Isaiah · chapter 47 · verse 7
Isaiah 47:7 in Hindi
तू ने कहा, मैं सर्वदा स्वामिन बनी रहूंगी, सो तू ने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।।
Too ne kahaa, maim sarvadaa svaamin banee rahoongee, so too ne apane man mem in baatom par vichaar na kiyaa aur yah bhee na sochaa ki unakaa kyaa phal hogaa..
Isaiah 47:7 in English
- King James Version (KJV)
- And thou saidst, I shall be a lady for ever: [so] that thou didst not lay these [things] to thy heart, neither didst remember the latter end of it.
- World English Bible (WEB)
- You said, ‘I will be a princess forever,’ so that you didn’t lay these things to your heart, nor did you remember the results.
- American Standard Version (ASV)
- And thou saidst, I shall be mistress for ever; so that thou didst not lay these things to thy heart, neither didst remember the latter end thereof.
- Bible in Basic English (BBE)
- And you said, I will be a queen for ever: you did not give attention to these things, and did not keep in mind what would come after.
- Darby Translation (DBY)
- and thou saidst, I shall be a mistress for ever; so that thou didst not take these things to heart, thou didst not remember the end thereof.
- Webster's Bible (WBS)
- And thou saidst, I shall be a lady for ever: [so] that thou didst not lay these [things] to thy heart, neither didst remember the latter end of it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And thou sayest, 'To the age I am mistress,' While thou hast not laid these things to thy heart, Thou hast not remembered the latter end of it.
Read in context
- 5हे कसदियों की बेटी, चुपचाप बैठी रह और अन्धियारे में जो; क्योंकि तू अब राज्य राज्य की स्वामिन न कहलाएगी।
- 6मैं ने अपनी प्रजा से क्रोधित होकर अपने निज भाग को अपवित्रा ठहराया और तेरे वश में कर दिया; तू न उन पर कुछ दया न की; बूढ़ों पर तू ने अपना अत्यन्त भारी जूआ रख दिया।
- 7तू ने कहा, मैं सर्वदा स्वामिन बनी रहूंगी, सो तू ने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।।
- 8इसलिये सुन, तू जो राग- रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा की नाईं न बैठूंगी और न मेरे लड़केबोल मिटेंगे।
- 9सुन, ये दोनों दु:ख अर्थात् लड़कों का जाता रहता और विधवा हो जाना, अचानक एक ही दिन तुझ पर आ पडेंगे। तेरे बहुत से टोनों और तेरे भारी भारी तन्त्रा- मन्त्रों के रहते भी ये तुझ पर अपने पूरे बल से आ पड़ेंगे।।
Cross references
- Deuteronomy 32:29 व्यवस्थाविवरण 32:29भला होता कि ये बुद्धिमान होते, कि इसको समझ लेते, और अपने अन्त का विचार करते!
- Isaiah 47:5 यशायाह 47:5हे कसदियों की बेटी, चुपचाप बैठी रह और अन्धियारे में जो; क्योंकि तू अब राज्य राज्य की स्वामिन न कहलाएगी।
- Jeremiah 5:31 यिर्मयाह 5:31भचिष्यद्वक्ता झूठमूठ भविष्यद्वाणी करते हैं; और याजक उनके सहारे से प्रभुता करते हैं; मेरी प्रजा को यह भाता भी है, परन्तु अन्त के समय तुम क्या करोगे?
- Ezekiel 29:3 यहेजकेल 29:3यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, हे मिस्र के राजा फिरौन, मैं तेरे विरुद्ध हूँ, हे बड़े नगर, तू जो अपनी नदियों के बीच पड़ा रहता है, जिसने कहा है कि मेरी नदी मेरी निज की है, और मैं ही ने उसको अपने लिये बनाया है।
- Daniel 4:29 दानिय्येल 4:29बारह महीने बीतने पर जब वह बाबुल के राजभवन की छत पर टहल रहा था, तब वह कहने लगा,
