Hosea · chapter 10 · verse 1
Hosea 10:1 in Hindi
इस्राएल एक लहलहाती हुई दाखलता सी है, जिस में बहुत से फल भी लगे, परन्तु ज्यों ज्यों उसके फल बढ़े, त्यों त्यों उस ने अधिक वेदियां बनाईं जैसे जैसे उसकी भूमि सुधरी, वैसे ही वे सुन्दर लाटें बनाते गये।
Israael ek lahalahaatee huee daakhalataa see hai, jis mem bahut se phal bhee lage, parantu jyom jyom usake phal badhe, tyom tyom us ne adhik vediyaam banaaeem jaise jaise usakee bhoomi sudharee, vaise hee ve sundar laatem banaate gaye.
Hosea 10:1 in English
- King James Version (KJV)
- Israel [is] an empty vine, he bringeth forth fruit unto himself: according to the multitude of his fruit he hath increased the altars; according to the goodness of his land they have made goodly images.
- World English Bible (WEB)
- Israel is a luxuriant vine that produces his fruit. According to the abundance of his fruit he has multiplied his altars. As their land has prospered, they have adorned their sacred stones.
- American Standard Version (ASV)
- Israel is a luxuriant vine, that putteth forth his fruit: according to the abundance of his fruit he hath multiplied his altars; according to the goodness of their land they have made goodly pillars.
- Bible in Basic English (BBE)
- Israel is a branching vine, full of fruit; as his fruit is increased, so the number of his altars is increased; as the land is fair, so they have made fair pillars.
- Darby Translation (DBY)
- Israel is an unpruned vine, he bringeth forth fruit unto himself: according to the abundance of his fruit he hath multiplied altars; according to the goodness of his land they have made goodly statues.
- Webster's Bible (WBS)
- Israel [is] an empty vine, he bringeth forth fruit to himself: according to the multitude of his fruit he hath multiplied the altars; according to the goodness of his land they have made goodly images.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'An empty vine [is] Israel, Fruit he maketh like to himself, According to the abundance of his fruit, He hath multiplied for the altars, According to the goodness of his land, They have made goodly standing-pillars.
Read in context
- 1इस्राएल एक लहलहाती हुई दाखलता सी है, जिस में बहुत से फल भी लगे, परन्तु ज्यों ज्यों उसके फल बढ़े, त्यों त्यों उस ने अधिक वेदियां बनाईं जैसे जैसे उसकी भूमि सुधरी, वैसे ही वे सुन्दर लाटें बनाते गये।
- 2उनका मन बटा हुआ है; अब वे दोषी ठहरेंगे। वह उनकी वेदियों को तोड़ डालेगा, और उनकी लाटों को टुकड़े टुकड़े करेगा।
- 3अब वे कहेंगे, हमारे कोई राजा नहीं है, क्योंकि हम ने यहोवा का भय नहीं माना; सो राजा हमारा क्या कर सकता है?
Cross references
- Hosea 8:11 होशे 8:11एप्रैम ने पाप करने को बहुत सी वेदियां बनाई हैं, वे ही वेदियां उसके पापी ठहरने का कारण भी ठहरीं।
- Leviticus 26:1 लैव्यव्यवस्था 26:1तुम अपने लिये मूरतें न बनाना, और न कोई खुदी हुई मूर्ति वा लाट अपने लिये खड़ी करना, और न अपने देश में दण्डवत् करने के लिये नक्काशीदार पत्थर स्थापन करना; क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।
- Hosea 12:11 होशे 12:11क्या गिलाद कुकर्मी नहीं? वे पूरे छली हो गए हैं। गिल्गाल में बैल बलि किए जाते हैं, वरन उनकी वेदियां उन ढेरों के समान हैं जो खेत की रेघारियों के पास हों।
- Philippians 2:21 फिलिप्पियों 2:21क्योंकि सब अपने स्वार्थ की खोज में रहते हैं, न कि यीशु मसीह की।
- Isaiah 5:1–7 यशायाह 5:1–7अब मैं अपने प्रिय के लिये और उसकी दाख की बारी के विषय में गीत गाऊंगा: एक अति उपजाऊ टीले पर मेरे प्रिय की एक दाख की बरी थी। उस ने उसकी मिट्टी खोदी और उसके पत्थर बीनकर उस में उत्तम जाति की एक दाखलता लगाई; उसके बीच में उस ने एक गुम्मट बनाया, और दाखरस के लिये एक कुण्ड भी खोदा; तब उस ने दाख की आशा की, परन्तु उस में निकम्मी दाखें ही लगीं।। अब हे यरूशलेम के निवासियों और हे यहूदा के मनुष्यों, मेरे और मेरी दाख की बारी के बीच न्याय करो। मेरी दाख की बारी के लिये और क्या करना रह गया जो मैं ने उसके लिये न किया हो? फिर क्या कारण है कि जब मैं ने दाख की आशा की तब उस में निकम्मी दाखें लगीं? अब मैं तुम को जताता हूं कि अपनी दाख की बारी से क्या करूंगा। मैं उसके कांटेवाले बाड़े को उखाड़ दूंगा कि वह चट की जाए, और उसकी भीत को ढा दूंगा कि वह रौंदी जाए। मैं उसे उजाड़ दूंगा; वह न तो फिर छांटी और न खोदी जाएगी और उस में भांति भांति के कटीले पेड़ उगेंगे; मैं मेघों को भी आज्ञा दूंगा कि उस पर जल न बरसाएं।। क्योंकि सेनाओं के यहोवा की दाख की बारी इस्राएल का घराना, और उसका मनभाऊ पौधा यहूदा के लोग है; और उस ने उन में न्याय की आशा की परन्तु अन्याय देख पड़ा; उस ने धर्म की आशा की, परन्तु उसे चिल्लाहट ही सुन पड़ी!
