Isaiah · chapter 2 · verse 19
Isaiah 2:19 in Hindi
और जब यहोवा पृथ्वी के कम्पित करने के लिये उठेगा, तब उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे लोग चट्टानों की गुुफाओं और भूमि के बिलों में जा घुसेंगे।।
Aur jab yahovaa pruthvee ke kampit karane ke liye uthegaa, tab usake bhay ke kaaran aur usake prataap ke maare log chattaanom kee guుphaaom aur bhoomi ke bilom mem jaa ghusenge..
Isaiah 2:19 in English
- King James Version (KJV)
- And they shall go into the holes of the rocks, and into the caves of the earth, for fear of the LORD, and for the glory of his majesty, when he ariseth to shake terribly the earth.
- World English Bible (WEB)
- Men shall go into the caves of the rocks, and into the holes of the earth, from before the terror of the LORD, and from the glory of his majesty, when he arises to shake the earth mightily.
- American Standard Version (ASV)
- And men shall go into the caves of the rocks, and into the holes of the earth, from before the terror of Jehovah, and from the glory of his majesty, when he ariseth to shake mightily the earth.
- Bible in Basic English (BBE)
- And men will go into cracks of the rocks, and into holes of the earth, for fear of the Lord, and before the glory of his power, when he comes out of his place, shaking the earth with his strength.
- Darby Translation (DBY)
- And they shall go into the caves of the rocks, and into the holes of the earth, from before the terror of Jehovah, and from the glory of his majesty, when he shall arise to terrify the earth.
- Webster's Bible (WBS)
- And they shall go into the holes of the rocks, and into the caves of the earth, for fear of the LORD, and for the glory of his majesty, when he ariseth to shake terribly the earth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And [men] have entered into caverns of rocks, And into caves of dust, Because of the fear of Jehovah, And because of the honour of His excellency, In His rising to terrify the earth.
Read in context
- 17और मनुष्य का गर्व मिटाया जाएगा, और मनुष्यों का घमण्ड नीचा किया जाएगा; और उस दिन केवल यहोवा ही ऊंचे पर विराजमान रहेगा।
- 18और मूरतें सब की सब नष्ट हो जाएंगी।
- 19और जब यहोवा पृथ्वी के कम्पित करने के लिये उठेगा, तब उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे लोग चट्टानों की गुुफाओं और भूमि के बिलों में जा घुसेंगे।।
- 20उस दिन लोग अपनी चान्दी- सोने की मूरतों को जिन्हें उन्हों ने दण्डवत् करने के लिये बनाया था, छछून्दरों और चमगीदड़ों के आगे फेंकेंगे,
- 21और जब यहोवा पृथ्वी को कम्पित करने के लिये उठेगा तब वे उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे चट्टानों की दरारों ओर पहाड़ियों के छेदों में घुसेंगे।
Cross references
- Isaiah 2:10 यशायाह 2:10यहोवा के भय के कारण और उसके प्रताप के मारे चट्टान में घुस जा, और मिट्टी में छिप जा।
- Luke 23:30 लूका 23:30उस समय वे पहाड़ों से कहने लगेंगे, कि हम पर गिरो, और टीलों से कि हमें ढाँप लो।
- Hosea 10:8 होशे 10:8और आवेन के ऊंचे स्थान जो इस्राएल क पाप है, वे नाश होंगे। उनकी वेदियों पर झड़बेरी, पेड़ और ऊंटकटारे उगेंगे; और उस समय लोग पहाड़ों से कहने लगेंगे, हम को छिपा लो, और टीलों से कि हम पर गिर पड़ो।।
- Isaiah 2:21 यशायाह 2:21और जब यहोवा पृथ्वी को कम्पित करने के लिये उठेगा तब वे उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे चट्टानों की दरारों ओर पहाड़ियों के छेदों में घुसेंगे।
- Haggai 2:6 हाग्गै 2:6क्योंकि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, अब थोड़ी ही देर बाकी है कि मैं आकाश और पृथ्वी और समुद्र और स्थल सब को कम्पित करूंगा।
