Genesis · chapter 27 · verse 38
Genesis 27:38 in Hindi
एसाव ने अपने पिता से कहा हे मेरे पिता, क्या तेरे मन में एक ही आशीर्वाद है? हे मेरे पिता, मुझ को भी आशीर्वाद दे: यों कहकर एसाव फूट फूटके रोया।
Esaav ne apane pitaa se kahaa he mere pitaa, kyaa tere man mem ek hee aasheervaad hai? He mere pitaa, mujh ko bhee aasheervaad de: yom kahakar esaav phoot phootake royaa.
Genesis 27:38 in English
- King James Version (KJV)
- And Esau said unto his father, Hast thou but one blessing, my father? bless me, [even] me also, O my father. And Esau lifted up his voice, and wept.
- World English Bible (WEB)
- Esau said to his father, “Do you have just one blessing, my father? Bless me, even me also, my father.” Esau lifted up his voice, and wept.
- American Standard Version (ASV)
- And Esau said unto his father, Hast thou but one blessing, my father? bless me, even me also, O my father. And Esau lifted up his voice, and wept.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Esau said to his father, Is that the only blessing you have, my father? give a blessing to me, even me! And Esau was overcome with weeping.
- Darby Translation (DBY)
- And Esau said to his father, Hast thou then but one blessing, my father? bless me — me also, my father! And Esau lifted up his voice and wept.
- Webster's Bible (WBS)
- And Esau said to his father, Hast thou but one blessing, my father? bless me, [even] me also, O my father. And Esau lifted up his voice, and wept.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Esau saith unto his father, 'One blessing hast thou my father? bless me, me also, O my father;' and Esau lifteth up his voice, and weepeth.
Read in context
- 36उस ने कहा, क्या उसका नाम याकूब यथार्थ नहीं रखा गया? उस ने मुझे दो बार अड़ंगा मारा, मेरा पहिलौठे का अधिकार तो उस ने ले ही लिया था: और अब देख, उस ने मेरा आशीर्वाद भी ले लिया है: फिर उस ने कहा, क्या तू ने मेरे लिये भी कोई आशीर्वाद नहीं सोच रखा है?
- 37इसहाक ने एसाव को उत्तर देकर कहा, सुन, मैं ने उसको तेरा स्वामी ठहराया, और उसके सब भाइयों को उसके अधीन कर दिया, और अनाज और नया दाखमधु देकर उसको पुष्ट किया है: सो अब, हे मेरे पुत्रा, मैं तेरे लिये क्या करूं?
- 38एसाव ने अपने पिता से कहा हे मेरे पिता, क्या तेरे मन में एक ही आशीर्वाद है? हे मेरे पिता, मुझ को भी आशीर्वाद दे: यों कहकर एसाव फूट फूटके रोया।
- 39उसके पिता इसहाक ने उस से कहा, सुन, तेरा निवास उपजाऊ भूमि पर हो, और ऊपर से आकाश की ओस उस पर पड़े।।
- 40और तू अपनी तलवार के बल से जीवित रहे, और अपने भाई के अधीन तो होए, पर जब तू स्वाधीन हो जाएगा, तब उसके जूए को अपने कन्धे पर से तोड़ फेंके।
Cross references
- Hebrews 12:17 इब्रानियों 12:17तुम जानते तो हो, कि बाद को जब उस ने आशीष पानी चाही, तो अयोग्य गिना गया, और आंसू बहा बहाकर खोजने पर भी मन फिराव का अवसर उसे न मिला।।
- Genesis 27:34 उत्पत्ति 27:34अपने पिता की यह बात सुनते ही एसाव ने अत्यन्त ऊंचे और दु:ख भरे स्वर से चिल्लाकर अपने पिता से कहा, हे मेरे पिता, मुझ को भी आशीर्वाद दे।
- Genesis 49:28 उत्पत्ति 49:28इस्राएल के बारहों गोत्रा ये ही हैं: और उनके पिता ने जिस जिस वचन से उनको आशीर्वाद दिया, सो ये ही हैं; एक एक को उसके आशीर्वाद के अनुसार उस ने आशीर्वाद दिया।
- Isaiah 65:14 यशायाह 65:14देखो, मेरे दास हर्ष के मारे जयजयकार करेंगे, परन्तु तुम शोक से चिल्लाओगे और खेद के मारे हाय हाय, करोगे।
- Proverbs 1:24–26 नीतिवचन 1:24–26मैं ने तो पुकारा परन्तु तुम ने इनकार किया, और मैं ने हाथ फैलाया, परन्तु किसी ने ध्यान न दिया, वरन तुम ने मेरी सारी सम्मति को अनसुनी किया, और मेरी ताड़ना का मूल्य न जाना; इसलिये मैं भी तुम्हारी विपत्ति के समय हंसूंगी; और जब तुम पर भय आ पड़ेगा,
- Isaiah 32:10–12 यशायाह 32:10–12हे निश्चिन्त स्त्रियों, वर्ष भर से कुछ ही अधिक समय में तुम विकल हो जाओगी; क्योंकि तोड़ने को दाखें न होंगी और न किसी भांति के फल हाथ लगेंगे। हे सुखी स्त्रियों, थरथराओ, हे निश्चिन्त स्त्रियों, विकल हो; अपने अपने वस्त्रा उतारकर अपनी अपनी कमर में टाट कसो। वे मनभाऊ खेतों और फलवन्त दाखलताओं के लिये छाती पीटेंगी।
- Genesis 27:36 उत्पत्ति 27:36उस ने कहा, क्या उसका नाम याकूब यथार्थ नहीं रखा गया? उस ने मुझे दो बार अड़ंगा मारा, मेरा पहिलौठे का अधिकार तो उस ने ले ही लिया था: और अब देख, उस ने मेरा आशीर्वाद भी ले लिया है: फिर उस ने कहा, क्या तू ने मेरे लिये भी कोई आशीर्वाद नहीं सोच रखा है?