Genesis · chapter 27 · verse 34
Genesis 27:34 in Hindi
अपने पिता की यह बात सुनते ही एसाव ने अत्यन्त ऊंचे और दु:ख भरे स्वर से चिल्लाकर अपने पिता से कहा, हे मेरे पिता, मुझ को भी आशीर्वाद दे।
Apane pitaa kee yah baat sunate hee esaav ne atyant oonche aur du:kh bhare svar se chillaakar apane pitaa se kahaa, he mere pitaa, mujh ko bhee aasheervaad de.
Genesis 27:34 in English
- King James Version (KJV)
- And when Esau heard the words of his father, he cried with a great and exceeding bitter cry, and said unto his father, Bless me, [even] me also, O my father.
- World English Bible (WEB)
- When Esau heard the words of his father, he cried with an exceedingly great and bitter cry, and said to his father, “Bless me, even me also, my father.”
- American Standard Version (ASV)
- When Esau heard the words of his father, he cried with an exceeding great and bitter cry, and said unto his father, Bless me, even me also, O my father.
- Bible in Basic English (BBE)
- And hearing the words of his father, Esau gave a great and bitter cry, and said to his father, Give a blessing to me, even to me, O my father!
- Darby Translation (DBY)
- When Esau heard the words of his father, he cried with a great and exceeding bitter cry, and said to his father, Bless me — me also, my father!
- Webster's Bible (WBS)
- And when Esau heard the words of his father, he cried with a great and exceedingly bitter cry, and said to his father, Bless me, [even] me also, O my father.
- Young's Literal Translation (YLT)
- When Esau heareth the words of his father, then he crieth a very great and bitter cry, and saith to his father, 'Bless me, me also, O my father;'
Read in context
- 32उसके पिता इसहाक ने पूछा, तू कौन है? उस ने कहा, मैं तेरा जेठा पुत्रा एसाव हूं।
- 33तब इसहाक ने अत्यन्त थरथर कांपते हुए कहा, फिर वह कौन था जो अहेर करके मेरे पास ले आया था, और मैं ने तेरे आने से पहिले सब में से कुछ कुछ खा लिया और उसको आशीर्वाद दिया? वरन उसको आशीष लगी भी रहेगी।
- 34अपने पिता की यह बात सुनते ही एसाव ने अत्यन्त ऊंचे और दु:ख भरे स्वर से चिल्लाकर अपने पिता से कहा, हे मेरे पिता, मुझ को भी आशीर्वाद दे।
- 35उस ने कहा, तेरा भाई धूर्तता से आया, और तेरे आशीर्वाद को लेके चला गया।
- 36उस ने कहा, क्या उसका नाम याकूब यथार्थ नहीं रखा गया? उस ने मुझे दो बार अड़ंगा मारा, मेरा पहिलौठे का अधिकार तो उस ने ले ही लिया था: और अब देख, उस ने मेरा आशीर्वाद भी ले लिया है: फिर उस ने कहा, क्या तू ने मेरे लिये भी कोई आशीर्वाद नहीं सोच रखा है?
Cross references
- Hebrews 12:17 इब्रानियों 12:17तुम जानते तो हो, कि बाद को जब उस ने आशीष पानी चाही, तो अयोग्य गिना गया, और आंसू बहा बहाकर खोजने पर भी मन फिराव का अवसर उसे न मिला।।
- Proverbs 1:31 नीतिवचन 1:31इसलिये वे अपनी करनी का फल आप भोगेंगे, और अपनी युक्तियों के फल से अघा जाएंगे।
- 1 Samuel 30:4 1 शमूएल 30:4तब दाऊद और वे लोग जो उसके साथ थे चिल्लाकर इतना रोए, कि फिर उन में रोने की शक्ति न रही।
- Luke 13:24–28 लूका 13:24–28उस ने उन से कहा; सकेत द्वार से प्रवेश करने का यत्न करो, क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि बहुतेरे प्रवेश करना चाहेंगे, और न कर सकेंगे। जब घर का स्वामी उठकर द्वार बन्द कर चुका हो, और तुम बाहर खड़े हुए द्वार खटखटाकर कहने लगो, हे प्रभु, हमारे लिये खोल दे, और वह उत्तर दे कि मैं तुम्हें नहीं जानता, तुम कहां के हो? तब तुम कहने लगोगे, कि हम ने तेरे साम्हने खाया पीया और तू ने हमारे बजारों में उपदेश किया। परन्तु वह कहेगा, मैं तुम से कहता हूं, मैं नहीं जानता तुम कहां के हो, हे कुकर्म करनेवालो, तुम सब मुझ से दुर हो। वहां रोना और दांत पीसना होगा: जब तुम इब्राहीम और इसहाक और याकूब और सब भविष्यद्वक्ताओं को परमेश्वर के राज्य में बैठे, और अपने आप को बाहर निकाले हुए देखोगे।
- Proverbs 1:24–28 नीतिवचन 1:24–28मैं ने तो पुकारा परन्तु तुम ने इनकार किया, और मैं ने हाथ फैलाया, परन्तु किसी ने ध्यान न दिया, वरन तुम ने मेरी सारी सम्मति को अनसुनी किया, और मेरी ताड़ना का मूल्य न जाना; इसलिये मैं भी तुम्हारी विपत्ति के समय हंसूंगी; और जब तुम पर भय आ पड़ेगा, वरन आंधी की नाई तुम पर भय आ पड़ेगा, और विपत्ति बवण्डर के समान आ पड़ेगी, और तुम संकट और सकेती में फंसोगे, तब मैं ठट्ठा करूंगी। उस समय वे मुझे पुकारेंगे, और मैं न सुनूंगी; वे मुझे यत्न से तो ढूंढ़ेंगे, परन्तु न पाएंगे।
- Proverbs 19:3 नीतिवचन 19:3मूढ़ता के कारण मनुष्य का मार्ग टेढ़ा होता है, और वह मन ही मन यहोवा से चिढ़ने लगता है।
Original words (Hebrew)
- Esau · H6215עֵשָׂו ʻÊsâv
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- father · H1אָב ʼâb
- cried · H6817צָעַק tsâʻaq
- great · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- exceeding · H3966מְאֹד mᵉʼôd
- bitter · H4751מַר mar
- cry · H6818צַעֲקָה tsaʻăqâh
- said · H559אָמַר ʼâmar
- father · H1אָב ʼâb
- Bless · H1288בָרַךְ bârak
- father · H1אָב ʼâb