- Revelation 6:12–15 प्रकाशितवाक्य 6:12–15और जब उस ने छठवीं मुहर खोली, तो मैं ने देखा, कि एक बड़ा भुइंडोल हुआ; और सूर्य कम्मल की नाईं काला, और पूरा चन्द्रमा लोहू का सा हो गया। और आकाश के तारे पृथ्वी पर ऐसे गिर पड़े जैसे बड़ी आन्धी से हिलकर अंजीर के पेड़ में से कच्चे फल झड़ते हैं। और आकाश ऐसा सरक गया, जैसा पत्रा लपेटने से सरक जाता है; और हर एक पहाड़, और टापू, अपने अपने स्थान से टल गया। और पृथ्वी के राजा, और प्रधान, और सरदार, और धनवान और सामर्थी लोग, और हर एक दास, और हर एक स्वतंत्रा, पहाड़ों की खोहों में, और चटानों में जा छिपे।
- Revelation 11:19 प्रकाशितवाक्य 11:19और परमेश्वर का जो मन्दिर स्वर्ग में है, वह खोला गया, और उसके मन्दिर में उस की वाचा का सन्दूक दिखाई दिया, और बिजलियां और शब्द और गर्जन और भुइंडोल हुए, और बड़े बड़े ओले पड़े।।
- Hebrews 12:26 इब्रानियों 12:26उस समय तो उसके शब्द ने पृथ्वी को हिला दिया पर अब उस ने यह प्रतिज्ञा की है, कि एक बार फिर मैं केवल पृथ्वी को नहीं, बरन आकाश को भी हिला दूंगा।
- Jeremiah 16:16 यिर्मयाह 16:16देखो, यहोवा की यह वाणी है कि मै बहुत से मछुओं को बुलवा भेजूंगा कि वे इन लोगों को पकड़ लें, और, फिर मैं बहुत से बहेलियों को बुलवा भेजूंगा कि वे इनको अहेर करके सब पहाड़ों और पहाड़ियों पर से और चट्टानों की दरारों में से निकालें।
- Revelation 20:11 प्रकाशितवाक्य 20:11फिर मैं ने एक बड़ा श्वेत सिंहासन और उस को जो उस पर बैठा हुआ है, देखा, जिस के साम्हने से पृथ्वी और आकाश भाग गए, और उन के लिये जगह न मिली।
- Habakkuk 3:3–14 हबक्कूक 3:3–14ईश्वर तेमान से आया, पवित्रा ईश्वर परान पर्वत से आ रहा है। उसका तेज आकाश पर छाया हुआ है, और पृथ्वी उसकी स्तुति से परिपूर्ण हो गई है।। उसकी ज्योति सूर्य के तुल्य थी, उसके हाथ से किरणे निकल रही थीं; और इन में उसका सामर्थ छिपा हुआ था। उसके आगे आगे मरी फैलती गई, और उसके पांवों से महाज्वर निकलता गया। वह खड़ा होकर पृथ्वी को नाप रहा था; उस ने देखा और जाति जाति के लोग घबरा गए; तब सनातन पर्वत चकनाचूर हो गए, और सनातन की पहाड़ियां झुक गई उसकी गति अनन्त काल से एक सी है। मुझे कूशान के तम्बू में रहनेवाले दु:ख से दबे दिखाई पड़े; और मिद्यान देश के डेरे डगमगा गए। हे यहोवा, क्या तू नदियों पर रिसियाया था? क्या तेरा क्रोध नदियों पर भड़का था, अथवा क्या तेरी जलजलाहट समुद्र पर भड़की थी, जब तू अपने घोड़ों पर और उद्धार करनेवाले विजयी रथों पर चढ़कर आ रहा था? तेरा धनुष खोल में से निकल गया, तेरे दण्ड का वचन शाप के साथ हुआ था। तू ने धरती को नदियों से चीर डाला। पहाड़ तुझे देखकर कांप उठे; आंधी और जलप्रलय निकल गए; गहिरा सागर बोल उठा और अपने हाथों अर्थात् लहरों को ऊपर उठाया। तेरे उड़नेवाले तीरों के चलने की जयोति से, और तेरे चमकीले भाले की झलक के प्रकाश से सूर्य और चन्द्रमा अपने अपने स्थान पर ठहर गए।। तू क्रोध में आकर पृथ्वी पर चल निकला, तू ने जाति जाति को क्रोध से नाश किया। तू अपनी प्रजा के उद्धार के लिये निकला, हां, अपने अभिषिक्त के संग होकर उद्धार के लिये निकला। तू ने दुष्ट के घर के सिर को घायल करके उसे गल से नेव तक नंगा कर दिया। तू ने उसके योद्धाओं के सिरों को उसी की बर्छी से छेदा है, वे मुझ को तितर- बितर करने के लिये बवंडर की आंधी की नाईं आए, और दीन लोगों को घात लगाकर मार डालने की आशा से आनन्दित थे।
- Micah 7:17 मीका 7:17वे सर्प की नाईं मिट्टी चाटेंगी, और भूमि पर रेंगनेवाले जन्तुओं की भांति अपने बिलों में से कांपती हुई निकलेंगी; हे हमारे परमेश्वर यहोवा के पास थरथराती हुई आएंगी, और वे तुझ से डरेंगी।।
Original words (Hebrew)
- go · H935בּוֹא bôwʼ
- holes · H4631מְעָרָה mᵉʻârâh
- rocks · H6697צוּר tsûwr
- caves · H4247מְחִלָּה mᵉchillâh
- earth · H6083עָפָר ʻâphâr
- for · H6440פָּנִים pânîym
- fear · H6343פַּחַד pachad
- glory · H1926הָדָר hâdâr
- majesty · H1347גָּאוֹן gâʼôwn
- ariseth · H6965קוּם qûwm
- terribly · H6206עָרַץ ʻârats
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets