Hebrews · chapter 7 · verse 18
Hebrews 7:18 in Hindi
निदान, पहिली आज्ञा निर्बल; और निष्फल होने के कारण लोप हो गई।
Nidaan, pahilee aajnyaa nirbal; aur nishphal hone ke kaaran lop ho gaee.
Hebrews 7:18 in English
- King James Version (KJV)
- For there is verily a disannulling of the commandment going before for the weakness and unprofitableness thereof.
- World English Bible (WEB)
- For there is an annulling of a foregoing commandment because of its weakness and uselessness
- American Standard Version (ASV)
- For there is a disannulling of a foregoing commandment because of its weakness and unprofitableness
- Bible in Basic English (BBE)
- So the law which went before is put on one side, because it was feeble and without profit.
- Darby Translation (DBY)
- For there is a setting aside of the commandment going before for its weakness and unprofitableness,
- Webster's Bible (WBS)
- For there is verily a disannulling of the preceding commandment on account of its weakness and unprofitableness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for a disannulling indeed doth come of the command going before because of its weakness, and unprofitableness,
Read in context
- 16जो शारीरिक आज्ञा की व्यवस्था के अनुसार नहीं, पर अविनाशी जीवन की सामर्थ के अनुसार नियुक्त हो तो हमारा दावा और भी स्पष्टता से प्रगट हो गया।
- 17क्योंकि उसके विषय में यह गवाही दी गई है, कि तू मलिकिसिदक की रीति पर युगानुयुग याजक है।
- 18निदान, पहिली आज्ञा निर्बल; और निष्फल होने के कारण लोप हो गई।
- 19(इसलिये कि व्यवस्था ने किसी बात की सिद्धि नहीं कि) और उसके स्थान पर एक ऐसी उत्तम आशा रखी गई है जिस के द्वारा हम परमेश्वर के समीप जा सकते हैं।
- 20और इसलिये कि मसीह की नियुक्ति बिना शपथ नहीं हुई।
Cross references
- Romans 8:3 रोमियों 8:3क्योंकि जो काम व्यवस्था शरीर के कारण दुर्बल होकर न कर सकी, उस को परमेश्वर ने किया, अर्थात् अपने ही पुत्रा को पापमय शरीर की समानता में, और पाप के बलिदान होने के लिये भेजकर, शरीर में पाप पर दण्ड की आज्ञा दी।
- Acts 13:39 प्रेरितों के काम 13:39और जिन बातों से तुम मूसा की व्यवस्था के द्वारा निर्दोष नहीं ठहर सकते थे, उन्हीं सब से हर एक विश्वास करनेवाला उसके द्वारा निर्दोष ठहरता है।
- Hebrews 7:11–12 इब्रानियों 7:11–12तक यदि लेवीय याजक पद के द्वारा सिद्धि हो सकती है (जिस के सहारे से लोगों को व्यवस्था मिली थी) तो फिर क्या आवश्यकता थी, कि दूसरा याजक मलिकिसिदक की रीति पर खड़ा हो, और हारून की रीति का न कहलाए? क्योंकि जब याजक का पद बदला जाता है? तो व्यवस्था का भी बदलना अवश्य है।
- Galatians 4:9 गलातियों 4:9पर अब जो तुम ने परमेश्वर को पहचान लिया बरन परमेश्वर ने तुम केा पहचाना, तो उन निर्बल और निकम्मी आदि- शिक्षा की बातों की ओर क्यों फिरते हो, जिन के तुम दोबारा दास होना चाहते हो?
- Hebrews 8:7–13 इब्रानियों 8:7–13क्योंकि यदि वह पहिली वाचा निर्दोष होती, तो दूसरी के लिये अवसर न ढूंढ़ा जाता। पर वह उन पर दोष लगाकर कहता है, कि प्रभु कहता है, देखो वे दिन आते हैं, कि मैं इस्त्राएल के घराने के साथ, और यहूदा के घराने के साथ, नई वाचा बान्धूंगा। यह उस वाचा के समान न होगी, जो मैं ने उन के बाप दादों के साथ उस समय बान्धी थी, जब मैं उन का हाथ पकड़ कर उन्हें मिसर देश से निकाल लाया, क्योंकि वे मेरी वाचा पर स्थिर न रहे, और मैं ने उन की सुधि न ली; प्रभु यही कहता है। फिर प्रभु कहता है, कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्त्राएल के घराने के साथ बान्धूंगा, वह यह है, कि मैं अपनी व्यवस्था को उन के मनों में डालूंगा, और उसे उन के हृदय पर लिखूंगा, और मैं उन का परमेश्वर ठहरूंगा, और वे मेरे लोग ठहरेंगे। और हर एक अपने देश वाले को और अपने भाई को यह शिक्षा न देगा, कि तू प्रभु को पहिचान क्योंकि छोटे से बड़े तक सब मुझे जान लेंगे। क्योंकि मैं उन के अधर्म के विषय मे दयावन्त हूंगा, और उन के पापों को फिर स्मरण न करूंगा। नई वाचा के स्थापन से उस ने प्रथम वाचा को पुरानी ठहराई, और जो वस्तु पुरानी और जीर्ण जो जाती है उसका मिट जाना अनिवार्य है॥
- Hebrews 7:19 इब्रानियों 7:19(इसलिये कि व्यवस्था ने किसी बात की सिद्धि नहीं कि) और उसके स्थान पर एक ऐसी उत्तम आशा रखी गई है जिस के द्वारा हम परमेश्वर के समीप जा सकते हैं।
- 1 Timothy 4:8 1 तीमुथियुस 4:8क्योंकि देह ही साधना से कम लाभ होता है, पर भक्ति सब बातों के लिये लाभदायक है, क्योंकि इस समय के और आनेवाले जीवन की भी प्रतिज्ञा इसी के लिये है।
- Galatians 3:17 गलातियों 3:17पर मैं यह कहता हूं की जो वाचा परमेश्वर ने पहिले से पक्की की थी, उस को व्यवस्था चार सौ तीस बरस के बाद आकर नहीं टाल देती, कि प्रतिज्ञा व्यर्थ ठहरे।
- Hebrews 13:9 इब्रानियों 13:9नाना प्रकार के और ऊपरी उपदेशों से न भरमाए जाओ, क्योंकि मन का अनुग्रह से दृढ़ रहना भला है, न कि उन खाने की वस्तुओं से जिन से काम रखनेवालों को कुछ लाभ न हुआ।
- Romans 3:31 रोमियों 3:31तो क्या हम व्यवस्था को विश्वास के द्वारा व्यर्थ ठहराते हैं? कदापि नहीं; बरन व्यवस्था को स्थिर करते हैं।।
- Galatians 4:21 गलातियों 4:21तुम जो व्यवस्था के आधीन होना चाहते हो, मुझ से कहो, क्या तुम व्यवस्था की नहीं सुनते?
- Galatians 3:15 गलातियों 3:15हे भाइयों, मैं मनुष्य की रीति पर कहता हूं, कि मनुष्य की वाचा भी जो पक्की हो जाती है, तो न कोई उसे टालता है और न उस में कुछ बढ़ाता है।