Isaiah · chapter 41 · verse 7
Isaiah 41:7 in Hindi
बढ़ई सोनार को और हथौड़े से बराबर करनेवाला निहाई पर मारनेवाले को यह कहकर हियाव बन्धा रहा है, जोड़ तो अच्छी है, सो वह कील ठोंक ठोंककर उसको ऐसा दृढ़ करता है कि वह स्थिर रहे।।
Badhaee sonaar ko aur hathaude se baraabar karanevaalaa nihaaee par maaranevaale ko yah kahakar hiyaav bandhaa rahaa hai, jod to achchhee hai, so vah keel thonk thonkakar usako aisaa drudh karataa hai ki vah sthir rahe..
Isaiah 41:7 in English
- King James Version (KJV)
- So the carpenter encouraged the goldsmith, [and] he that smootheth [with] the hammer him that smote the anvil, saying, It [is] ready for the sodering: and he fastened it with nails, [that] it should not be moved.
- World English Bible (WEB)
- So the carpenter encourages the goldsmith. He who smooths with the hammer encourages him who strikes the anvil, saying of the soldering, “It is good;” and he fastens it with nails, that it might not totter.
- American Standard Version (ASV)
- So the carpenter encourageth the goldsmith, [and] he that smootheth with the hammer him that smiteth the anvil, saying of the soldering, It is good; and he fasteneth it with nails, that it should not be moved.
- Bible in Basic English (BBE)
- So the metal-worker put heart into the gold-worker, and he who was hammering the metal smooth said kind words to the iron-worker, saying of the plate, It is ready: and he put it together with nails, so that there might be no slipping.
- Darby Translation (DBY)
- And the artizan encouraged the founder, he that smootheth [with] the hammer him that smiteth on the anvil, saying of the soldering, It is good; and he fasteneth it with nails, that it be not moved.
- Webster's Bible (WBS)
- So the carpenter encouraged the goldsmith, [and] he that smootheth [with] the hammer him that smote the anvil, saying, It [is] ready for the sodering: and he fastened it with nails, [that] it should not be moved.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And strengthen doth an artisan the refiner, A smoother [with] a hammer, Him who is beating [on] an anvil, Saying, 'For joining it [is] good,' And he strengtheneth it with nails, it is not moved!
Read in context
- 5द्वीप देखकर डरते हैं, पृथ्वी के दूर देश कांप उठे और निकट आ गए हैं।
- 6वे एक दूसरे की सहायता करते हैं और उन में से एक अपने भाई से कहता है, हियाव बान्ध!
- 7बढ़ई सोनार को और हथौड़े से बराबर करनेवाला निहाई पर मारनेवाले को यह कहकर हियाव बन्धा रहा है, जोड़ तो अच्छी है, सो वह कील ठोंक ठोंककर उसको ऐसा दृढ़ करता है कि वह स्थिर रहे।।
- 8हे मेरे दास इस्राएल, हे मेरे चुने हुए याकूब, हे मेरे प्रेमी इब्राहीम के वंश;
- 9तू जिसे मैं ने पृथ्वी के दूर दूर देशों से लिया और पृथ्वी की छोर से बुलाकर यह कहा, तू मेरा दास है, मैं ने तुझे चुला है और तजा नहीं;
Cross references
- Isaiah 40:19–20 यशायाह 40:19–20मूरत! कारीगर ढालता है, सोनार उसको सोने से मढ़ता और उसके लिये चान्दी की सांकलें ढालकर बनाता है। जो कंगाल इतना अर्पण नहीं कर सकता, वह ऐसा वृक्ष चुन लेता है जो न घुने; तब एक निपुण कारीगर ढूंढकर मूरत खुदवाता और उसे ऐसा स्थिर कराता है कि वह हिल न सके।।
