Genesis · chapter 41 · verse 34
Genesis 41:34 in Hindi
फिरौन यह करे, कि देश पर अधिकारियों को नियुक्त करे, और जब तक सुकाल के सात वर्ष रहें तब तक वह मि देश की उपज का पंचमांश लिया करे।
Phiraun yah kare, ki desh par adhikaariyom ko niyukt kare, aur jab tak sukaal ke saat varsh rahem tab tak vah mi desh kee upaj kaa panchamaansh liyaa kare.
Genesis 41:34 in English
- King James Version (KJV)
- Let Pharaoh do [this], and let him appoint officers over the land, and take up the fifth part of the land of Egypt in the seven plenteous years.
- World English Bible (WEB)
- Let Pharaoh do this, and let him appoint overseers over the land, and take up the fifth part of the land of Egypt’s produce in the seven plenteous years.
- American Standard Version (ASV)
- Let Pharaoh do [this], and let him appoint overseers over the land, and take up the fifth part of the land of Egypt in the seven plenteous years.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let Pharaoh do this, and let him put overseers over the land of Egypt to put in store a fifth part of the produce of the land in the good years.
- Darby Translation (DBY)
- Let Pharaoh do [this]: let him appoint overseers over the land, and take the fifth part of the land of Egypt during the seven years of plenty,
- Webster's Bible (WBS)
- Let Pharaoh do [this], and let him appoint officers over the land, and take up the fifth part of the land of Egypt in the seven plenteous years.
- Young's Literal Translation (YLT)
- let Pharaoh make and appoint overseers over the land, and receive a fifth of the land of Egypt in the seven years of plenty,
Read in context
- 32और फिरौन ने जो यह स्वप्न दो बार देखा है इसका भेद यही है, कि यह बात परमेश्वर की ओर से नियुक्त हो चुकी है, और परमेश्वर इसे शीघ्र ही पूरा करेगा।
- 33इसलिये अब फिरौन किसी समझदार और बुद्धिमान् पुरूष को ढूंढ़ करके उसे मि देश पर प्रधानमंत्री ठहराए।
- 34फिरौन यह करे, कि देश पर अधिकारियों को नियुक्त करे, और जब तक सुकाल के सात वर्ष रहें तब तक वह मि देश की उपज का पंचमांश लिया करे।
- 35और वे इन अच्छे वर्षों में सब प्रकार की भोजनवस्तु इकट्ठा करें, और नगर नगर में भण्डार घर भोजन के लिये फिरौन के वश में करके उसकी रक्षा करें।
- 36और वह भोजनवस्तु अकाल के उन सात वर्षों के लिये, जो मि देश में आएंगे, देश के भोजन के निमित्त रखी रहे, जिस से देश उस अकाल से स्त्यानाश न हो जाए।
Cross references
- Proverbs 6:6–8 नीतिवचन 6:6–8हे आलसी, च्यूंटियों के पास जा; उनके काम पर ध्यान दे, और बुद्धिमान हो। उनके न तो कोई न्यायी होता है, न प्रधान, और न प्रभुता करनेवाला, तौभी वे अपना आहार धूपकाल में संचय करती हैं, और कटनी के समय अपनी भोजनवस्तु बटोरती हैं।
- Nehemiah 11:9 नहेमायाह 11:9इनका रखवाल जिक्री का पुत्रा योएल था, और हस्सनूआ का पुत्रा यहूदा नगर के प्रधान का नायब था।
- Psalm 33:19 भजन संहिता 33:19कि वह उनके प्राण को मृत्यु से बचाए, और अकाल के समय उनको जीवित रखे।।
- 2 Chronicles 34:12 2 इतिहास 34:12और वे मनुष्य सच्चाई से काम करते थे, और उनके अधिकारी मरारीय, यहत और ओबद्याह, लेवीय और कहाती, जकर्याह और मशुल्लाम काम चलानेवाले और गाने- बजाने का भेद सब जाननेवाले लेवीय भी थे।
- Numbers 31:14 गिनती 31:14और मूसा सहस्त्रापति- शतपति आदि, सेनापतियों से, जो युद्ध करके लौटे आते थे क्रोधित होकर कहने लगा,
- 2 Kings 11:11–12 2 राजा 11:11–12इसलिये वे पहरूए अपने अपने हाथ में हथियार लिए हुए भवन के दक्खिनी कोने से लेकर उत्तरी कोने तक वेदी और भवन के पास राजा के चारों ओर उसकी आड़ करके खड़े हुए। तब उस ने राजकुमार को बाहर लाकर उसके सिर पर मुकुट, और साक्षीपत्रा धर दिया; तब लोगों ने उसका अभिषेक करके उसको राजा बनाया; फिर ताली बजा बजाकर बोल उठे, राजा जीवित रहे।
- Luke 16:5 लूका 16:5और उस ने अपने स्वामी के देनदारों में से एक एक को बुलाकर पहिले से पूछा, कि तुझ पर मेरे स्वामी का क्या आता है?
- Proverbs 22:3 नीतिवचन 22:3चतुर मनुष्य विपत्ति को आते देखकर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़कर दण्ड भोगते हैं।
- Proverbs 27:12 नीतिवचन 27:12बुद्धिमान मनुष्य विपत्ति को आती देखकर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़े चले जाते और हानि उठाते हैं।
- Job 5:20 अय्यूब 5:20अकाल में वह तुझे मुत्यु से, और युठ्ठ में तलवार की धार से बचा लेगा।