Hebrews · chapter 8 · verse 7
Hebrews 8:7 in Hindi
क्योंकि यदि वह पहिली वाचा निर्दोष होती, तो दूसरी के लिये अवसर न ढूंढ़ा जाता।
Kyonki yadi vah pahilee vaachaa nirdosh hotee, to doosaree ke liye avasar na dhoondhaa jaataa.
Hebrews 8:7 in English
- King James Version (KJV)
- For if that first [covenant] had been faultless, then should no place have been sought for the second.
- World English Bible (WEB)
- For if that first covenant had been faultless, then no place would have been sought for a second.
- American Standard Version (ASV)
- For if that first [covenant] had been faultless, then would no place have been sought for a second.
- Bible in Basic English (BBE)
- For if that first agreement had been as good as possible, there would have been no place for a second.
- Darby Translation (DBY)
- For if that first was faultless, place had not been sought for a second.
- Webster's Bible (WBS)
- For if that first [covenant] had been faultless, then would no place have been sought for the second.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for if that first were faultless, a place would not have been sought for a second.
Read in context
- 5जो स्वर्ग में की वस्तुओं के प्रतिरूप और प्रतिबिम्ब की सेवा करते हैं, जैसे जब मूसा तम्बू बनाने पर था, तो उसे यह चितावनी मिली, कि देख जो नमूना तुझे पहाड़ पर दिखाया गया था, उसके अनुसार सब कुछ बनाना।
- 6पर उस को उन की सेवकाई से बढ़कर मिली, क्योंकि वह और भी उत्तम वाचा का मध्यस्थ ठहरा, जो और उत्तम प्रतिज्ञाओं के सहारे बान्धी गई है।
- 7क्योंकि यदि वह पहिली वाचा निर्दोष होती, तो दूसरी के लिये अवसर न ढूंढ़ा जाता।
- 8पर वह उन पर दोष लगाकर कहता है, कि प्रभु कहता है, देखो वे दिन आते हैं, कि मैं इस्त्राएल के घराने के साथ, और यहूदा के घराने के साथ, नई वाचा बान्धूंगा।
- 9यह उस वाचा के समान न होगी, जो मैं ने उन के बाप दादों के साथ उस समय बान्धी थी, जब मैं उन का हाथ पकड़ कर उन्हें मिसर देश से निकाल लाया, क्योंकि वे मेरी वाचा पर स्थिर न रहे, और मैं ने उन की सुधि न ली; प्रभु यही कहता है।
Cross references
- Hebrews 7:11 इब्रानियों 7:11तक यदि लेवीय याजक पद के द्वारा सिद्धि हो सकती है (जिस के सहारे से लोगों को व्यवस्था मिली थी) तो फिर क्या आवश्यकता थी, कि दूसरा याजक मलिकिसिदक की रीति पर खड़ा हो, और हारून की रीति का न कहलाए?
- Galatians 3:21 गलातियों 3:21तो क्या व्यवस्था परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के विरोध में है? कदापि न हो? क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था दी जाती जो जीवन दे सकती, तो सचमुच धार्मिकता व्यवस्था से होती।
- Hebrews 7:18 इब्रानियों 7:18निदान, पहिली आज्ञा निर्बल; और निष्फल होने के कारण लोप हो गई।
- Hebrews 8:6 इब्रानियों 8:6पर उस को उन की सेवकाई से बढ़कर मिली, क्योंकि वह और भी उत्तम वाचा का मध्यस्थ ठहरा, जो और उत्तम प्रतिज्ञाओं के सहारे बान्धी गई है।