Psalms · chapter 102 · verse 25
Psalm 102:25 in Hindi
आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और आकाश तेरे हाथों का बनाया हुआ है।
Aadi mem too ne pruthvee kee nev daalee, aur aakaash tere haathom kaa banaayaa huaa hai.
Psalm 102:25 in English
- King James Version (KJV)
- Of old hast thou laid the foundation of the earth: and the heavens [are] the work of thy hands.
- World English Bible (WEB)
- Of old, you laid the foundation of the earth. The heavens are the work of your hands.
- American Standard Version (ASV)
- Of old didst thou lay the foundation of the earth; And the heavens are the work of thy hands.
- Bible in Basic English (BBE)
- In the past you put the earth on its base, and the heavens are the work of your hands.
- Darby Translation (DBY)
- Of old hast thou founded the earth, and the heavens are the work of thy hands:
- Webster's Bible (WBS)
- Of old hast thou laid the foundation of the earth: and the heavens [are] the work of thy hands.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Beforetime the earth Thou didst found, And the work of Thy hands [are] the heavens.
Read in context
- 23उस ने मुझे जीवन यात्रा में दु:ख देकर, मेरे बल और आयु को घटाया।
- 24मैं ने कहा, हे मेरे ईश्वर, मुझे आधी आयु में न उठा ले, मेरे वर्ष पीढ़ी से पीढ़ी तक बने रहेंगे!
- 25आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और आकाश तेरे हाथों का बनाया हुआ है।
- 26वह तो नाश होगा, परन्तु तू बना रहेगा; और वह सब कपड़े के समान पुराना हो जाएगा। तू उसको वस्त्रा की नाई बदलेगा, और वह तो बदल जाएगा;
- 27परन्तु तू वहीं है, और तेरे वर्षों का अन्त नहीं होने का।
Cross references
- Genesis 1:1 उत्पत्ति 1:1आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की।
- Exodus 20:11 निर्गमन 20:11क्योंकि छ: दिन में यहोवा ने आकाश, और पृथ्वी, और समुद्र, और जो कुछ उन में है, सब को बनाया, और सातवें दिन विश्राम किया; इस कारण यहोवा ने विश्रामदिन को आशीष दी और उसको पवित्रा ठहराया।।
- Hebrews 1:10–12 इब्रानियों 1:10–12और यह कि, हे प्रभु, आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और स्वर्ग तेरे हाथों की कारीगरी है। वे तो नाश हो जाएंगे; परन्तु तू बना रहेगा: और वे सब वस्त्रा की नाई पुराने हो जाएंगे। और तू उन्हें चादर की नाईं लपेटेगा, और वे वस्त्रा की नाई बदल जाएंगे: पर तू वही है और तेरे वर्षों का अन्त न होगा।
- Jeremiah 32:17 यिर्मयाह 32:17हे प्रभु यहोवा, तू ने बड़े सामर्थ और बढ़ाई हुई भुजा से आकाश और पृथ्वी को बनाया है! तेरे लिये कोई काम कठिन नहीं है।
- Hebrews 3:3–4 इब्रानियों 3:3–4क्योंकि वह मूसा से इतना बढ़कर महिमा के योग्य समझा गया है, जितना कि घर बनानेवाला घर से बढ़कर आदर रखता है। क्योंकि हर एक घर का कोई न कोई बनानेवाला होता है, पर जिस ने सब कुछ बनाया वह परमेश्वर है।
- Genesis 2:1 उत्पत्ति 2:1यों आकाश और पृथ्वी और उनकी सारी सेना का बनाना समाप्त हो गया।
- Job 38:4–7 अय्यूब 38:4–7जब मैं ने पृथ्वी की नेव डाली, तब तू कहां था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे। उसकी नाप किस ने ठहराई, क्या तू जानता है उस पर किस ने सूत खींचा? उसकी नेव कौन सी वस्तु पर रखी गई, वा किस ने उसके कोने का पत्थर लिठाया, जब कि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्रा जयजयकार करते थे?
- Psalm 96:5 भजन संहिता 96:5क्योंकि देश देश के सब देवता तो मूरतें ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है।
- Proverbs 8:23–36 नीतिवचन 8:23–36मैं सदा से वरन आदि ही से पृथ्वी की सृष्टि के पहिले ही से ठहराई गई हूं। जब न तो गहिरा सागर था, और न जल के सोते थे तब ही से मैं उत्पन्न हुई। जब पहाड़ वा पहाड़ियां स्थिर न की गई थीं, जब यहोवा ने न तो पृथ्वी और न मैदान, न जगत की धूलि के परमाणु बनाए थे, इन से पहिले मैं उत्पन्न हुई। जब उस ने अकाश को स्थिर किया, तब मैं वहां थी, जब उस ने गहिरे सागर के ऊपर आकाशमण्डल ठहराया, जब उस ने आकाशमण्डल को ऊपर से स्थिर किया, और गहिरे सागर के सोते फूटने लगे, जब उस ने समुद्र का सिवाना ठहराया, कि जल उसकी आज्ञा का उल्लंघन न कर सके, और जब वह पृथ्वी की नेव की डोरी लगाता था, तब मैं कारीगर सी उसके पास थी; और प्रति दिन मैं उसकी प्रसन्नता थी, और हस समय उसके साम्हने आनन्दित रहती थी। मैं उसकी बसाई हुई पृथ्वी से प्रसन्न थी और मेरा सुख मनुष्यों की संगति से होता था।। इसलिये अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो; क्या ही धन्य हैं वे जो मेरे मार्ग को पकड़े रहते हैं। शिक्षा को सुनो, और बुद्धिमान हो जाओ, उसके विषय में अनसुनी न करो। क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो मेरी सुनता, वरन मेरी डेवढ़ी पर प्रति दिन खड़ा रहता, और मेरे द्वारों के खंभों के पास दृष्टि लगाए रहता है। क्योंकि जो मुझे पाता है, वह जीवन को पाता है, और यहोवा उस से प्रसन्न होता है। परन्तु जो मेरा अपराध करता है, वह अपने ही पर उपद्रव करता है; जितने मुझ से बैर रखते वे मृत्यु से प्रीति रखते हैं।।