Isaiah · chapter 34 · verse 4
Isaiah 34:4 in Hindi
आकाश के सारे गण जाते रहेंगे और आकाश कागज की नाई लपेटा जाएगा। और जैसे दाखलता वा अंजीर के वृक्ष के पत्ते मुर्झाकर गिर जाते हैं, वैसे ही उसके सारे गण धुंधले होकर जाते रहेंगे।।
Aakaash ke saare gan jaate rahenge aur aakaash kaagaj kee naaee lapetaa jaaegaa. Aur jaise daakhalataa vaa anjeer ke vruksh ke patte murjhaakar gir jaate haim, vaise hee usake saare gan dhundhale hokar jaate rahenge..
Isaiah 34:4 in English
- King James Version (KJV)
- And all the host of heaven shall be dissolved, and the heavens shall be rolled together as a scroll: and all their host shall fall down, as the leaf falleth off from the vine, and as a falling [fig] from the fig tree.
- World English Bible (WEB)
- All of the army of the sky will be dissolved. The sky will be rolled up like a scroll, and all its armies will fade away, as a leaf fades from off a vine or a fig tree.
- American Standard Version (ASV)
- And all the host of heaven shall be dissolved, and the heavens shall be rolled together as a scroll; and all their host shall fade away, as the leaf fadeth from off the vine, and as a fading [leaf] from the fig-tree.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the heavens will be rolled together like the roll of a book: and all their army will be gone, like a dead leaf from the vine, or a dry fruit from the fig-tree.
- Darby Translation (DBY)
- And all the host of the heavens shall be dissolved, and the heavens shall be rolled together as a scroll; and all their host shall fade away, as a leaf fadeth from off the vine, and as the withered [fruit] from the fig-tree.
- Webster's Bible (WBS)
- And all the host of heaven shall be dissolved, and the heavens shall be rolled together as a scroll: and all their hosts shall fall down, as the leaf falleth from the vine, and as a falling [fig] from the fig-tree.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And consumed have been all the host of the heavens, And rolled together as a book have been the heavens, And all their hosts do fade, As the fading of a leaf of a vine, And as the fading one of a fig-tree.
Read in context
- 2यहोवा सब जातियों पर क्रोध कर रहा है, और उनकी सारी सेना पर उसकी जलजलाहट भड़की हुई है, उस ने उनको सत्यानाश होने, और संहार होने को छोड़ दिया है।
- 3उनके मारे हुए फेंक दिये जाएंगे, और उनकी लोथों की दुर्गन्ध उठेगी; उनके लोहू से पहाड़ गल जाएंगे।
- 4आकाश के सारे गण जाते रहेंगे और आकाश कागज की नाई लपेटा जाएगा। और जैसे दाखलता वा अंजीर के वृक्ष के पत्ते मुर्झाकर गिर जाते हैं, वैसे ही उसके सारे गण धुंधले होकर जाते रहेंगे।।
- 5क्योंकि मेरी तलवार आकाश में पीकर तृप्त हुई है; देखो, वह न्याय करने को एदोम पर, और जिन पर मेरा शाप है उन पर पड़ेगी।
- 6यहोवा की तलवार लोहू से भर गई है, वह चर्बी से और भेड़ों के बच्चों और बकरों के लोहू से, और मेढ़ों के गुर्दों की चर्बी से तृप्त हुई है। क्योंकि बोस्रा नगर में यहोवा का एक यज्ञ और एदोम देश में बड़ा संहार हुआ है।
Cross references
- Revelation 6:13–14 प्रकाशितवाक्य 6:13–14और आकाश के तारे पृथ्वी पर ऐसे गिर पड़े जैसे बड़ी आन्धी से हिलकर अंजीर के पेड़ में से कच्चे फल झड़ते हैं। और आकाश ऐसा सरक गया, जैसा पत्रा लपेटने से सरक जाता है; और हर एक पहाड़, और टापू, अपने अपने स्थान से टल गया।
