने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है।
- Revelation 1:6 प्रकाशितवाक्य 1:6और हमें एक राज्य और अपने पिता परमेश्वर के लिये याजक भी बना दिया; उसी की महिमा और पराक्रम युगानुयुग रहे। आमीन।
- 1 Peter 2:5 1 पतरस 2:5तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाई आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्रा समाज बनकर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हो।
- Psalm 19:14 भजन संहिता 19:14मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करनेवाले!
- 1 Peter 1:17 1 पतरस 1:17और जब कि तुम, हे पिता, कह कर उस से प्रार्थना करते हो, जो बिना पक्षपात हर एक के काम के अनुसार न्याय करता है, तो अपने परदेशी होने का समय भय से बिताओ।
- Daniel 7:27 दानिय्येल 7:27तब राज्य और प्रभुता और धरती पर के राज्य की महिमा, परमप्रधान ही की प्रजा अर्थात् उसके पवित्रा लोगों को दी जाएगी, उसका राज्य सदा का राज्य है, और सब प्रभुता करनेवाले उसके अधीन होंगे और उसकी आज्ञा मानेंगे।
- 1 Peter 1:4–5 1 पतरस 1:4–5अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है।
Original words (Greek)
- Wherefore · G1352διό dió
- receiving · G3880παραλαμβάνω paralambánō
- kingdom · G932βασιλεία basileía
- moved · G761ἀσάλευτος asáleutos
- have · G2192ἔχω échō
- grace · G5485χάρις cháris
- whereby · G1223διά diá
- serve · G3000λατρεύω latreúō
- God · G2316θεός theós
- acceptably · G2102εὐαρέστως euaréstōs
- with · G3326μετά metá
- reverence · G127αἰδώς aidṓs
- and · G2532καί kaí
- fear · G2124εὐλάβεια eulábeia