2 Chronicles · chapter 36 · verse 22
2 Chronicles 36:22 in Hindi
फारस के राजा कूस्रू के पहिले वर्ष में यहोवा ने उसके मन को उभारा कि जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो। इसलिये उस ने अपने समस्त राज्य में यह प्रचार करवाया, और इस आशय की चिटि्ठयां लिखवाई,
Phaaras ke raajaa koosroo ke pahile varsh mem yahovaa ne usake man ko ubhaaraa ki jo vachan yirmayaah ke munh se nikalaa thaa, vah pooraa ho. Isaliye us ne apane samast raajy mem yah prachaar karavaayaa, aur is aashay kee chiti్thayaam likhavaaee,
2 Chronicles 36:22 in English
- King James Version (KJV)
- Now in the first year of Cyrus king of Persia, that the word of the LORD [spoken] by the mouth of Jeremiah might be accomplished, the LORD stirred up the spirit of Cyrus king of Persia, that he made a proclamation throughout all his kingdom, and [put it] also in writing, saying,
- World English Bible (WEB)
- Now in the first year of Cyrus king of Persia, that the LORD’s word by the mouth of Jeremiah might be accomplished, the LORD stirred up the spirit of Cyrus king of Persia, so that he made a proclamation throughout all his kingdom, and put it also in writing, saying,
- American Standard Version (ASV)
- Now in the first year of Cyrus king of Persia, that the word of Jehovah by the mouth of Jeremiah might be accomplished, Jehovah stirred up the spirit of Cyrus king of Persia, so that he made a proclamation throughout all his kingdom, and [put it] also in writing, saying,
- Bible in Basic English (BBE)
- Now in the first year of Cyrus, king of Persia, in order that the words which the Lord had said by the mouth of Jeremiah might come true, the spirit of Cyrus, king of Persia, was moved by the Lord, and he made a public statement and had it given out through all his kingdom and put in writing, saying,
- Darby Translation (DBY)
- And in the first year of Cyrus king of Persia, that the word of Jehovah by the mouth of Jeremiah might be accomplished, Jehovah stirred up the spirit of Cyrus king of Persia, and he made a proclamation throughout his kingdom, and also in writing, saying,
- Webster's Bible (WBS)
- Now in the first year of Cyrus king of Persia, that the word of the LORD [spoken] by the mouth of Jeremiah might be accomplished, the LORD stirred up the spirit of Cyrus king of Persia, that he made a proclamation throughout all his kingdom, and [put it] also in writing, saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And in the first year of Cyrus king of Persia, at the completion of the word of Jehovah in the mouth of Jeremiah, hath Jehovah waked up the spirit of Cyrus king of Persia, and he causeth an intimation to pass over into all his kingdom, and also in writing, saying,
Read in context
- 20और जो तलवार से बच गए, उन्हें वह बाबेल को ले गया, और फारस के राज्य के प्रबल होने तक वे उसके और उसके बेटों- पोतों के आधीन रहे।
- 21यह सब इसलिये हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में मुख भोगता रहे। इसलिये जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।
- 22फारस के राजा कूस्रू के पहिले वर्ष में यहोवा ने उसके मन को उभारा कि जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो। इसलिये उस ने अपने समस्त राज्य में यह प्रचार करवाया, और इस आशय की चिटि्ठयां लिखवाई,
- 23कि फारस का राजा कू्रस्रू कहता है, कि स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा ने पृथ्वी भर का राज्य मुझे दिया है, और उसी ने मुझे आज्ञा दी है कि यरूशलेम जो यहूदा में है उस में मेरा एक भवन बनवा; इसलिये हे उसकी प्रजा के सब लोगो, तुम में से जो कोई चाहे कि उसका परमेश्वर यहोवा उसके साथ रहे, तो वह वहां रवाना हो जाए।
Cross references
- Jeremiah 25:12 यिर्मयाह 25:12जब सत्तर वर्ष बीत चुकें, तब मैं बाबुल के राजा और उस जाति के लोगों और कसदियों के देश के सब निवासियों को अर्ध्म का दण्ड दूंगा, यहोवा की यह वाणी है; और उस देश को सदा के लिये उजाड़ दूंगा।
- Ezra 1:1–3 एज्रा 1:1–3फारस के राजा कु ू के पहिले वर्ष में यहोवा ने फारस के राजा कु ू का मन उभारा कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था वह पूरा हो जाए, इसलिये उस ने अपने समस्त राज्य में यह प्रचार करवाया और लिखवा भी दिया: कि फारस का राजा कु ू यों कहता है: कि स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा ने पृथ्वी भर का राज्य मुझे दिया है, और उस ने मुझे आज्ञा दी, कि यहूदा के यरूशलेम में मेरा एक भवन बनवा। उसकी समस्त प्रजा के लोगों में से तुम्हारे मध्य जो कोई हो, उसका परमेश्वर उसके साथ रहे, और वह यहूदा के यरूशलेम को जाकर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का भवन बनाए - जो यरूशलेम में है वही परमेश्वर है।