- Ezekiel 7:3–9 यहेजकेल 7:3–9तेरा अन्त भी आ गया, और मैं अपना कोप तुझ पर भड़काकर तेरे चालचलन के अनुसार तुझे दण्ड दूंगा; और तेरे सारे घिनौने कामों का फल तुझे दूंगा। मेरी दयादृष्टि तुझ पर न होगी, और न मैं कोतलता करूंगा; और जब तक तेरे घिनौने पाप तुझ में बने रहेंगे तब तक मैं तेरे चालचलन का फल तुझे दूंगा। तब तू जान लेगा कि मैं यहोवा हूँ। प्रभु यहोवा यों कहता है, विपत्ति है, एक बड़ी विपत्ति है! देखो, वह आती है। अन्त आ गया है, सब का अन्त आया है; वह तेरे विरूद्ध जागा है। देखो, वह आता है। हे देश के निवासी, तेरे लिये चक्र घूम चुका, समय आ गया, दिन निकट है; पहाड़ों पर आनन्द के शब्द का दिन नहीं, हुल्लड़ ही का होगा। अब थोड़े दिनों में मैं अपनी जलजलाहट तुझ पर भड़काऊंगा, और तुझ पर पूरा कोप उण्डेलूंगा और तेरे चालचलन के अनुसार तुझे दण्ड दूंगा। और तेरे सारे घिनौने कामों का फल तुझे भुगताऊंगा। मेरी दयादृष्टि तुझ पर न होगी और न मैं तुझ पर कोपलता करूंगा। मैं तेरी चालचलन का फल तुझे भुगताऊंगा, और तेरे घिनौने पाप तुझ में बने रहेंगे। तब तुम जान लोगे कि मैं यहोवा दण्ड देनेवाला हूँ।
- Isaiah 46:8–9 यशायाह 46:8–9हे अपराधियों, इस बात को स्मरण करो और ध्यान दो, इस पर फिर मन लगाओ। प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है; क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है।
- Ezekiel 28:2 यहेजकेल 28:2हे मनुष्य के सन्तान, सोर के प्रधान से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि तू ने मन में फूलकर यह कहा है, मैं ईश्वर हूँ, मैं समुद्र के बीच परमेश्वर के आसन पर बैठा हूँ, परन्तु, यद्यपि तू अपने आपको परमेश्वर सा दिखाता है, तौभी तू ईश्वर नहीं, मनुष्य ही है।
- Ezekiel 28:12–14 यहेजकेल 28:12–14हे मनुष्य के सन्तान, सोर के राजा के विषय में विलाप का गीत बनाकर उस से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू तो उत्तम से भी उत्तम है; तू बुद्धि से भरपूर और सर्वांग सुन्दर है। तू परमेश्वर की एदेन नाम बारी में था; तेरे पास आभूषण, माणिक, पद्मराग, हीरा, फीरोज़ा, सुलैमानी मणि, यशब, तीलमणि, मरकद, और लाल सब भांति के मणि और सोने के पहिरावे थे; तेरे डफ और बांसुलियां तुझी में बनाई गई थीं; जिस दिन तू सिरजा गया था; उस दिन वे भी तैयार की गई थीं। तू छानेवाला अभिषिक्त करूब था, मैं ने तुझे ऐसा ठहराया कि तू परमेश्वर के पवित्रा पर्वत पर रहता था; तू आग सरीखे चमकनेवाले मणियों के बीच चलता फिरता था।
- Daniel 5:18–23 दानिय्येल 5:18–23हे राजा, परमप्रधान परमेश्वर ने तेरे पिता नबूकदनेस्सर को राज्य, बड़ाई, प्रतिष्ठा और प्रताप दिया था; और उस बड़ाई के कारण जो उस ने उसको दी थी, देश- देश और जाति जाति के सब लोग, और भिन्न- भिन्न भाषा बोलनेवाले उसके साम्हने कांपते और थरथराते थे, जिसे वह चाहता उसे वह घात करता था, और जिसको वह चाहता उसे वह जीवित रखता था जिसे वह चाहता उसे वह ऊंचा पद देता था, और जिसको वह चाहता उसे वह गिरा देता था। परन्तु जब उसका मन फूल उठा, और उसकी आत्मा कठोर हो गई, यहां तक कि वह अभिमान करने लगा, तब वह अपने राजसिंहासन पर से उतारा गया, और उसकी प्रतिष्ठा भंग की गई; वह मनुष्यों में से निकाला गया, और उसका मन पशुओं का सा, और उसका निवास जंगली गदहों के बीच हो गया; वह बैलों की नाईं घास चरता, और उसका शरीर आकाश की ओस से भीगा करता था, जब तक कि उस ने जान न लिया कि परमप्रधान परमशॆवर मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है और जिसे चाहता उसी को उस पर अधिकारी ठहराता है। तौभी, हे बेलशस्सर, तू जो उसका पुत्रा है, और यह सब कुछ जानता था, तौभी तेरा मन नम्र न हुआ। वरन तू ने स्वर्ग के प्रभु के विरूद्ध सिर उठाकर उसके भवन के पात्रा मंगवाकर अपने साम्हने धरवा लिए, और अपने प्रधानों और रानियों और रखेलियों समेत तू ने उन में दाखमधु पिया; और चान्दी- सोने, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवता, जो न देखते न सुनते, न कुछ जानते हैं, उनकी तो स्तुति की, परन्तु परमेश्वर, जिसके हाथ में तेरा प्राण है, और जिसके वश में तेरा सब चलना फिरना है, उसका सन्मान तू ने नहीं किया।।
- Isaiah 42:25 यशायाह 42:25इस काण उस पर उस ने अपने क्रोध की आग भड़काई और युद्ध का बल चलाना; और यद्यिप आग उसके चारों ओर लग गई, तौभी वह न समझा; वह जल भी गया, तौभी न चेता।।