- Matthew 24:29 मत्ती 24:29उन दिनों के क्लेश के बाद तुरन्त सूर्य अन्धियारा हो जाएगा, और चान्द का प्रकाश जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पड़ेंगे और आकाश की शक्तियां हिलाई जाएंगी।
- Joel 3:15 योएल 3:15सूर्य और चन्द्रमा अपना अपना प्रकाश न देंगे, और न तारे चमकेंगे।।
- Ezekiel 32:7–8 यहेजकेल 32:7–8जिस समय मैं तुझे मिटाने लगूं, उस समय मैं आकाश को ढांपूंगा और तारों को धुन्धला कर दूंगा; मैं सूर्य को बादल से छिपाऊंगा, और चन्द्रमा अपना प्रकाश न देगा। आकाश में जितनी प्रकाशमान ज्योतियां हैं, उन सब को मैं तेरे कारण धुन्धला कर दूंगा, और तेरे देश में अन्धकार कर दूंगा, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- 2 Peter 3:7–12 2 पतरस 3:7–12पर वर्तमान काल के आकाश और पृथ्वी उसी वचन के द्वारा इसलिये रखे हैं, कि जलाए जाएं; और वह भक्तिहीन मनुष्यों के न्याय और नाश होने के दिन तक ऐसे ही रखे रहेंगे।। हे प्रियों, यह एक बात तुम से छिपी न रहे, कि प्रभु के यहां एक दिन हजार वर्ष के बराबर है, और हजार वर्ष एक दिन के बराबर हैं। प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; बरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्व बहुत ही तप्त होकर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाएेंगे। तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलनेवाली हैं, तो तुम्हें पवित्रा चालचलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए। और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्त होकर गल जाएंगे।
- Psalm 102:25–26 भजन संहिता 102:25–26आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और आकाश तेरे हाथों का बनाया हुआ है। वह तो नाश होगा, परन्तु तू बना रहेगा; और वह सब कपड़े के समान पुराना हो जाएगा। तू उसको वस्त्रा की नाई बदलेगा, और वह तो बदल जाएगा;
- Mark 13:24–25 मरकुस 13:24–25उन दिनों में, उस क्लेश के बाद सूरज अन्धेरा हो जाएगा, और चान्द प्रकाश न देगा। और आकाश से तारागण गिरने लगेंगे: और आकाश की शक्तियां हिलाई जाएंगेी।
- Jeremiah 4:23–24 यिर्मयाह 4:23–24मैं ने पृथ्वी पर देखा, वह सूनी और सुनसान पड़ी थी; और आकाश को, और उस में कोई ज्योति नहीं थी। मैं ने पहाड़ों को देखा, मे हिल रहे थे, और सब पहाड़ियों को कि वे डोल रही थीं।
- Matthew 24:35 मत्ती 24:35आकाश और पृथ्वी टल जाएंगे, परन्तु मेरी बातें कभी न टलेंगी।
- Revelation 8:12 प्रकाशितवाक्य 8:12और चौथे स्वर्गदूत ने तुरही फूंकी, और सूर्य की एक तिहाई, और चान्द की एक तिहाई और तारों की एक तिहाई पर आपत्ति आई, यहां तक कि उन का एक तिहाई अंग अन्धेरा हो गया और दिन की एक तिहाई में उजाला न रहा, और वैसे ही रात में भी।।
- Joel 2:30–31 योएल 2:30–31और मैं आकाश में और पृथ्वी पर चमत्कार, अर्थात् लोहू और आग और धूएं के खम्भे दिखाऊंगा। यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहिले सूर्य अन्धियारा होगा और चन्द्रमा रक्त सा हो जाएगा।
- Isaiah 13:10 यशायाह 13:10क्योंकि आकाश के तारागण और बड़े बड़े नक्षत्रा अपना प्रकाश न देंगे, और सूर्य उदय होते होते अन्धेरा हो जाएगा, और चन्द्रमा अपना प्रकाश न देगा।
Original words (Hebrew)
- host · H6635צָבָא tsâbâʼ
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- dissolved · H4743מָקַק mâqaq
- heavens · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- together · H1556גָּלַל gâlal
- scroll · H5612סֵפֶר çêpher
- host · H6635צָבָא tsâbâʼ
- down · H5034נָבֵל nâbêl
- leaf · H5929עָלֶה ʻâleh
- off · H5034נָבֵל nâbêl
- vine · H1612גֶּפֶן gephen
- falling · H5034נָבֵל nâbêl
- tree · H8384תְּאֵן tᵉʼên