- Jeremiah 29:10 यिर्मयाह 29:10यहोवा यों कहता है कि वाबुल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूंगा, और अपना यह मनभवना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊंगा, पूरा करूंगा।
- 2 Chronicles 36:21 2 इतिहास 36:21यह सब इसलिये हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में मुख भोगता रहे। इसलिये जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।
- Jeremiah 33:10–14 यिर्मयाह 33:10–14यहोवा यों कहता है, यह स्थान जिसके विषय तुम लोग कहते हो कि यह तो उजाड़ हो गया है, इस में न तो मनुष्य रह गया है और न पशु, अर्थात यहूदा देश के नगर और यरूशलेम की सड़कें जो ऐसी सुनसान पड़ी हैं कि उन में न तो कोई मनुष्य रहता है और न कोई पशु, इन्हीं में हर्ष और आनन्द का शब्द, दुल्हे-दुल्हिन का शब्द, और इस बात के कहने वालों का शब्द फिर सुनाईं पड़ेगा कि सेनाओं के यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि यहोवा भला है, और उसकी करुणा सदा की है। और यहोवा के भवन में धन्यवादबलि लाने वालों का भी शब्द सुनाईं देगा; क्योंकि मैं इस देश की दशा पहिले की नाईं ज्यों की त्यों कर दूंगा, यहोवा का यही वचन है। सेनाओं का यहोवा कहता है: सब गांवों समेत यह स्थान जो ऐसा उजाड़ है कि इस में न तो मनुष्य रह गया है और न पशु, इसी में भेड़-बकरियां बैठाने वाले चरवाहे फिर बसेंगे। पहाड़ी देश में और नीचे के देश में, दक्खिन देश के नगरों में, बिन्यामीन देश में, और यरूशलेम के आस पास, निदान यहूदा देश के सब नगरों में भेड़-बकरियां फिर गिन-गिनकर चराई जाएंगी, यहोवा का यही वचन हे। यहोवा की यह भी वाणी है, देख, ऐसे दिन आने वाले हैं कि कल्याण का जो वचन मैं ने इस्राएल और यहूदा के घरानों के विषय में कहा है, उसे पूरा करूंगा।
- Isaiah 13:17–18 यशायाह 13:17–18देखो, मैं उनके विरूद्ध मादी लोगों को उभारूंगा जो न तो चान्दी का कुछ विचार करेंगे और न सोने का लालच करेंगे। वे तीरों से जवानों को मारेंगे, और बच्चों पर कुछ दया न करेंगे, वे लड़कों पर कुछ तरस न खाएंगे।
- Ezra 1:5 एज्रा 1:5तब यहूदा और बिन्यामीन के जितने पितरों के घरानों के मुख्य पुरूषों और याजकों ओर लेवियों का मन परमेश्वर ने उभारा था कि जाकर यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनाएं, वे सब उठ खड़े हुए;
- Daniel 10:1 दानिय्येल 10:1फारस देश के राजा कु ू के राज्य के तीसरे वर्ष में दानिरयेल पर, जो बेलतशस्सर भी कहलाता है, एक बात प्रगट की गई। और वह बात सच थी कि बड़ा युद्ध होगा। उस ने इस बात को बूझ लिया, और उसको इस देखी हुई बात की समझ आ गई।।
- Jeremiah 32:42–44 यिर्मयाह 32:42–44देख, यहोवा यों कहता है कि जैसे मैं ने अपनी इस प्रजा पर यह सब बड़ी विपत्ति डाल दी, वैसे ही निश्चय इन से वह सब भलाई भी करूंगा जिसके करने का वचन मैं ने दिया हे। सो यह देश जिसके विषय तुम लोग कहते हो कि यह उजाड़ हो गया है, इस में न तो मनुष्य रह गए हैं और न पशु, यह तो कसदियों के वश में पड़ चुका है, इसी में फिर से खेत मोल लिए जाएंगे, और बिन्यामीन के देश में, यरूशलेम के आस पास, और यहूदा देश के अर्थात पहाड़ी देश, नीचे के देश और दक्खिन देश के नगरों में लोग गवाह बुला कर खेत मोल लेंगे, और दस्तावेज़ में दस्तखत और मुहर करेंगे; क्योंकि मैं उनके दिनों को लौटा ले आऊंगा; यहोवा की यही वाणी है।
- 1 Kings 11:23 1 राजा 11:23फिर परमेश्वर ने उसका एक और शत्रु कर दिया, अर्थात् एल्यादा के पुत्रा रजोन को, वह तो अपने स्वामी सोबा के राजा हददेजेर के पास से भागा था;
- 2 Chronicles 30:5 2 इतिहास 30:5तब उन्हों ने यह ठहरा दिया, कि बेर्शेबा से लेकर दान के सारे इस्राएलियों में यह प्रचार किया जाय, कि यरूशलेम में इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के लिये फसह मनाने को चले आओ; क्योंकि उन्हों ने इतनी बड़ी संख्या में उसको इस प्रकार न मनाया था जैसा कि लिखा है।
Original words (Hebrew)
- first · H259אֶחָד ʼechâd
- year · H8141שָׁנֶה shâneh
- Cyrus · H3566כּוֹרֶשׁ Kôwresh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Persia · H6539פָּרַס Pâraç
- word · H1697דָּבָר dâbâr
- mouth · H6310פֶּה peh
- Jeremiah · H3414יִרְמְיָה Yirmᵉyâh
- accomplished · H3615כָּלָה kâlâh
- up · H5782עוּר ʻûwr
- spirit · H7307רוּחַ rûwach
- Cyrus · H3566כּוֹרֶשׁ Kôwresh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Persia · H6539פָּרַס Pâraç
- proclamation · H5674עָבַר ʻâbar
- kingdom · H4438מַלְכוּת malkûwth
- writing · H4385מִכְתָּב miktâb
- saying · H559אָמַר ʼâmar