Isaiah · chapter 22 · verse 5
Isaiah 22:5 in Hindi
क्योंकि सेनाओं के प्रभु यहोवा का ठहराया हुआ दिन होगा, जब दर्शन की तराई में कोलाहल और रौंदा जाना और बेचैनी होगी; शहरपनाह में सुरंग लगाई जाएगी और दोहाई का शब्द पहाड़ों तक पहुंचेगा।
Kyonki senaaom ke prabhu yahovaa kaa thaharaayaa huaa din hogaa, jab darshan kee taraaee mem kolaahal aur raundaa jaanaa aur bechainee hogee; shaharapanaah mem surang lagaaee jaaegee aur dohaaee kaa shabd pahaadom tak pahunchegaa.
Isaiah 22:5 in English
- King James Version (KJV)
- For [it is] a day of trouble, and of treading down, and of perplexity by the Lord GOD of hosts in the valley of vision, breaking down the walls, and of crying to the mountains.
- World English Bible (WEB)
- For it is a day of confusion, and of treading down, and of perplexity from the Lord, GOD of Armies, in the valley of vision, a breaking down of the walls, and a crying to the mountains.”
- American Standard Version (ASV)
- For it is a day of discomfiture, and of treading down, and of perplexity, from the Lord, Jehovah of hosts, in the valley of vision; a breaking down of the walls, and a crying to the mountains.
- Bible in Basic English (BBE)
- For it is a day of trouble and of crushing down and of destruction from the Lord, the Lord of armies, in the valley of vision; ...
- Darby Translation (DBY)
- For it is a day of trouble, and of treading down, and of perplexity, from the Lord, Jehovah of hosts, in the valley of vision; [a day of] breaking down the wall, and of crying to the mountain:
- Webster's Bible (WBS)
- For [it is] a day of trouble, and of treading down, and of perplexity by the Lord GOD of hosts in the valley of vision, breaking down the walls, and of crying to the mountains.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For a day of noise, and of treading down, And of perplexity, [is] to the Lord, Jehovah of Hosts, In the valley of vision, digging down a wall, And crying unto the mountain.
Read in context
- 3तेरे सब न्यायी एक संग भाग गए और धनुर्धारियों से बान्धे गए हैं। और तेरे जितने शेष पाए गए वे एक संग बान्धे गए, वे दूर भागे थे।
- 4इस कारण मैं ने कहा, मेरी ओर से मुंह फेर लो कि मैं बिलक बिलककर रोऊं; मेरे नगर सत्यनाश होने के शोक में मुझे शान्ति देने का यत्न मत करो।।
- 5क्योंकि सेनाओं के प्रभु यहोवा का ठहराया हुआ दिन होगा, जब दर्शन की तराई में कोलाहल और रौंदा जाना और बेचैनी होगी; शहरपनाह में सुरंग लगाई जाएगी और दोहाई का शब्द पहाड़ों तक पहुंचेगा।
- 6और एलाम पैदलों के दल और सवारों समेत तर्कश बान्धे हुए है, और कीर ढाल खोले हुए है।
- 7तेरी उत्तम उत्तम तराइयां रथों से भरी हुई होंगी और सवार फाटक के साम्हने पांति बान्धेंगे। उस ने यहूदा का घूंघट खोल दिया है।
Cross references
