Isaiah · chapter 2 · verse 7
Isaiah 2:7 in Hindi
उनका देश चान्दी और सोने से भरपूर है, और उनके रथ अनगिनित हैं।
Unakaa desh chaandee aur sone se bharapoor hai, aur unake rath anaginit hain.
Isaiah 2:7 in English
- King James Version (KJV)
- Their land also is full of silver and gold, neither [is there any] end of their treasures; their land is also full of horses, neither [is there any] end of their chariots:
- World English Bible (WEB)
- Their land is full of silver and gold, neither is there any end of their treasures. Their land also is full of horses, neither is there any end of their chariots.
- American Standard Version (ASV)
- And their land is full of silver and gold, neither is there any end of their treasures; their land also is full of horses, neither is there any end of their chariots.
- Bible in Basic English (BBE)
- And their land is full of silver and gold, and there is no end to their stores; their land is full of horses, and there is no end to their carriages.
- Darby Translation (DBY)
- And their land is full of silver and gold, and there is no end of their treasures: their land also is full of horses, and there is no end of their chariots.
- Webster's Bible (WBS)
- Their land also is full of silver and gold, neither [is there any] end of their treasures; their land is also full of horses, neither [is there any] end of their chariots:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And its land is full of silver and gold, And there is no end to its treasures, And its land is full of horses, And there is no end to its chariots,
Read in context
- 5हे याकूब के घराने, आ, हम यहोवा के प्रकाश में चलें।।
- 6तू ने अपनी प्रजा याकूब के घराने को त्याग दिया है, क्योंकि वे पूर्वियों के व्यवहार पर तन मन से चलते और पलिश्तियों की नाई टोना करते हैं, और परदेशियों के साथ हाथ मिलाते हैं।
- 7उनका देश चान्दी और सोने से भरपूर है, और उनके रथ अनगिनित हैं।
- 8उनका देश मूरतों से भरा है; वे अपने हाथों की बनाई हुई वस्तुओं को जिन्हें उनहों ने अपनी उंगलियों से संवारा है, दण्डवत् करते हैं।
- 9इस से मनुष्य झुकते, और बड़े मनुष्य प्रणाम करते हैं, इस कारण उनको क्षमा न कर!
Cross references
- Isaiah 30:16 यशायाह 30:16तुम ने कहा, नहीं, हम तो घोड़ों पर चढ़कर भागेंगे, इसलिये तुम भागोगे; और यह भी कहा कि हम तेज सवारी पर चलेंगे, सो तुम्हारा पीछा करनेवाले उस से भी तेज होंगे।
- Deuteronomy 17:16–17 व्यवस्थाविवरण 17:16–17और वह बहुत घोड़े न रखे, और न इस मनसा से अपनी प्रजा के लोगों को मि में भेजे कि उसके पास बहुत से घोड़े हो जाएं, क्योंकि यहोवा ने तुम से कहा है, कि तुम उस मार्ग से फिर कभी न लौटना। और वह बहुत स्त्रियां भी न रखे, ऐसा न हो कि उसका मन यहोवा की ओर से पलट जाए; और न वह अपना सोना रूपा बहुत बढ़ाए।
- Psalm 20:7 भजन संहिता 20:7किसी को रथों को, और किसी को घोड़ों का भरोसा है, परन्तु हम तो अपने परमेश्वर यहोवा ही का नाम लेंगे।
- Isaiah 31:1 यशायाह 31:1हाय उन पर जो सहायता पाने के लिये मि को जाते हैं और घोड़ों का आसरा करते हैं; जो रथों पर भरोसा रखते क्योंकि वे बहुत हैं, और सवारों पर, क्योंकि वे अति बलवान हैं, पर इस्राएल के पवित्रा की ओर दृष्टि नहीं करते और न यहोवा की खोज करते हैं!