- Romans 14:7–8 रोमियों 14:7–8क्योंकि हम में से न तो कोई पअने लिये जीता है, और न कोई अपने लिये मरता है। क्योंकि यदि हम जीवित हैं, तो प्रभु के लिये जीवित हैं; और यदि मरते हैं, तो प्रभु के लिये मरते हैं; सो हम जीएं या मरें, हम प्रभु ही के हैं।
- Jeremiah 2:28 यिर्मयाह 2:28परन्तु जो देवता तू ने बना लिए हैं, वे कहां रहे? यदि वे तेरी विपत्ति के समय तुझे बचा सकते हैं तो अभी उठें; क्योंकि हे यहूदा, तेरे नगरों के बराबर तेरे देवता भी बहुत हैं।
- 1 Kings 14:23 1 राजा 14:23उन्होंने तो सब ऊंचे टीलों पर, और सब हरे वृक्षों के तले, ऊंचे स्थान, और लाठें, और अशेरा नाम मूरतें बना लीं।
- Ezekiel 15:1–5 यहेजकेल 15:1–5फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, हे मनुष्य के सन्तान, सब वृक्षों में अंगूर की लता की क्या श्रेष्ठता है? अंगूर की शाखा जो जंगल के पेड़ों के बीच उत्पन्न होती है, उस में क्या गुण है? क्या कोई वस्तु बनाने के लिये उस में से लकड़ी ली जाती, वा कोई बर्तन टांगने के लिये उस में से खूंटी बन सकती है? वह तो ईन्धन बनाकर आग में झोंकी जाती है; उसके दोनों सिरे आग से जल जाते, और उसके बीख् का भाग भस्म हो जाता है, क्या वह किसी भी काम की है? देख, जब वह बनी थी, तब भी वह किसी काम की न थी, फिर जब वह आग का ईन्धन होकर भस्म हो गई है, तब किस काम की हो सकती है?
- John 15:1–6 यूहन्ना 15:1–6सच्ची दाखलता मैं हूं; और मेरा पिता किसान है। जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले। तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो। तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
- Hosea 2:8 होशे 2:8वह यह नहीं जानती थी, कि अन्न, नया दाखमधु और तेल मैं ही उसे देता था, और उसके लिये वह चान्दी सोना जिसको वे बाल देवता के काम में ले आते हैं, मैं ही बढ़ाता था।
- Hosea 13:6 होशे 13:6परन्तु जब इस्राएली चराए जाते थे और वे तृप्त हो गए, तब तृप्त होने पर उनका मन घमण्ड से भर गया; इस कारण वे मुझ को भूल गए।
Original words (Hebrew)
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- empty · H1238בָּקַק bâqaq
- vine · H1612גֶּפֶן gephen
- forth · H7737שָׁוָה shâvâh
- fruit · H6529פְּרִי pᵉrîy
- multitude · H7230רֹב rôb
- fruit · H6529פְּרִי pᵉrîy
- increased · H7235רָבָה râbâh
- altars · H4196מִזְבֵּחַ mizbêach
- goodness · H2896טוֹב ṭôwb
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- goodly · H2895טוֹב ṭôwb
- images · H4676מַצֵּבָה matstsêbâh