Hebrews · chapter 4 · verse 16
Hebrews 4:16 in Hindi
इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।।
Isaliye aao, ham anugrah ke sinhaasan ke nikat hiyaav baandhakar chalem, ki ham par dayaa ho, aur vah anugrah paaem, jo aavashyakataa ke samay hamaaree sahaayataa kare..
Hebrews 4:16 in English
- King James Version (KJV)
- Let us therefore come boldly unto the throne of grace, that we may obtain mercy, and find grace to help in time of need.
- World English Bible (WEB)
- Let’s therefore draw near with boldness to the throne of grace, that we may receive mercy and may find grace for help in time of need.
- American Standard Version (ASV)
- Let us therefore draw near with boldness unto the throne of grace, that we may receive mercy, and may find grace to help [us] in time of need.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then let us come near to the seat of grace without fear, so that mercy may be given to us, and we may get grace for our help in time of need.
- Darby Translation (DBY)
- Let us approach therefore with boldness to the throne of grace, that we may receive mercy, and find grace for seasonable help.
- Webster's Bible (WBS)
- Let us therefore come boldly to the throne of grace, that we may obtain mercy, and find grace to help in time of need.
- Young's Literal Translation (YLT)
- we may come near, then, with freedom, to the throne of the grace, that we may receive kindness, and find grace — for seasonable help.
Read in context
- 14सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है, जो स्वर्गों से होकर गया है, अर्थात् परमेश्वर का पुत्रा यीशु; तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहे।
- 15क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; बरन वह सब बातों में हमारी नाई परखा तो गया, तौभी निष्पाप निकला।
- 16इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।।
Cross references
- Ephesians 3:12 इफिसियों 3:12जिस में हम को उस पर विश्वास रखने से हियाव और भरोसे से निकट आने का अधिकार है।
- Hebrews 7:25 इब्रानियों 7:25इसी लिये जो उसके द्वारा परमेश्वर के पास आते हैं, वह उन का पूरा पूरा उद्धार कर सकता है, क्योंकि वह उन के लिये बिनती करने को सर्वदा जीवित है।।
- Hebrews 10:19–23 इब्रानियों 10:19–23सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्रा स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है। जो उस ने परदे अर्थात् अपने शरीर में से होकर, हमारे लिये अभिषेक किया है, और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है। तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवाकर परमेश्वर के समीप जाएं। और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिस ने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है।
- Hebrews 13:6 इब्रानियों 13:6इसलिये हम बेधड़क होकर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है।।
- Philippians 4:6–7 फिलिप्पियों 4:6–7किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।।
- Isaiah 55:6–7 यशायाह 55:6–7जब जब यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज में रहो, जब तक वह निकट है तब तक उसे पुकारो; दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा।
- Ephesians 2:18 इफिसियों 2:18क्योंकि उस ही के द्वारा हम दानों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है।
- Matthew 7:7–11 मत्ती 7:7–11क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है? और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा। तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है, कि यदि उसका पुत्रा उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पत्थर दे? वा मछली मांगे, तो उसे सांप दे? सो जब तुम बुरे होकर, अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता अपने मांगनेवालों को अच्छी वस्तुएं क्यों न देगा? इस कारण जो कुछ तुम चाहते हो, कि मनुष्य तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो; क्योंकि व्यवस्था और भविष्यद्वक्तओं की शिक्षा यही है।।
- 1 Peter 2:10 1 पतरस 2:10तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।।
- 2 Corinthians 12:8–10 2 कुरिन्थियों 12:8–10इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार बिनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए। और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
- Romans 8:15–17 रोमियों 8:15–17क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कहकर पुकारते हैं। आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं। और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, बरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।।
- Hebrews 7:19 इब्रानियों 7:19(इसलिये कि व्यवस्था ने किसी बात की सिद्धि नहीं कि) और उसके स्थान पर एक ऐसी उत्तम आशा रखी गई है जिस के द्वारा हम परमेश्वर के समीप जा सकते हैं।
Original words (Greek)
- us · G4334προσέρχομαι prosérchomai
- therefore · G3767οὖν oûn
- come · G4334προσέρχομαι prosérchomai
- bold · G3954παῤῥησία parrhēsía
- ly · G3326μετά metá
- throne · G2362θρόνος thrónos
- grace · G5485χάρις cháris
- that · G2443ἵνα hína
- obtain · G2983λαμβάνω lambánō
- mercy · G1656ἔλεος éleos
- and · G2532καί kaí
- find · G2147εὑρίσκω heurískō
- grace · G5485χάρις cháris
- to · G1519εἰς eis
- help · G996βοήθεια boḗtheia
- need · G2121εὔκαιρος eúkairos