Leviticus · chapter 26 · verse 1
Leviticus 26:1 in Hindi
तुम अपने लिये मूरतें न बनाना, और न कोई खुदी हुई मूर्ति वा लाट अपने लिये खड़ी करना, और न अपने देश में दण्डवत् करने के लिये नक्काशीदार पत्थर स्थापन करना; क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।
Tum apane liye mooratem na banaanaa, aur na koee khudee huee moorti vaa laat apane liye khadee karanaa, aur na apane desh mem dandavat karane ke liye nakkaasheedaar patthar sthaapan karanaa; kyonki maim tumhaaraa parameshvar yahovaa hoon.
Leviticus 26:1 in English
- King James Version (KJV)
- Ye shall make you no idols nor graven image, neither rear you up a standing image, neither shall ye set up [any] image of stone in your land, to bow down unto it: for I [am] the LORD your God.
- World English Bible (WEB)
- “‘You shall make for yourselves no idols, and you shall not raise up a carved image or a pillar, and you shall not place any figured stone in your land, to bow down to it; for I am the LORD your God.
- American Standard Version (ASV)
- Ye shall make you no idols, neither shall ye rear you up a graven image, or a pillar, neither shall ye place any figured stone in your land, to bow down unto it: for I am Jehovah your God.
- Bible in Basic English (BBE)
- Do not make images of false gods, or put up an image cut in stone or a pillar or any pictured stone in your land, to give worship to it; for I am the Lord your God.
- Darby Translation (DBY)
- Ye shall make yourselves no idols, neither rear you up for yourselves carved image, or statue, nor shall ye set up a figured stone in your land, to bow down unto it; for I am Jehovah your God.
- Webster's Bible (WBS)
- Ye shall make you no idols nor graven image, neither rear you up a standing image, neither shall ye set up [any] image of stone in your land, to bow down to it: for I [am] the LORD your God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Ye do not make to yourselves idols; and graven image or standing image ye do not set up to yourselves; and a stone of imagery ye do not put in your land, to bow yourselves to it; for I [am] Jehovah your God.
Read in context
- 1तुम अपने लिये मूरतें न बनाना, और न कोई खुदी हुई मूर्ति वा लाट अपने लिये खड़ी करना, और न अपने देश में दण्डवत् करने के लिये नक्काशीदार पत्थर स्थापन करना; क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।
- 2तुम मेरे विश्रामदिनों का पालन करना और मेरे पवित्रास्थान का भय मानना; मैं यहोवा हूं।।
- 3यदि तुम मेरी विधियों पर चलो और मेरी आज्ञाओं को मानकर उनका पालन करो,
Cross references
- Leviticus 19:4 लैव्यव्यवस्था 19:4तुम मूरतों की ओर न फिरना, और देवताओं की प्रतिमाएं ढालकर न बना लेना; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।
- Exodus 23:24 निर्गमन 23:24उनके देवताओं को दण्डवत् न करना, और न उनकी उपासना करना, और न उनके से काम करना, वरन उन मूरतों को पूरी रीति से सत्यानाश कर डालना, और उन लोगों की लाटों के टुकडे टुकडे कर देना।
- Deuteronomy 27:15 व्यवस्थाविवरण 27:15कि शापित हो वह मनुष्य जो कोई मूर्त्ति कारीगर से खुदवाकर वा ढलवाकर निराले स्थान में स्थापन करे, क्योंकि इस से यहोवा को घृणा लगती है। तब सब लोग कहें, आमीन।।
- Numbers 33:52 गिनती 33:52तब उस देश के निवासियों को उनके देश से निकाल देना; और उनके सब नक्काशे पत्थरों को और ढली हुई मूर्तियों को नाश करना, और उनके सब पूजा के ऊंचे स्थानों को ढा देना।
- Exodus 20:4–5 निर्गमन 20:4–5तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है। तू उनको दण्डवत् न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मै तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं,
- Revelation 13:14–15 प्रकाशितवाक्य 13:14–15और उन चिन्हों के कारण जिन्हें उस पशु के साम्हने दिखाने का अधिकार उसे दिया गया था; वह पृथ्वी के रहनेवालों को इस प्रकार भरमाता था, कि पृथ्वी के रहनेवालों से कहता था, कि जिस पशु के तलवार लगी थी, वह जी गया है, उस की मूरत बनाओ। और उसे उस पशु की मूरत में प्राण डालने का अधिकार दिया गया, कि पशु की मूरत बोलने लगे; और जितने लोग उस पशु की मूरत की पूजा न करें, उन्हें मरवा डाले।
- 1 Corinthians 10:19–20 1 कुरिन्थियों 10:19–20फिर मैं क्या कहता हूं? क्या यह कि मूरत का बलिदान कुछ है, या मूरत कुछ है? नहीं, बरन यह, कि अन्यजाति जो बलिदान करते हैं, वे परमेश्वर के लिये नहीं, परन्तु दुष्टात्माओं के लिये बलिदान करते हैं: और मैं नहीं चाहता, कि तुम दुष्टात्माओं के सहभागी हो।
- Jeremiah 10:3–8 यिर्मयाह 10:3–8क्योंकि देशों के लोगों की रीतियां तो निकम्मी हैं। मूरत तो बन में से किसी का काटा हुआ काठ है जिसे कारीगर ने बसूले से बनाया है। लोग उसको सोने- चान्दी से सजाते और हथैड़े से कील ठोंक ठोंककर दुढ़ करते हैं कि वह हिल- डुल न सके। वे खरादकर ताड़ के पेड़ के समान गोल बनाई जाती हैं, पर बोल नहीं सकतीं; उन्हें उठाए फिरना पड़ता है, क्योंकि वे चल नहीं सकतीं। उन से मत डरो, क्योंकि, न तो वे कुछ बुरा कर सकती हैं और न कुछ भला। हे यहोवा, तेरे समान कोई नहीं है; तू महान है, और तेरा नाम पराक्रम में बड़ा है। हे सब जातियों के राजा, तुझ से कौन न डरेगा? क्योंकि यह तेरे योग्य है; अन्यजातियों के सारे बुध्दिमानों में, और उनके सारे राज्यों में तेरे समान कोई नहीं है। परन्तु वे पशु सरीखे निरे मूर्ख हैं; मूर्त्तियों से क्या शिक्षा? वे तो काठ ही हैं!
- Exodus 20:23 निर्गमन 20:23तुम मेरे साथ किसी को सम्मिलित न करना, अर्थात् अपने लिये चान्दी वा सोने से देवताओं को न गढ़ लेना।
- Deuteronomy 16:21–22 व्यवस्थाविवरण 16:21–22तू अपने परमेश्वर यहोवा की जो वेदी बनाऐगा उसके पास किसी प्रकार की लकड़ी की बनी हुई अशेरा का स्थापन न करना। और न कोई लाठ खड़ी करना, क्योंकि उस से तेरा परमेश्वर यहोवा घृणा करता है।।
- Acts 17:29 प्रेरितों के काम 17:29सो परमेश्वर का वंश होकर हमें यह समझता उचित नहीं, कि ईश्वरत्व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पता से गढ़े गए हों।
- Romans 2:22–23 रोमियों 2:22–23तू जो कहता है, व्यभिचार न करना, क्या आप ही व्यभिचार करता है? तू जो मूरतों से घृणा करता है, क्या आप ही मन्दिरों को लूटता है। तू जो व्यवस्था के विषय में घमण्ड करता है, क्या व्यवस्था न मानकर, परमेश्वर का अनादर करता है?