- Daniel 3:1–7 दानिय्येल 3:1–7नबूकदनेस्सर राजा ने सोने की एक मूरत बनवाई, जिनकी ऊंचाई साठ हाथ, और चौड़ाई छ: हाथ की थी। और उस ने उसको बाबुल के प्रान्त के दूरा नाम मैदान में खड़ा कराया। तब नबूकदनेस्सर राजा ने अधिपतियों, हाकिमों, गवर्नरों, जजों, खजांनचियों, न्यायियों, शास्त्रियों, आदि प्रान्त- प्रान्त के सब अधिकारियों को बुलवा भेजा कि वे उस मूरत की प्रतिष्ठा में आएं जो उस ने खड़ी कराई थी। तब अधिपति, हाकिम, गर्वनर, जज, खजांनची, न्यायी, शास्त्री आदि प्रान्त- प्रान्त के सब अधिकारी नबूकदनेस्सर राजा की खड़ी कराई हुई मूरत की प्रतिष्ठा के लिये इकट्ठे हुए, और उस मूरत के साम्हने खड़े हुए। तब ढिंढोरिये ने ऊंचे शब्द से पुकारकर कहा, हे देश- देश और जाति- जाति के लोगों, और भिन्न भिन्न भाषा बोलनेवालो, तुम को यह आज्ञा सुनाई जाती है कि, जिस समय तुम नरसिंगे, बांसुली, वीणा, सारंगी, सितार, शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुनो, तुम उसी समय गिरकर नबूकदनेस्सर राजा की खड़ी कराई हुए सोने की मूरत को दण्डवत् करो। और जो कोई गिरकर दण्डवत् न करेगा वह उसी घड़ी धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाल दिया जाएगा। इस कारण उस समय ज्यों ही सब जाति के लोगों को नरसिंगे, बांसुली, वीणा, सारंगी, सितार शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुन पड़ा, त्यों ही देश- देश और जाति- जाति के लोगों और भिन्न- भिन्न भाषा बोलनेवालों ने गिरकर उस सोने की मूरत को जो नबूकदनेस्सर राजा ने खड़ी कराई थी, दण्डवत् की।।
- Isaiah 46:6–7 यशायाह 46:6–7जो थैली से सोना उण्डेलते वा कांटे में चान्दी तौलते हैं, जो सुनार को मजदुरी देकर उस से देवता बनवाले हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन दण्डवत् भी करते हैं! वे उसको कन्धे पर उठाकर लिए फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।।
- Judges 18:17–18 न्यायियों 18:17–18और जो पांच मनुष्य देश का भेद लेने गए थे, उन्होंने वहां घुसकर उस खुदी हुई मूरत, और एपोद, और गृहदेवताओं, और ढली हुई मूरत को ले लिया, और वह पुरोहित फाटक में उन हथियार बान्धे हुए छ: सौ पुरूषों के संग खड़ा था। जब वे पांच मनुष्य मीका के घर में घुसकर खुदी हुई मूरत, एपोद, गृहदेवता, और ढली हुई मूरत को ले आए थे, तब पुरोहित ने उन से पूछा, यह तुम क्या करते हो?
- Judges 18:24 न्यायियों 18:24उसने कहा, तुम तो मेरे बनवाए हुए देवताओं और पुरोहित को ले चले हो; फिर मेरे पास क्या रह गया? तो तुम मुझ से क्यों पूछते हो? कि तुझे क्या हुआ है?
- Isaiah 44:12–15 यशायाह 44:12–15लोहार एक बसूला अंगारों मे बनाता और हथौड़ों से गढ़कर तैयार करता है, अपने भुजबल से वह उसको बनाता है; फिर वह भूखा हो जाता है और उसका बल घटता है, वह पानी नहीं पीता और थक जाता है। बढ़ई सूत लगाकर टांकी से रखा करता है और रन्दनी से काम करता और परकार से रेखा खींचता है, वह उसका आकार और मनुष्य की सी सुन्दरता बनाता है ताकि लोग उस घर में रखें। वह देवदार को काटता वा वन के वृक्षों में से जाति जाति के बांजवृक्ष चुनकर सेवता है, वह एक तूस का वृक्ष लगाता है जो वर्षा का जल पाकर बढ़ता है। तब वह मनुष्य के ईंधन के काम में आता है; वह उस में से कुछ सुलगाकर तापता है, वह उसको जलाकर रोटी बनाता है; उसी से वह देवता भी बनाकर उसको दण्डवत् करता है; वह मूरत खुदवाकर उसके साम्हने प्रणाम करता है।
- Jeremiah 10:3–5 यिर्मयाह 10:3–5क्योंकि देशों के लोगों की रीतियां तो निकम्मी हैं। मूरत तो बन में से किसी का काटा हुआ काठ है जिसे कारीगर ने बसूले से बनाया है। लोग उसको सोने- चान्दी से सजाते और हथैड़े से कील ठोंक ठोंककर दुढ़ करते हैं कि वह हिल- डुल न सके। वे खरादकर ताड़ के पेड़ के समान गोल बनाई जाती हैं, पर बोल नहीं सकतीं; उन्हें उठाए फिरना पड़ता है, क्योंकि वे चल नहीं सकतीं। उन से मत डरो, क्योंकि, न तो वे कुछ बुरा कर सकती हैं और न कुछ भला।
- Jeremiah 10:9 यिर्मयाह 10:9पत्तर बनाई हुई चान्दी तश श से लाई जाती है, और उफाज से सोना। वे कारीगर और सुनार के हाथों की कारीगरी हैं; उनके पहिरावे नीले और बैंजनी रंग के वस्त्रा हैं; उन में जो कुछ है वह निपुण कारीगरों की कारीगरी ही है।
Original words (Hebrew)
- carpenter · H2796חָרָשׁ chârâsh
- encouraged · H2388חָזַק châzaq
- goldsmith · H6884צָרַף tsâraph
- smootheth · H2505חָלַק châlaq
- hammer · H6360פַּטִּישׁ paṭṭîysh
- smote · H1986הָלַם hâlam
- anvil · H6471פַּעַם paʻam
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- ready · H2896טוֹב ṭôwb
- sodering · H1694דֶּבֶק debeq
- fastened · H2388חָזַק châzaq
- nails · H4548מַסְמֵר maçmêr
- moved · H4131מוֹט môwṭ