- Micah 5:10 मीका 5:10यहोवा की यही वाणी है, उस समय मैं तेरे घोड़ों को तेरे बीच में से नाश करूंगा; और तेरे रथों का विनाश करूंगा।
- Jeremiah 5:27–28 यिर्मयाह 5:27–28जैसा पिंजड़ा चिड़ियों से भरा हो, वैसे ही उनके घर छल से भरे रहते हैं; इसी प्रकार वे बढ़ गए और धनी हो गए हैं। वे मोटे और चिकने हो गए हैं। बुरे कामों में वे सीमा को लांध गए हैं; वे न्याय, विशेष करके अनाथों का न्याय नहीं चुकाते; इस से उनका काम सफल नहीं होता: वे कंगालों का हक़ भी नहीं दिलाते।
- 2 Chronicles 9:20–25 2 इतिहास 9:20–25और रजा सुलैमान के पीने के सब पात्रा सोने के थे, और लबानोनी बन नामक भवन के सब पात्रा भी चोखे सोने के थे; सुलैमान के दिनों में चान्दी का कुछ हिसाब न था। क्योंकि हूराम के जहाजियों के संग राजा के तश श को जानेवाले जहाज थे, और तीन तीन वर्ष के बाद वे तश श के जहाज सोना, चान्दी, हाथीदांत, बन्दर और मोर ले आते थे। यों राजा सुलैमान धन और बुध्दि में पृथ्वी के सब राजाओं से बढ़कर हो गया। और पृथ्वी के सब राजा सुलैमान की उस बुध्दि की बातें सुनने को जो परमेश्वर ने उसके मन में उपजाई थीं उसका दर्शन करना चाहते थे। और वे प्रति वर्ष अपनी अपनी भेंट अर्थात् चान्दी और सोने के पात्रा, वस्त्रा- शस्त्रा, सुगन्धद्ररय, घोड़े और खच्चर ले आते थे। और अपने घेड़ों और रथों के लिये सुलैमान के चार हजार थान और बारह हजार सवार भी थे, जिनको उस ने रथों के नगरों में और यरूशलेम में राजा के पास ठहरा रखा।
- 1 Kings 4:26 1 राजा 4:26फिर उसके रथ के घोड़ों के लिये सुलैमान के चालीस हज़ार थान थे, और उसके बारह हज़ार सवार थे।
- Revelation 18:3 प्रकाशितवाक्य 18:3क्योंकि उसके व्यभिचार के भयानक मदिरा के कारण सब जातियां गिर गई हैं, और पृथ्वी के राजाओं ने उसके साथ व्यभिचार किया है; और पृथ्वी के व्यापारी उसके सुख- विलास की बहुतायत के कारण धनवान हुए हैं।
- James 5:1–3 याकूब 5:1–3हे धनवानों सुन तो लो; तुम अपने आने वाले क्लेशों पर चिल्ला-चिल्लाकर रोओ। तुम्हारा धन बिगड़ गया और तुम्हारे वस्त्रों को कीड़े खा गए। तुम्हारे सोने-चान्दी में काई लग गई है; और वह काई तुम पर गवाही देगी, और आग की नाईं तुम्हारा मांस खा जाएगी: तुम ने अन्तिम युग में धन बटोरा है।
- 1 Kings 10:21–27 1 राजा 10:21–27और राजा सुलैमान के पीने के सब पात्रा सोने के बने थे, और लबानोनी बन नाम भवन के सब पात्रा भी चोखे सोने के थे, चांदी का कोई भी न था। सुलैमान के दिनों में उसका कुछ लेखा न था। क्योंकि समुद्र पर हीराम के जहाजों के साथ राजा भी तश श के जहाज़ रखता था, ओर तीन तीन वर्ष पर तश श के जहाज़ सोना, चांदी, हाथीदांत, बन्दर और मयूर ले आते थे। इस प्रकार राजा सुलैमान, धन और बुध्दि में पृथ्वी के सब राजाओं से बढ़कर हो गया। और समस्त पृथ्वी के लोग उसकी बुध्दि की बातें सुनने को जो परमेश्वर ने मन में उत्पन्न की थीं, सुलैमान का दर्शन पाना चाहते थे। और वे प्रति वर्ष अपनी अपनी भेंट, अर्थात् चांदी और सोने के पात्रा, वस्त्रा, शस्त्रा, सुगन्ध द्ररय, घोड़े, और खच्चर ले आते थे। और सुलैमान ने रथ और सवार इकट्ठे कर लिए, तो उसके चौदह सौ रथ, और बारह हजार सवार हुए, और उनको उस ने रथों के नगरों में, और यरूशलेम में राजा के पास ठहरा रखा। और राजा ने बहुतायत के कारण, यरूशलेम में चांदी को तो ऐसा कर दिया जैसे पत्थर और देवदारू को जैसे नीचे के देश के गूलर।
- Hosea 14:3 होशे 14:3अश्शूर हमारा उद्धार न करेगा, हम घोड़ों पर सवार न होंगे; और न हम फिर अपनी बनाई हुई वस्तुओं से कहेंगे, तुम हमारे ईश्वर हो; क्योंकि अनाथ पर तू ही दया करता है।।