Jeremiah · chapter 5 · verse 27
Jeremiah 5:27 in Hindi
जैसा पिंजड़ा चिड़ियों से भरा हो, वैसे ही उनके घर छल से भरे रहते हैं; इसी प्रकार वे बढ़ गए और धनी हो गए हैं।
Jaisaa pinjadaa chidiyom se bharaa ho, vaise hee unake ghar chhal se bhare rahate haim; isee prakaar ve badh gae aur dhanee ho gae hain.
Jeremiah 5:27 in English
- King James Version (KJV)
- As a cage is full of birds, so [are] their houses full of deceit: therefore they are become great, and waxen rich.
- World English Bible (WEB)
- As a cage is full of birds, so are their houses full of deceit. Therefore they have become great, and grew rich.
- American Standard Version (ASV)
- As a cage is full of birds, so are their houses full of deceit: therefore they are become great, and waxed rich.
- Bible in Basic English (BBE)
- As the fowl-house is full of birds, so are their houses full of deceit: for this reason they have become great and have got wealth.
- Darby Translation (DBY)
- As a cage full of birds, so are their houses full of deceit: therefore they are become great, and have enriched themselves.
- Webster's Bible (WBS)
- As a cage is full of birds, so [are] their houses full of deceit: therefore they have become great, and have grown rich.
- Young's Literal Translation (YLT)
- As a cage full of fowls, So their houses are full of deceit, Therefore they have been great, and are rich.
Read in context
- 25परन्तु तुम्हारे अधर्म के कामों ही के कारण वे रूक गए, और तुम्हारे पापों ही के कारण तुम्हारी भलाई नहीं होती।
- 26मेरी प्रजा में दुष्ट लोग पाए जाते हैं; जैसे चिड़ीमार ताक में रहते हैं, वैसे ही वे भी घात लगाए रहते हैं। वे फन्दा लगाकर मनुष्यों को अपने वश में कर लेते हैं।
- 27जैसा पिंजड़ा चिड़ियों से भरा हो, वैसे ही उनके घर छल से भरे रहते हैं; इसी प्रकार वे बढ़ गए और धनी हो गए हैं।
- 28वे मोटे और चिकने हो गए हैं। बुरे कामों में वे सीमा को लांध गए हैं; वे न्याय, विशेष करके अनाथों का न्याय नहीं चुकाते; इस से उनका काम सफल नहीं होता: वे कंगालों का हक़ भी नहीं दिलाते।
- 29इसलिये, यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं इन बातों का दण्ड न दूं? क्या मैं ऐसी जाति से पलटा न लूं?
Cross references
- Hosea 12:7–8 होशे 12:7–8वह व्योपारी है, और उसके हाथ में छल का तराजू है; अन्धेर करता ही उसको भाता है। एप्रैम कहता है, मैं धनी हो गया, मैं ने सम्पत्ति प्राप्त की है; मेरे किसी काम में ऐसा अधर्म नहीं पाया गया जिस से पाप लगे।
- Revelation 18:2 प्रकाशितवाक्य 18:2उस ने ऊंचे शबद से पुकारकर कहा, कि गिर गया बड़ा बाबुल गिर गया है: और दुष्टात्माओ का निवास, और हर एक अशुद्ध आत्मा का अड्डा, और एक अशुद्ध और घृणित पक्षी का अड्डा हो गया।
- Habakkuk 2:9–11 हबक्कूक 2:9–11हाय उस पर, जो अपने धर के लिये अन्याय के लाभ का लोभी है ताकि वह अपना घोंसला ऊंचे स्थान में बनाकर विपत्ति से बचे। तू ने बहुत सी जातियों को काटकर अपने घर लिये लज्जा की युक्ति बान्धी, और अपने ही प्राण का दोषी ठहरा है। क्योंकि घर की भीत का पत्थर दोहाई देता है, और उसके छत की कड़ी उनके स्वर में स्वर मिलाकर उत्तर देती हैं।
- Jeremiah 9:6 यिर्मयाह 9:6तेरा निवास छल के बीच है; छल ही के कारण वे मेरा ज्ञान नहीं चाहते, यहोवा की यही वाणी है।
- Micah 1:12 मीका 1:12क्योंकि मारोत की रहनेवाली तो कुशल की बाट जोहते- जोहते तड़प गई है, क्योंकि यहोवा की ओर से यरूशलेम के फाटक तक विपत्ति आ पहुंची है।
- Proverbs 1:11–13 नीतिवचन 1:11–13यदि वे कहें, हमारे संग चल कि, हम हत्या करने के लिये घात जगाएं हम निर्दोषों की ताक में रहें; हम अधोलोक की नाईं उनको जीवता, कबर में पड़े हुओं के समान समूचा निगल जाएं; हम को सब प्रकार के अनमोल पदार्थ मिलेंगे, हम अपने घरों को लूट से भर लेंगे;
- Amos 8:4–6 आमोस 8:4–6यह सुनो, तुम जो दरिद्रों को निगलना और देश के नम्र लोगों को नाश करना चाहते हो, जो कहते हो नया चांद कब बीतेगा कि हम अन्न बेच सकें? और विश्रामदिन कब बीतेगा, कि हम अन्न के खत्ते खोलकर एपा को छोटा और शेकेल को भारी कर दें, और छल से दण्डी मारें, कि हम कंगालों केा रूपया देकर, और दरिद्रों को एक जोड़ी जूतियां देकर मोल लें, और निकम्मा अन्न बेचें?
- Micah 6:10–11 मीका 6:10–11क्या अब तक दुष्ट के घर में दुष्टता से पाया हुआ धन और छोटा एपा घृणित नहीं है? क्या मैं कपट का तराजू और घटबढ़ के बटखरों की थैली लेकर पवित्रा ठहर सकता हूं?