Hosea · chapter 7 · verse 14
Hosea 7:14 in Hindi
वे मन से मेरी दोहाई नहीं देते, परन्तु अपने बिछौने पर पड़े हुए हाय, हाय, करते हैं; वे अन्न और नये दाखमधु पाने के लिये भीड़ लगाते, और मुझ से बलवा करते हैं।
Ve man se meree dohaaee naheem dete, parantu apane bichhaune par pade hue haay, haay, karate haim; ve ann aur naye daakhamadhu paane ke liye bheed lagaate, aur mujh se balavaa karate hain.
Hosea 7:14 in English
- King James Version (KJV)
- And they have not cried unto me with their heart, when they howled upon their beds: they assemble themselves for corn and wine, [and] they rebel against me.
- World English Bible (WEB)
- They haven’t cried to me with their heart, but they howl on their beds. They assemble themselves for grain and new wine. They turn away from me.
- American Standard Version (ASV)
- And they have not cried unto me with their heart, but they howl upon their beds: they assemble themselves for grain and new wine; they rebel against me.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they have not made prayer to me in their hearts, but they make loud cries on their beds; they are cutting themselves for food and wine, they are turned against me.
- Darby Translation (DBY)
- And they cried not unto me in their heart, when they howled upon their beds; they assemble themselves for corn and new wine; they have turned aside from me.
- Webster's Bible (WBS)
- And they have not cried to me with their heart, when they howled upon their beds: they assemble themselves for corn and wine, [and] they rebel against me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And have not cried unto Me with their heart, but howl on their beds, For corn and new wine they assemble themselves, They turn aside against Me.
Read in context
- 12जब वे जाएं, तब उनके ऊपर मैं अपना जाल फैलाऊंगा; मैं उन्हें ऐसा खींच लूंगा जैसे आकाश के पक्षी खींचे जाते हैं; मैं उनको ऐसी ताड़ना दूंगा, जैसी उनकी मण्डली सुन चुकी है।
- 13उन पर हाय, क्योंकि वे मेरे पास से भटक गए! उनका सत्यानाश होए, क्योंकि उन्हों ने मुझ से बलवा किया है! मैं तो उन्हें छुडाता रहा, परन्तु वे मुझ से झूठ बोलते आए हैं।।
- 14वे मन से मेरी दोहाई नहीं देते, परन्तु अपने बिछौने पर पड़े हुए हाय, हाय, करते हैं; वे अन्न और नये दाखमधु पाने के लिये भीड़ लगाते, और मुझ से बलवा करते हैं।
- 15मैं उनको शिक्षा देता रहा और उनकी भुजाओं को बलवन्त करता आया हूं, तौभी वे मेरे विरूद्ध बुरी कल्पना करते हैं।
- 16वे फिरते तो हैं, परन्तु परमप्रधान की ओर नहीं; वे धोखा देनेवाले धनुष के समान हैं; इसलिये उनके हाकिम अपनी क्रोधभरी बातों के कारण तलवार से मारे जाएंगे। मि देश में उनके ठट्ठों में उड़ाए जाने का यही कारण होगा।।
Cross references
- Job 35:9–10 अय्यूब 35:9–10बहुत अन्धेर होने के कारण वे चिल्लाते हैं; और बलवान के बाहुबल के कारण वे दोहाई देते हैं। तौभी कोई यह नहीं कहता, कि मेरा सृजनेवाला ईश्वर कहां है, जो रात में भी गीत गवाता है,
- James 4:3 याकूब 4:3तुम मांगते हो और पाते नहीं, इसलिये कि बुरी इच्छा से मांगते हो, ताकि अपने भोग विलास में उड़ा दो।
- Jeremiah 3:10 यिर्मयाह 3:10इतने पर भी उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा पूर्ण मन से मेरी ओर नहीं फिरी, परन्तु कपट से, यहोवा की यही वाणी है।
- Psalm 78:34–37 भजन संहिता 78:34–37जब जब वह उन्हे घात करने लगता, तब तब वे उसको पूछते थे; और फिरकर ईश्वर को यत्न से खोजते थे। और उनको स्मरण होता था कि परमेश्वर हमारी चट्टान है, और परमप्रधान ईश्वर हमारा छुड़ानेवाला है। तौभी उन्हों ने उस से चापलूसी की; वे उस से झूठ बोले। क्योंकि उनका ह्यदय उसकी ओर दृढ़ न था; न वे उसकी वाचा के विषय सच्चे थे।
- Amos 2:8 आमोस 2:8वे हर एक वेदी के पास बन्धक के वस्त्रों पर सोते हैं, और दण्ड के रूपये से मोल लिया हुआ दाखमधु अपने देवता के घर में पी लेते हैं।।
- Isaiah 29:13 यशायाह 29:13और प्रभु ने कहा, ये लोग जो मुंह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझ से दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं।
- Micah 2:11 मीका 2:11यदि कोई झूठी आत्मा में चलता हुए झूठी और व्यर्थ बातें कहे और कहे कि मैं तुम्हें नित्य दाखमधु और मदिरा के लिये प्रचार सुनाता रहूंगा, तो वही इन लोगों का भविष्यद्वक्ता ठहरेगा।।
- Philippians 3:19 फिलिप्पियों 3:19उन का अन्त विनाश है, उन का ईश्वर पेट है, वे अपनी लज्जा की बातों पर घमण्ड करते हैं, और पृथ्वी की वस्तुओं पर मन लगाए रहते हैं।
- Zechariah 7:5 जकर्याह 7:5सब साधारण लोगों से और याजकों से कह, कि जब तुम इन सत्तर वर्षों के बीच पांचवें और सातवें महीनों में उपवास और विलाप करते थे, तब क्या तुम सचमुच मेरे ही लिये उपवास करते थे?
- Isaiah 65:14 यशायाह 65:14देखो, मेरे दास हर्ष के मारे जयजयकार करेंगे, परन्तु तुम शोक से चिल्लाओगे और खेद के मारे हाय हाय, करोगे।
- Judges 9:27 न्यायियों 9:27और उन्हों ने मैदान में जाकर अपनी अपनी दाख की बारियों के फल तोड़े और उनका रस रौन्दा, और स्तुति का बलिदान कर अपने देवता के मन्दिर में जाकर खाने पीने और अबीमेलेक को कोसने लगे।
- Isaiah 52:5 यशायाह 52:5इसलिये यहोवा की यह वाणी है कि मैं अब यहां क्या करूं जब कि मेरी प्रजा सेंतमेंत हर ली गई है? यहोवा यह भी कहता है कि जो उन पर प्रभुता करते हैं वे उधम मचा रहे हैं, और, मेरे नाम कि निन्दा लगातार दिन भर होती रहती है।