Isaiah · chapter 45 · verse 13
Isaiah 45:13 in Hindi
मैं ही ने उस पुरूष को धार्मिकता से उभारा है और मैं उसके सब मार्गों को सीधा करूंगा; वह मेरे नगर को फिर बसाएगा और मेरे बंधुओं को बिना दाम या बदला लिए छुड़ा देगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।।
Maim hee ne us puroosh ko dhaarmikataa se ubhaaraa hai aur maim usake sab maargom ko seedhaa karoongaa; vah mere nagar ko phir basaaegaa aur mere bandhuom ko binaa daam yaa badalaa lie chhudaa degaa, senaaom ke yahovaa kaa yahee vachan hai..
Isaiah 45:13 in English
- King James Version (KJV)
- I have raised him up in righteousness, and I will direct all his ways: he shall build my city, and he shall let go my captives, not for price nor reward, saith the LORD of hosts.
- World English Bible (WEB)
- I have raised him up in righteousness, and I will make all his ways straight. He shall build my city, and he shall let my exiles go free, not for price nor reward,” says the LORD of Armies.
- American Standard Version (ASV)
- I have raised him up in righteousness, and I will make straight all his ways: he shall build my city, and he shall let my exiles go free, not for price nor reward, saith Jehovah of hosts.
- Bible in Basic English (BBE)
- I have sent him out to overcome the nations, and I will make all his ways straight: I will give him the work of building my town, and he will let my prisoners go free, without price or reward, says the Lord of armies.
- Darby Translation (DBY)
- It is I that have raised him up in righteousness, and I will make all his ways straight: he shall build my city, and he shall let go my captives, not for price nor reward, saith Jehovah of hosts.
- Webster's Bible (WBS)
- I have raised him up in righteousness, and I will direct all his ways: he shall build my city, and he shall let go my captives, not for price nor reward, saith the LORD of hosts.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have stirred him up in righteousness, And all his ways I make straight, He doth build My city, and My captivity doth send out, Not for price, nor for bribe, said Jehovah of Hosts.
Read in context
- 11यहोवा जो इस्राएल का पवित्रा और उसका बनानेवाला है, वह यों कहता है, क्या तुम आनेवाली घटनाएं मुझ से पूछोगे? क्या मेरे पुत्रों और मेरे कामों के विषय मुझे आज्ञा दोगे?
- 12मैं ही ने पृथ्वी को बनाया और उसके ऊपर मनुष्यों को सृजा है; मैं ने अपने ही हाथों से आकाश को ताना और उसके सारे गणों कों आज्ञा दी है।
- 13मैं ही ने उस पुरूष को धार्मिकता से उभारा है और मैं उसके सब मार्गों को सीधा करूंगा; वह मेरे नगर को फिर बसाएगा और मेरे बंधुओं को बिना दाम या बदला लिए छुड़ा देगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।।
- 14यहोवा यों कहता है, मिस्त्रियों की कमाई और कूशियों के ब्योपार का लाभ और सबाई लोग जो डील- डौलवाले हैं, तेरे पास चले आएंगे, और तेरे ही हो जाएंगे, वे तेरे पीछे पीछे चलेंगे; वे सांकलों में बन्धे हुए चले आएंगे और तेरे साम्हने दण्डवत् कर तुझ से बिनती करके कहेंगे, निश्चय परमेश्वर तेरे ही साथ है और दूसरा कोई नहीं; उसके सिवाय कोई और परमेश्वर नहीं।।
- 15हे इस्राएल के परमेश्वर, हे उद्धारकर्त्ता! निश्चय तू ऐसा ईश्वर है जो अपने को गुप्त रखता है।
