Isaiah · chapter 36 · verse 12
Isaiah 36:12 in Hindi
रबशाके ने कहा, क्या मेरे स्वामी ने मुझे तेरे स्वामी ही के वा तुम्हारे ही पास ये बातें कहने को भेजा है? क्या उस ने मुझे उन लोगों के पास नहीं भेजा जो शहरपनाह पर बैठे हैं जिन्हें तुम्हारे संग अपनी विष्ठा खाना और अपना मूत्रा पीना पड़ेगा?
Rabashaake ne kahaa, kyaa mere svaamee ne mujhe tere svaamee hee ke vaa tumhaare hee paas ye baatem kahane ko bhejaa hai? Kyaa us ne mujhe un logom ke paas naheem bhejaa jo shaharapanaah par baithe haim jinhem tumhaare sang apanee vishthaa khaanaa aur apanaa mootraa peenaa padegaa?
Isaiah 36:12 in English
- King James Version (KJV)
- But Rabshakeh said, Hath my master sent me to thy master and to thee to speak these words? [hath he] not [sent me] to the men that sit upon the wall, that they may eat their own dung, and drink their own piss with you?
- World English Bible (WEB)
- But Rabshakeh said, “Has my master sent me only to your master and to you, to speak these words, and not to the men who sit on the wall, who will eat their own dung and drink their own urine with you?”
- American Standard Version (ASV)
- But Rabshakeh said, Hath my master sent me to thy master, and to thee, to speak these words? [hath he] not [sent me] to the men that sit upon the wall, to eat their own dung, and to drink their own water with you?
- Bible in Basic English (BBE)
- But the Rab-shakeh said, Is it to your master or to you that my master has sent me to say these words? has he not sent me to the men seated on the wall? for they are the people who will be short of food with you when the town is shut in.
- Darby Translation (DBY)
- And Rab-shakeh said, Is it to thy master and to thee that my master sent me to speak these words? Is it not to the men that sit on the wall, that they may eat their own dung, and drink their own urine with you?
- Webster's Bible (WBS)
- But Rabshakeh said, Hath my master sent me to thy master and to thee to speak these words? [hath he] not [sent me] to the men that sit upon the wall, that they may devour their vilest excretions with you?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Rabshakeh saith, 'Unto thy lord, and unto thee, hath my lord sent me to speak these words? is it not for the men — those sitting on the wall to eat their own dung and to drink their own water with you?'
Read in context
- 10क्या मैं ने यहोवा के बिना कहे इस देश को उजाड़ने के लिये चढ़ाई की है? यहोवा ने मुझ से कहा है, उस देश पर चढ़ाई करके उसे उजाड़ दे।।
- 11तब एल्याकीम, शेब्ना और योआह ने रबशाके से कहा, अपने दासों से अरामी भाषा में बात कर क्योंकि हम उसे समझते हैं; हम से यहूदी भाषा में शहरपनाह पर बैठे हुए लोगों के सुनते बातें न कर।
- 12रबशाके ने कहा, क्या मेरे स्वामी ने मुझे तेरे स्वामी ही के वा तुम्हारे ही पास ये बातें कहने को भेजा है? क्या उस ने मुझे उन लोगों के पास नहीं भेजा जो शहरपनाह पर बैठे हैं जिन्हें तुम्हारे संग अपनी विष्ठा खाना और अपना मूत्रा पीना पड़ेगा?
- 13तब रबशाके ने खड़े होकर यहूदी भाषा में ऊंचे शब्द से कहा, महाराजाधिराज अश्शूर के राजा की बातें सुनो!
- 14राजा यों कहता है, हिजकिरयाह तुम को धोखा न दे, क्योंकि वह तुम्हें बचा न सकेगा।
Cross references
- 2 Kings 18:27 2 राजा 18:27रबशाके ने उन से कहा, क्या मेरे स्वामी ने मुझे तुम्हारे स्वामी ही के, वा तुम्हारे ही पास ये बातें कहने को भेजा है? क्या उस ने मुझे उन लोगों के पास नहीं भेजा, जो शहरपनाह पर बैठे हैं, ताकि नुम्हारे संग उनको भी अपनी बिष्ठा खाना और अपना मूत्रा पीना पड़े?