- Lamentations 1:5 विलापगीत 1:5उसके द्रोही प्रधान हो गए, उसके शत्रु उन्नति कर रहे हैं, क्योंकि यहोवा ने उसके बहुत से अपराधों के कारण उसे दु:ख दिया है; उसके बाल-बच्चों को शत्रु हांक हांक कर बंधुआई में ले गए।
- Isaiah 37:3 यशायाह 37:3उन्हों ने उस से कहा, हिजकिरयाह यों कहता है कि आज का दिन संकट और उलहने और निन्दा का दिन है, बच्चे जन्मने पर हुए पर जच्चा को जनने का बल न रहा।
- Isaiah 10:6 यशायाह 10:6मैं उसको एक भक्तिहीन जाति के विरूद्ध भेजूंगा, और जिन लोगों पर मेरा रोष भड़का है उनके विरूद्ध उसको आज्ञा दूंगा कि छीन छान करे और लूट ले, और उनको सड़कों की कीच के समान लताड़े।
- Micah 7:4 मीका 7:4उन में से जो सब से उत्तम है, जो सब से सीधा है, वह कांटेवाले बाड़े से भी बुरा है। तेरे पहरूओं का कहा हुआ दिन, अर्थात् तेरे दण्ड का दिन आ गया है। अब वे शीघ्र चौंधिया जाएंगे।
- Luke 23:30 लूका 23:30उस समय वे पहाड़ों से कहने लगेंगे, कि हम पर गिरो, और टीलों से कि हमें ढाँप लो।
- Isaiah 22:1 यशायाह 22:1दर्शन की तराई के विषय में भारी वचन। तुम्हें क्या हुआ कि तुम सब के सब छतों पर चढ़ गए हो,
- Jeremiah 30:7 यिर्मयाह 30:7हाय, हाय, वह दिन क्या ही भारी होगा! उसके समान और कोई दिन नहीं; वह याकूब के संकट का समय होगा; परन्तु वह उस से भी छुड़ाया जाएगा।
- Lamentations 2:2 विलापगीत 2:2यहोवा ने याकूब की सब बस्तियों को निठुरता से नष्ट किया है; उस ने रोष में आकर यहूदा की पुत्री के दृढ़ गढ़ों को ढाकर मिट्टी में मिला दिया है; उस ने हाकिमों समेत राज्य को अपवित्रा ठहराया है।
- Hosea 10:8 होशे 10:8और आवेन के ऊंचे स्थान जो इस्राएल क पाप है, वे नाश होंगे। उनकी वेदियों पर झड़बेरी, पेड़ और ऊंटकटारे उगेंगे; और उस समय लोग पहाड़ों से कहने लगेंगे, हम को छिपा लो, और टीलों से कि हम पर गिर पड़ो।।
- Amos 5:18–20 आमोस 5:18–20हाय तुम पर, जो यहोवा के दिन की अभिलाषा करते हो! यहोवा के दिन से तुम्हारा क्या लाभ होगा? वह जो उजियाले का नहीं, अन्धियारे का दिन होगा। जैसा कोई सिंह से भागे और उसे भालू मिले; वा घर में आकर भीत पर हाथ टेके और सांप उसको डसे। क्या यह सच नहीं है कि यहोवा का दिन उजियाले का नहीं, वरन अन्धियारे ही का होगा? हां, ऐसे घोर अन्धकार का जिस में कुछ भी चमक न हो।।
- 2 Kings 19:3 2 राजा 19:3उन्हों ने उस से कहा, हिजकिरयाह यों कहता है, आज का दिन संकट, और उलहने, और निन्दा का दिन है; बच्चे जन्मने पर हुए पर जच्चा को जन्म देने का बल न रहा।
- Isaiah 25:10 यशायाह 25:10क्योंकि इस पर्वत पर यहोवा का हाथ सर्वदा बना रहेगा और मोआब अपने ही स्थान में ऐसा लताड़ा जाएगा जैसा घूरे में पुआल लताड़ा जाता है।
Original words (Hebrew)
- day · H3117יוֹם yôwm
- trouble · H4103מְהוּמָה mᵉhûwmâh
- down · H4001מְבוּסָה mᵉbûwçâh
- perplexity · H3998מְבוּכָה mᵉbûwkâh
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- valley · H1516גַּיְא gayʼ
- vision · H2384חִזָּיוֹן chizzâyôwn
- breaking · H6979קוּר qûwr
- walls · H7023קִיר qîyr
- crying · H7771שׁוֹעַ shôwaʻ
- mountains · H2022הַר har