Cross references
- Isaiah 41:2 यशायाह 41:2किस ने पूर्व दिशा से एक को उभारा है, जिसे वह धर्म के साथ अपने पांव के पास बुलाता है? वह जातियों को उसके वश में कर देता और उसको राजाओं पर अधिकारी ठहराता है; उसकी तलवार वह उन्हें धूल के समान, और उसके धनुष से उड़ाए हुए भूसे के समान कर देता है।
- 2 Chronicles 36:22–23 2 इतिहास 36:22–23फारस के राजा कूस्रू के पहिले वर्ष में यहोवा ने उसके मन को उभारा कि जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो। इसलिये उस ने अपने समस्त राज्य में यह प्रचार करवाया, और इस आशय की चिटि्ठयां लिखवाई, कि फारस का राजा कू्रस्रू कहता है, कि स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा ने पृथ्वी भर का राज्य मुझे दिया है, और उसी ने मुझे आज्ञा दी है कि यरूशलेम जो यहूदा में है उस में मेरा एक भवन बनवा; इसलिये हे उसकी प्रजा के सब लोगो, तुम में से जो कोई चाहे कि उसका परमेश्वर यहोवा उसके साथ रहे, तो वह वहां रवाना हो जाए।
- Isaiah 13:17 यशायाह 13:17देखो, मैं उनके विरूद्ध मादी लोगों को उभारूंगा जो न तो चान्दी का कुछ विचार करेंगे और न सोने का लालच करेंगे।
- Isaiah 41:25 यशायाह 41:25मैं ने एक को उत्तर दिशा से उभारा, वह आ भी गया है; वह पूर्व दिशा से है और मेरा नाम लेता है; जैसा कुम्हार गिली मिट्टी को लताड़ता है, वैसा ही वह हाकिमों को कीच के समान लताड़ देगा।
- Isaiah 49:25 यशायाह 49:25तौभी यहोवा यों कहता है, हां, वीर के बंधुए उस से छीन लिए जांएगे, और बलात्कारी का शिकार उसके हाथ से छुड़ा लिया जाएगा, क्योंकि जो तुझ से लड़ते हैं उन से मैं आप मुक मा लडूंगा, और तेरे लड़केबालों का मैं उद्धार करूंगा।
- Isaiah 42:6 यशायाह 42:6मुझ यहोवा ने तुझ को धर्म से बुला लिया है; मैं तेरा हाथ थाम कर तेरी रक्षा करूंगा; मैं तुझे प्रजा के लिये वाचा और जातियों के लिये प्रकाश ठहराऊंगा; कि तू अन्धों की आंखें खोले,
- Isaiah 46:11 यशायाह 46:11मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सुफल भी करूंगा।
- 1 Peter 1:18–19 1 पतरस 1:18–19क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ। पर निर्दोष और निष्कलंक मेम्ने अर्थात मसीह के बहुमूल्य लोहू के द्वारा हुआ।
- Isaiah 48:14–15 यशायाह 48:14–15तुम सब के सब इकट्ठे होकर सुनो! उन में से किस ने कभी इन बातों का समाचार दिया? यहोवा उस से प्रेम रखता है: वह बाबुल पर अपनी इच्छा पूरी करेगा, और कसदियों पर उसका हाथ पड़ेगा। मैं ने, हां मैं ही ने कहा और उसको बुलाया है, मैं उसको ले आया हूं, और, उसका काम सुफल होगा।
- Isaiah 52:2–3 यशायाह 52:2–3अपने ऊपर से धूल झाड़ दे, हे यरूशलेम, उठ; हे सिरयोन की बन्दी बेटी अपने गले के बन्धन को खोल दे।। क्योंकि यहोवा यों कहता है, तुम जो सेंतमेंत बिक गए थे, इसलिये अब बिना रूपया दिए छुड़ाए भी जाओगे।
- Isaiah 52:5 यशायाह 52:5इसलिये यहोवा की यह वाणी है कि मैं अब यहां क्या करूं जब कि मेरी प्रजा सेंतमेंत हर ली गई है? यहोवा यह भी कहता है कि जो उन पर प्रभुता करते हैं वे उधम मचा रहे हैं, और, मेरे नाम कि निन्दा लगातार दिन भर होती रहती है।
Original words (Hebrew)
- up · H5782עוּר ʻûwr
- righteousness · H6664צֶדֶק tsedeq
- direct · H3474יָשַׁר yâshar
- ways · H1870דֶּרֶךְ derek
- build · H1129בָּנָה bânâh
- city · H5892עִיר ʻîyr
- go · H7971שָׁלַח shâlach
- captives · H1546גָּלוּת gâlûwth
- price · H4242מְחִיר mᵉchîyr
- reward · H7810שַׁחַד shachad
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