- Leviticus 26:29 लैव्यव्यवस्था 26:29और तुम को अपने बेटों और बेटियों का मांस खाना पड़ेगा।
- Jeremiah 19:9 यिर्मयाह 19:9और घिर जाने और उस सकेती के समय जिस में उनके प्राण के शत्रु उन्हें डाल देंगे, मैं उनके बेटे-बेटियों का मांस उन्हें खिलाऊंगा और एक दूसरे का भी मांस खिलाऊंगा।
- 2 Kings 6:25–29 2 राजा 6:25–29तब शोमरोन में बड़ा अकाल पड़ा और वह ऐसा घिरा रहा, कि अन्त में एक गदहे का सिर चान्दी के अस्सी टुकड़ों में और कब की चौथाई भर कबूतर की बीट पांच टुकड़े चान्दी तक बिकने लगी। और इस्राएल का राजा शहरपनाह पर टहल रहा था, कि एक स्त्री ने पुकार के उस से कहा, हे प्रभु, हे राजा, बचा। उस ने कहा, यदि यहोवा तुझे न बचाए, तो मैं कहां से तुझे बचाऊं? क्या खलिहान में से, वा दाखरस के कुण्ड में से? फिर राजा ने उस से पूछा, तुझे क्या हुआ? उस ने उत्तर दिया, इस स्त्री ने मुझ से कहा था, मुझे अपना बेटा दे, कि हम आज उसे खा लें, फिर कल मैं अपना बेटा दूंगी, और हम उसे भी खाएंगी। तब मेरे बेटे को पकाकर हम ने खा लिया, फिर दूसरे दिन जब मैं ने इस से कहा कि अपना बेटा दे कि हम उसे खा लें, तब इस ने अपने बेटे को छिपा रखा।
- Lamentations 4:9–10 विलापगीत 4:9–10तलवार के मारे हुए भूख के मारे हुओं से अधिक अच्छे थे जिनका प्राण खेत की उपज बिना भूख के मारे सूखता जाता हे। दयालु स्त्रियों ने अपने ही हाथों से अपने बच्चों को पकाया है; मेरे लोगों के विनाश के समय वे ही उनका आहार बन गए।
- Ezekiel 4:16 यहेजकेल 4:16फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं यरूशलेम में अन्नरूपी आधार को दूर करूंगा; सो वहां के लोग तौल तोलकर और चिन्ता कर करके रोटी खाया करेंगे; और माप मापकर और विस्मित हो होकर पानी पिया करेंगे।
- Deuteronomy 28:53–57 व्यवस्थाविवरण 28:53–57तब घिर जाने और उस सकेती के समय जिस में तेरे शत्रु तुझ को डालेंगे, तू अपने निज जन्माए बेटे- बेटियों का मांस जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को देगा खाएगा। और तुझ में जो पुरूष कोमल और अति सुकुमार हो वह भी अपने भाई, और अपनी प्राणप्यारी, और अपने बचे हुए बालकों को क्रूर दृष्टि से देखेगा; और वह उन में से किसी को भी अपने बालकों के मांस में से जो वह आप खाएगा कुछ न देगा, क्योंकि घिर जाने और उस सकेती में, जिस में तेरे शत्रु तेरे सारे फाटकों के भीतर तुझे घेर डालेंगे, उसके पास कुछ न रहेगा। और तुझ में जो स्त्री यहां तक कोमल और सुकुमार हो कि सुकुमारपन के और कोमलता के मारे भूमि पर पांव धरते भी डरती हो, वह भी अपने प्राणप्रिय पति, और बेटे, और बेटी को, अपनी खेरी, वरन अपने जने हुए बच्चों को क्रूर दृष्टि से देखेगी, क्योंकि घिर जाने और सकेती के समय जिस में तेरे शत्रु तुझे तेरे फाटकों के भीतर घेरकर रखेंगे, वह सब वस्तुओं की घटी के मारे उन्हें छिप के खाएगी।
- Isaiah 9:20 यशायाह 9:20वे दहिनी ओर से भोजनवस्तु छीनकर भी भूखे रहते, और बायें ओर से खाकर भी तृप्त नहीं होते; उन में से प्रत्येक मनुष्य अपनी अपनी बांहों का मांस खाता है,
Original words (Hebrew)
- Rabshakeh · H7262רַבְשָׁקֵה Rabshâqêh
- said · H559אָמַר ʼâmar
- master · H113אָדוֹן ʼâdôwn
- sent · H7971שָׁלַח shâlach
- master · H113אָדוֹן ʼâdôwn
- speak · H1696דָבַר dâbar
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- men · H582אֱנוֹשׁ ʼĕnôwsh
- sit · H3427יָשַׁב yâshab
- wall · H2346חוֹמָה chôwmâh
- eat · H398אָכַל ʼâkal
- dung · H2716חֶרֶא chereʼ
- drink · H8354שָׁתָה shâthâh
- piss · H4325מַיִם mayim