Haggai · chapter 2 · verse 18
Haggai 2:18 in Hindi
अब सोच- विचार करो, कि आज से पहिले अर्थात् जिस दिन यहोवा के मन्दिर की नेव डाली गई, उस दिन से लेकर नौवें महीने के इसी चौबीसवें दिन तक क्या दशा थी? इसका सोच- विचार करो।
Ab socha- vichaar karo, ki aaj se pahile arthaat jis din yahovaa ke mandir kee nev daalee gaee, us din se lekar nauvem maheene ke isee chaubeesavem din tak kyaa dashaa thee? Isakaa socha- vichaar karo.
Haggai 2:18 in English
- King James Version (KJV)
- Consider now from this day and upward, from the four and twentieth day of the ninth [month, even] from the day that the foundation of the LORD’s temple was laid, consider [it].
- World English Bible (WEB)
- ‘Consider, please, from this day and backward, from the twenty-fourth day of the ninth month, since the day that the foundation of the LORD’s temple was laid, consider it.
- American Standard Version (ASV)
- Consider, I pray you, from this day and backward, from the four and twentieth day of the ninth [month], since the day that the foundation of Jehovah’s temple was laid, consider it.
- Bible in Basic English (BBE)
- And now, give thought; looking on from this day, from the twenty-fourth day of the ninth month, from the time when the base of the Lord's house was put in its place, give thought to it.
- Darby Translation (DBY)
- Consider, I pray you, from this day and onward, from the four and twentieth day of the ninth [month], from the day that the foundation of Jehovah's temple was laid, consider [it].
- Webster's Bible (WBS)
- Consider now from this day, and upward, from the four and twentieth day of the ninth [month] , [even] from the day that the foundation of the LORD'S temple was laid, consider [it] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- Set [it], I pray you, to your heart, from this day and onwards, from the twenty and fourth day of the ninth [month], even from the day that the temple of Jehovah hath been founded, set [it] to your heart.
Read in context
- 16उन दिनों में जब कोई अन्न के बीस नपुओं की आशा से जाता, तब दास ही पाता था, और जब कोई दाखरस के कुण्ड के पास इस आशा से जाता कि पचास बर्तन भर निकालें, तब बीस ही निकलते थे।
- 17मैं ने तुम्हारी सारी खेती को लू और गरूई और ओलों से मारा, तौभी तुम मेरी ओर न फिरे, यहोवा की यही वाणी है।
- 18अब सोच- विचार करो, कि आज से पहिले अर्थात् जिस दिन यहोवा के मन्दिर की नेव डाली गई, उस दिन से लेकर नौवें महीने के इसी चौबीसवें दिन तक क्या दशा थी? इसका सोच- विचार करो।
- 19क्या अब तक बीच खत्ते में है? अब तक दाखलता और अंजीर और अनार और जलपाई के वृक्ष नहीं फले, परन्तु आज के दिन से मैं तुम को आशीष देता रहूंगा।।
- 20उसी महीने के चौबीसवें दिन को दूसरी बार यहोवा का यह वचन हाग्गै के पास पहुंचा, यहूदा के अधिपति जरूब्बाबेल से यों कह:
Cross references
- Zechariah 8:9 जकर्याह 8:9सेनाओं का यहोवा यों कहता है, तुम इन दिनों में ये वचन उन भविष्यद्वक्ताओं के मुख से सुनते हो जो सेनाओं के यहोवा के भवन की नेव डालने के समय अर्थात् मन्दिर के बनने के समय में थे।
- Haggai 2:15 हाग्गै 2:15अब सोच- विचार करो कि आज से पहिले अर्थात् जब यहोवा के मन्दिर में पत्थर पर पत्थर रखा ही नहीं गया था,
- Ezra 5:1–2 एज्रा 5:1–2तब हाग्गै नामक नबी और इद्दॊ का पोता जकर्याह यहूदा और यरूशलेम के यहूदियों से नबूवत करने लगे, उन्हों ने इस्राएल के परमेश्वर के नाम से उन से नबूवत की। तब शालतीएल का पुत्रा जरूब्बाबेल और योसादाक का पुत्रा येशू, कमर बान्धकर परमेश्वर के भवन को जो यरूशलेम में है बनाने लगे; और परमेश्वर के वे नबी उनका साथ देते रहे।
- Zechariah 8:12 जकर्याह 8:12क्योंकि अब शान्ति के समय की उपज अर्थात् दाखलता फला करेंगी, पृथ्वी अपनी उपज उपजाया करेगी, और आकाश से ओस गिरा करेगी; क्योंकि मैं अपनी इस प्रजा के बचे हुओं को इन सब का अधिकारी कर दूंगा।
- Deuteronomy 32:29 व्यवस्थाविवरण 32:29भला होता कि ये बुद्धिमान होते, कि इसको समझ लेते, और अपने अन्त का विचार करते!
- Haggai 2:10 हाग्गै 2:10दारा के दूसरे वर्ष के नौवें महीने के चौबीसवे दिन को, यहोवा का यह वचन हाग्गै भविष्यद्वक्ता के पास पहुंचा,
- Haggai 1:14–15 हाग्गै 1:14–15और यहोवा ने शालतीएल के पुत्रा जरूब्बाबेल को जो यहूदा का अधिपति था, और यहोसादाक के पुत्रा यहोशू महायाजक को, और सब बचे हुए लोगों के मन को उभार का उत्साह से भर दिया कि वे आकर अपने परमेश्वर, सेनाओं के यहोवा के भवन को बनाने में लग जाएं। यह दारा राजा के दूसरे वर्ष के छठवें महीने के चौबीसवें दिन हुआ।।
- Luke 15:17–20 लूका 15:17–20जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं। मैं अब उठकर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है। अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले। तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।